{"_id":"64ab012f3266d802840dcf84","slug":"give-testimony-without-worrying-khaki-will-provide-security-amethi-news-c-96-1-slko1003-1612-2023-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: बेफिक्र होकर दें गवाही, खाकी करेगी सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: बेफिक्र होकर दें गवाही, खाकी करेगी सुरक्षा
Mon, 10 Jul 2023 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 10 Jul 2023 12:19 AM IST
विज्ञापन
गौरीगंज(अमेठी)। गंभीर केस के गवाहों को अब अपनी सुरक्षा की चिंता से मुक्ति मिलेगी। पुलिस गवाहों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा का समुचित व्यवस्था देगी। विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम के तहत गवाह या केस दर्ज कराने वाले पीड़ित को आवेदन करना होगा। इसके बाद जिला जज की अध्यक्षता में गठित टीम निर्णय लेते हुए सुरक्षा प्रदान करेगी।विटनेश प्रोटेक्शन स्कीम के तहत गंभीर अपराध के गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। केस के वादी या गवाह के आवेदन पर सुनवाई कर रहे जज की ओर पुलिस से रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके बाद जज, डीएम व एसपी की कमेटी गवाह को सुरक्षा प्रदान करने पर विचार करेगी। कमेटी के निर्णय के बाद पुलिस गवाह को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करेगी।
गवाह सुरक्षा योजना 2018 सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गंभीर किस्म के अपराधों के गवाहों को सुरक्षा कवर प्रदान किया जाता है। यदि किसी गवाह को जेल में बंद अभियुक्त या उसके लोगों द्वारा गवाही नहीं देने के लिए डराया धमकाया जाता है, जान से मारने की धमकी दी जाती है या अदालत तक जाने में जान का खतरा महसूस होता है तो आवेदन करने पर उसे तुंरत सुरक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।
निर्धारित प्रारूप पर करना होगा आवेदन
सुरक्षा के लिए गवाह या मुकदमे के वादी को निर्धारित प्रारूप पर जिस कोर्ट में मुकदमा चल रहा है वहां आवेदन करना होगा। इसके बाद न्यायालय की ओर पुलिस से रिपोर्ट मांगी जाती है। पुलिस की रिपोर्ट के बाद जज, डीएम व एसपी की कमेटी गवाह को किस स्तर की सुरक्षा दी जाए इस पर विचार कर निर्णय लेती है।
विज्ञापन
अलग-अलग स्तर की दी जाती है सुरक्षा
गवाह को संभावित खतरे के अनुसार अलग-अलग स्तर की सुरक्षा दी जाती है। जिसमें गवाह को पूर्णकालिक सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराना, मुकदमे की तारीख पर गवाह को पुलिस संरक्षण में भेजना, गवाही के दो दिन पहले से घर के पास पुलिसकर्मी तैनात करना, सादी वर्दी में पुलिस कवर देना, गवाह के परिजनों को भी आवश्यकतानुसार सुरक्षा प्रदान करना शामिल है।
गवाहों की सुरक्षा के लिए विटनेश प्रोटेक्शन स्कीम लागू है। सभी थाना प्रभारियों को आवेदन की जांच कर तुरंत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। जिससे कमेटी द्वारा आवश्यक सुरक्षा के संबंध में निर्णय लेकर सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
डॉ. इलामारन जी-एसपी
विज्ञापन
गवाह सुरक्षा योजना 2018 सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गंभीर किस्म के अपराधों के गवाहों को सुरक्षा कवर प्रदान किया जाता है। यदि किसी गवाह को जेल में बंद अभियुक्त या उसके लोगों द्वारा गवाही नहीं देने के लिए डराया धमकाया जाता है, जान से मारने की धमकी दी जाती है या अदालत तक जाने में जान का खतरा महसूस होता है तो आवेदन करने पर उसे तुंरत सुरक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
निर्धारित प्रारूप पर करना होगा आवेदन
सुरक्षा के लिए गवाह या मुकदमे के वादी को निर्धारित प्रारूप पर जिस कोर्ट में मुकदमा चल रहा है वहां आवेदन करना होगा। इसके बाद न्यायालय की ओर पुलिस से रिपोर्ट मांगी जाती है। पुलिस की रिपोर्ट के बाद जज, डीएम व एसपी की कमेटी गवाह को किस स्तर की सुरक्षा दी जाए इस पर विचार कर निर्णय लेती है।
विज्ञापन
अलग-अलग स्तर की दी जाती है सुरक्षा
गवाह को संभावित खतरे के अनुसार अलग-अलग स्तर की सुरक्षा दी जाती है। जिसमें गवाह को पूर्णकालिक सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराना, मुकदमे की तारीख पर गवाह को पुलिस संरक्षण में भेजना, गवाही के दो दिन पहले से घर के पास पुलिसकर्मी तैनात करना, सादी वर्दी में पुलिस कवर देना, गवाह के परिजनों को भी आवश्यकतानुसार सुरक्षा प्रदान करना शामिल है।
गवाहों की सुरक्षा के लिए विटनेश प्रोटेक्शन स्कीम लागू है। सभी थाना प्रभारियों को आवेदन की जांच कर तुरंत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। जिससे कमेटी द्वारा आवश्यक सुरक्षा के संबंध में निर्णय लेकर सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
डॉ. इलामारन जी-एसपी