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Amethi News: सिंहपुर में डिग्री कॉलेज न होने से छात्र छात्राएं परेशान
Sun, 16 Apr 2023 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 16 Apr 2023 11:34 PM IST
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राजा फत्तेपुर (अमेठी)। आबादी के दृष्टिकोण से लगभग दो लाख से अधिक आबादी वाले सिंहपुर में युवाओं की उच्च शिक्षा के लिए सरकारी शैक्षिक संस्थान की मांग अरसा बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। इसके चलते विद्यार्थियों (विशेषकर छात्राओं) को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
तिलोई तहसील के तीन ब्लॉकों में से एक सिंहपुर में कुल 58 ग्राम पंचायतें और 74 राजस्व गांव हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या 1,96,256 थी जो अब बढ़कर दो लाख से काफी अधिक हो गई है। इंटरमीडिएट तक की शिक्षा के लिए क्षेत्र के इन्हौना और राजा फत्तेपुर में राजकीय इंटर कॉलेज एवं सिंहपुर व सातन पुरवा में राजकीय हाईस्कूल शासन द्वारा संचालित हैं। प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में क्षेत्र के युवा इन सरकारी इंटरमीडिएट कॉलेजों के अलावा प्राइवेट इंटर कॉलेजों से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं।
इंटरमीडिएट के बाद विज्ञान एवं तकनीकी विषयों की उच्च शिक्षा के लिए क्षेत्र में कोई सरकारी संस्थान नहीं है। इसकी वजह से क्षेत्र के तमाम युवाओं खासकर बालिकाओं के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है। जिन छात्र-छात्राओं के परिजन गैर जनपद में रहकर पढ़ाई का खर्च वहन कर सकते हैं वो तो अपने बच्चो को भेज देते है लेकिन कमजोर वर्ग के युवा मजबूरी में या तो प्राइवेट माध्यम से आगे की शिक्षा प्राप्त करते हैं या फिर पढ़ाई बंद कर देते हैं।
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विद्यार्थियों ने बयां किया दर्द
क्षेत्र के गौड़ा गांव की रहने वाली महिमा व पूर्णिमा ने इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है। सामान्य परिवार से आने वाली दोनों छात्राओं ने कहा कि राजकीय डिग्री कॉलेज नहीं होने से उन्हें मजबूरी में निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेना होगा।
निजी संस्थानों में फीस अधिक होने से उनके अभिभावकों को भी परेशानी झेलनी होगी। कुछ ऐसी ही बातें इंटर की परीक्षा देने वाले फूला गांव के अमित कुमार व जुगराजपुर के वीरेंद्र कुमार ने भी कही। दोनों छात्रों ने कहा कि यदि एक राजकीय डिग्री कॉलेज होता तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के भी विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाते।
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तिलोई तहसील के तीन ब्लॉकों में से एक सिंहपुर में कुल 58 ग्राम पंचायतें और 74 राजस्व गांव हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या 1,96,256 थी जो अब बढ़कर दो लाख से काफी अधिक हो गई है। इंटरमीडिएट तक की शिक्षा के लिए क्षेत्र के इन्हौना और राजा फत्तेपुर में राजकीय इंटर कॉलेज एवं सिंहपुर व सातन पुरवा में राजकीय हाईस्कूल शासन द्वारा संचालित हैं। प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में क्षेत्र के युवा इन सरकारी इंटरमीडिएट कॉलेजों के अलावा प्राइवेट इंटर कॉलेजों से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं।
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इंटरमीडिएट के बाद विज्ञान एवं तकनीकी विषयों की उच्च शिक्षा के लिए क्षेत्र में कोई सरकारी संस्थान नहीं है। इसकी वजह से क्षेत्र के तमाम युवाओं खासकर बालिकाओं के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है। जिन छात्र-छात्राओं के परिजन गैर जनपद में रहकर पढ़ाई का खर्च वहन कर सकते हैं वो तो अपने बच्चो को भेज देते है लेकिन कमजोर वर्ग के युवा मजबूरी में या तो प्राइवेट माध्यम से आगे की शिक्षा प्राप्त करते हैं या फिर पढ़ाई बंद कर देते हैं।
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विद्यार्थियों ने बयां किया दर्द
क्षेत्र के गौड़ा गांव की रहने वाली महिमा व पूर्णिमा ने इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है। सामान्य परिवार से आने वाली दोनों छात्राओं ने कहा कि राजकीय डिग्री कॉलेज नहीं होने से उन्हें मजबूरी में निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेना होगा।
निजी संस्थानों में फीस अधिक होने से उनके अभिभावकों को भी परेशानी झेलनी होगी। कुछ ऐसी ही बातें इंटर की परीक्षा देने वाले फूला गांव के अमित कुमार व जुगराजपुर के वीरेंद्र कुमार ने भी कही। दोनों छात्रों ने कहा कि यदि एक राजकीय डिग्री कॉलेज होता तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के भी विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाते।