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Amethi News: 15 दिन पहले रेल ट्रैक पर मिले शव की पहचान
Fri, 14 Feb 2025 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 14 Feb 2025 12:50 AM IST
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संग्रामपुर (अमेठी)। थाना क्षेत्र से गुजरने वाले लखनऊ-वाराणसी रेल ट्रैक पर 15 दिन पूर्व मिले शव की पहचान बुधवार को हुई है। इसके बाद परिजन हत्या करने की आंशका जता रहे हैं।
संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ठेंगहा मालती नदी पुल के पास रेल ट्रैक के किनारे 28 जनवरी की सुबह एक युवक का शव मिला था। उस दौरान पहचान नहीं हो पाई तो पुलिस ने 72 घंटे बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम करवाया था। बुधवार को गूंजीपुर गांव निवासी प्रभावती ने बेटे के लापता होने की शिकायत की। पुलिस ने प्रभावती को अज्ञात युवक के कपड़े, जूते व फोटो दिखाई तो उन्होंने मृतक की पहचान अपने लापता बेटे हरिभजन के रूप में की। प्रभावती ने बेटे की हत्या करने की आशंका जाहिर की।
बताया कि हरिभजन विदेश में नौकरी करता था। ढाई महीने पहले घर आया था। 27 जनवरी की शाम वह खेत जाने के लिए घर से निकला और लौट कर घर नहीं आया। सप्ताहभर तक उसके फोन पर घंटी जाती रही है। अंतिम बार एक व्यक्ति फोन उठाया और मोटी आवाज में रांग नंबर कहकर फोन काट दिया। तब से फोन बंद बताने लगा।
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बहन क्रांति का आरोप है कि भाई का मोबाइल पुलिस को मौके पर नहीं मिला। उसके नंबर की जांच की जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। भाई को बुलाकर साजिश के तहत हत्या की गई है। एसएचओ संदीप राय ने बताया कि परिजन आए थे। कपड़े व फोटो से शव की पहचान करके चले गए। परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नही दी है। मामले की जांच की जा रही है।
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संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ठेंगहा मालती नदी पुल के पास रेल ट्रैक के किनारे 28 जनवरी की सुबह एक युवक का शव मिला था। उस दौरान पहचान नहीं हो पाई तो पुलिस ने 72 घंटे बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम करवाया था। बुधवार को गूंजीपुर गांव निवासी प्रभावती ने बेटे के लापता होने की शिकायत की। पुलिस ने प्रभावती को अज्ञात युवक के कपड़े, जूते व फोटो दिखाई तो उन्होंने मृतक की पहचान अपने लापता बेटे हरिभजन के रूप में की। प्रभावती ने बेटे की हत्या करने की आशंका जाहिर की।
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बताया कि हरिभजन विदेश में नौकरी करता था। ढाई महीने पहले घर आया था। 27 जनवरी की शाम वह खेत जाने के लिए घर से निकला और लौट कर घर नहीं आया। सप्ताहभर तक उसके फोन पर घंटी जाती रही है। अंतिम बार एक व्यक्ति फोन उठाया और मोटी आवाज में रांग नंबर कहकर फोन काट दिया। तब से फोन बंद बताने लगा।
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बहन क्रांति का आरोप है कि भाई का मोबाइल पुलिस को मौके पर नहीं मिला। उसके नंबर की जांच की जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। भाई को बुलाकर साजिश के तहत हत्या की गई है। एसएचओ संदीप राय ने बताया कि परिजन आए थे। कपड़े व फोटो से शव की पहचान करके चले गए। परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नही दी है। मामले की जांच की जा रही है।