{"_id":"68c083d6be1ff8ab1204447f","slug":"headmistress-sangeeta-is-spreading-awareness-about-education-amethi-news-c-96-1-ame1002-148142-2025-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: शिक्षा की अलख जगा रहीं प्रधानाध्यापिका संगीता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: शिक्षा की अलख जगा रहीं प्रधानाध्यापिका संगीता
Wed, 10 Sep 2025 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:15 AM IST
विज्ञापन
गौरीगंज। प्राथमिक विद्यालय पंडरी प्रथम की प्रधानाध्यापिका संगीता मौर्य शिक्षा क्षेत्र में नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश कर रही हैं। उनकी सोच और अथक प्रयासों ने विद्यालय के वातावरण को न केवल बच्चों के अनुकूल बनाया, बल्कि समुदाय को भी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में प्रेरित किया।
संगीता मौर्य ने प्रत्येक कक्षा को प्रिंट रिच मटेरियल से सजाकर शिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाया। सभी कक्षाओं में आकर्षक चार्ट, पोस्टर और गतिविधि आधारित सामग्री बच्चों की रुचि बढ़ा रही है। प्रत्येक शिक्षक को विषयवार जिम्मेदारी सौंपकर उन्होंने पढ़ाई को व्यवस्थित बनाया है। विद्यालय के भौतिक ढांचे के सुधार में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। सुरक्षित चारदीवारी और सुसज्जित गेट ने विद्यालय को बच्चों के लिए सुरक्षित और आकर्षक बनाया।
परिसर में किचन गार्डन स्थापित कर मौसमी सब्जियों का उत्पादन कराया गया, जिससे बच्चों में प्रकृति और पोषण के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो रही है। संगीता के समर्पण से प्रभावित होकर विद्यालय के एक पूर्व छात्र, जो वर्तमान में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं ने विद्यालय को स्मार्ट टीवी भेंट किया। यह सामुदायिक सहयोग का अनूठा उदाहरण है, जिसने बच्चों की पढ़ाई को आधुनिक तकनीक से जोड़ा।
विज्ञापन
विद्यालय में पारंपरिक पढ़ाई के साथ ही खेल गतिविधियों और नवाचारी वीडियो आधारित शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संगीता के प्रयासों ने न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाया बल्कि अभिभावकों और ग्रामीणों में भी शिक्षा के महत्व की नई चेतना जगाई है। संगीता मौर्य का काम यह साबित करता है कि समर्पण और दूरदृष्टि से किसी भी विद्यालय को आदर्श केंद्र में बदला जा सकता है।
विज्ञापन
संगीता मौर्य ने प्रत्येक कक्षा को प्रिंट रिच मटेरियल से सजाकर शिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाया। सभी कक्षाओं में आकर्षक चार्ट, पोस्टर और गतिविधि आधारित सामग्री बच्चों की रुचि बढ़ा रही है। प्रत्येक शिक्षक को विषयवार जिम्मेदारी सौंपकर उन्होंने पढ़ाई को व्यवस्थित बनाया है। विद्यालय के भौतिक ढांचे के सुधार में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। सुरक्षित चारदीवारी और सुसज्जित गेट ने विद्यालय को बच्चों के लिए सुरक्षित और आकर्षक बनाया।
विज्ञापन
परिसर में किचन गार्डन स्थापित कर मौसमी सब्जियों का उत्पादन कराया गया, जिससे बच्चों में प्रकृति और पोषण के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो रही है। संगीता के समर्पण से प्रभावित होकर विद्यालय के एक पूर्व छात्र, जो वर्तमान में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं ने विद्यालय को स्मार्ट टीवी भेंट किया। यह सामुदायिक सहयोग का अनूठा उदाहरण है, जिसने बच्चों की पढ़ाई को आधुनिक तकनीक से जोड़ा।
विज्ञापन
विद्यालय में पारंपरिक पढ़ाई के साथ ही खेल गतिविधियों और नवाचारी वीडियो आधारित शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संगीता के प्रयासों ने न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाया बल्कि अभिभावकों और ग्रामीणों में भी शिक्षा के महत्व की नई चेतना जगाई है। संगीता मौर्य का काम यह साबित करता है कि समर्पण और दूरदृष्टि से किसी भी विद्यालय को आदर्श केंद्र में बदला जा सकता है।