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Amethi News: इतिहास बदलने की जरूरत, शिवाजी व राणा प्रताप हैं रोल मॉडल
Fri, 10 Nov 2023 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 10 Nov 2023 12:38 AM IST
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संगोष्ठी को संबोधित करते पूर्व केंद्रीय मंत्री
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अमेठी। शहर स्थित आरआर पीजी कॉलेज परिसर में बृहस्पतिवार को राजा छत्रपति शिवाजी महाराज की जीवन पर सेवा भारती काशी प्रांत की ओर से संगोष्ठी आयोजित हुई। मुख्य वक्ता विश्व प्रसिद्ध कथाकार शांतनुजी महाराज ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवनवृत्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मार्क्सवादी इतिहासकार ने सही इतिहास नहीं लिखा है। शिवाजी का जीवन कालजयी है, वह वैश्विक शासक थे। मार्क्सवादी इतिहासकारों ने रोल-मॉडल औरंगजेब और अकबर को बनाया, जो विदेशी शासक थे। आज इतिहास को बदलने की जरूरत है और हमें छत्रपति शिवाजी महाराज और राणा प्रताप को रोल-मॉडल बनाना होगा।
कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने जीजाबाई के संकल्प को साकार रूप दिया। कलयुग में धर्म की रक्षा के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज एवं राणा प्रताप ने जन्म लिया था। छत्रपति शिवाजी महाराज ने युद्ध की अनेक नीति का निर्माण किया।उनका मानना था कि हमारी व्यापारिक नीति वैश्विक होनी चाहिए तभी राष्ट्र का विकास होगा। छत्रपति शिवाजी महाराज का मानना था कि हमें सदैव युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह ने कहा कि पहले महीने में एक दो बार छत्रपति शिवाजी महाराज,राणा प्रताप, भगतसिंह की चर्चा होती थी।आज युवाओं को भगवान राम के त्याग को जानने की जरूरत है और महापुरुषों के जीवन हमें नई सीख देता है। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो पीके श्रीवास्तव, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, अंबिका प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
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इस मौके पर विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, सह विभाग प्रचारक ओमप्रकाश, गुरुदीन मिश्रा, काशी तिवारी, प्रवीण सिंह, ओपी सिंह, डॉ त्रिवेणी सिंह, डॉ धनन्जय सिंह, रविन्द्र प्रताप सिंह ,यज्ञ नारायण उपाध्याय, डॉ उमेश सिंह, डॉ राधेश्याम तिवारी आदि मौजूद रहे।
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कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने जीजाबाई के संकल्प को साकार रूप दिया। कलयुग में धर्म की रक्षा के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज एवं राणा प्रताप ने जन्म लिया था। छत्रपति शिवाजी महाराज ने युद्ध की अनेक नीति का निर्माण किया।उनका मानना था कि हमारी व्यापारिक नीति वैश्विक होनी चाहिए तभी राष्ट्र का विकास होगा। छत्रपति शिवाजी महाराज का मानना था कि हमें सदैव युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह ने कहा कि पहले महीने में एक दो बार छत्रपति शिवाजी महाराज,राणा प्रताप, भगतसिंह की चर्चा होती थी।आज युवाओं को भगवान राम के त्याग को जानने की जरूरत है और महापुरुषों के जीवन हमें नई सीख देता है। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो पीके श्रीवास्तव, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, अंबिका प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
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इस मौके पर विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, सह विभाग प्रचारक ओमप्रकाश, गुरुदीन मिश्रा, काशी तिवारी, प्रवीण सिंह, ओपी सिंह, डॉ त्रिवेणी सिंह, डॉ धनन्जय सिंह, रविन्द्र प्रताप सिंह ,यज्ञ नारायण उपाध्याय, डॉ उमेश सिंह, डॉ राधेश्याम तिवारी आदि मौजूद रहे।