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Amethi News: संबद्ध निजी सेंटरों पर छह माह से नहीं हो रहा मुफ्त अल्ट्रासाउंड
Tue, 23 Dec 2025 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 23 Dec 2025 12:02 AM IST
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जिला अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड कक्ष।
- फोटो : सरसो के फसल में लगे फूल व छाए बादल।
अमेठी सिटी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत गर्भवतियों को निशुल्क अल्ट्रासाउंड उपलब्ध कराने की सुविधा छह माह से बंद है। गर्भवती महिलाओं को निजी सेंटरों पर 600 से 800 रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। 15 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों का पीएमएसएमए के तहत अनुबंध है। ऐसे में सीएचसी क्षेत्र की गर्भवतियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दो अर्बन पीएचसी संचालित हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को सीएचसी स्तर पर अधिकृत सेंटरों पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जाती है। जिले में करीब चार सरकारी व 53 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं। निजी सेंटरों में से 15 को पीएमएसएमए के तहत निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच के लिए संबद्ध किया गया है।
विभाग के अनुसार, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 425 रुपये का ई-रुपी वाउचर जारी किया जाता है। इसके माध्यम से गर्भवती महिलाएं चिह्नित अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच कराती हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल में जुलाई से चल रहे अपडेट के कारण वाउचर जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। वाउचर न मिलने से सेंटर संचालकों ने निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा रोक दी है। इस समस्या से जिले की करीब 60 हजार पंजीकृत गर्भवती महिलाएं प्रभावित हो रही हैं।
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पांच हजार तक के जांच की सुविधा मुफ्त
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना गर्भवती को पांच हजार तक के इलाज में सुविधा देने के लिए गया है। प्रसव के पूर्व हर माह की नौ को गर्भवती नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपना फ्री में जांच और इलाज भी करा सकती है। स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन जांच और अल्ट्रासाउंड आदि का जांच फ्री में करा सकती हैं।
तीन वर्ष में 15 हजार से अधिक को मिली सुविधा
पीएमएसएमए के तहत संबद्ध निजी सेंटरों से 15 हजार गर्भवतियों को निशुल्क जांच की सुविधा मिल चुकी है। यह योजना वर्ष 2022 से चल रही है। जिससे गर्भवतियों को जिला व तहसील मुख्यालयों की दौड़ न लगानी पड़े।
एफएएमएस बंद, स्पर्श पोर्टल शुरू करने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभी तक ई-रुपी वाउचर का भुगतान और क्यूआर कोड सिस्टम एफएएमएस पोर्टल के माध्यम से संचालित होता था। विभाग एफएएमएस पोर्टल को बंद कर नए स्पर्श पोर्टल को शुरू करने की तैयारी में है। लेकिन पिछले छह माह से अपडेट प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मामला अटका हुआ है। इसी वजह से अल्ट्रासाउंड सेंटरों को भुगतान नहीं हो रहा है।
चार केंद्रों पर निशुल्क सुविधा उपलब्ध
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के साथ अमेठी व जगदीशपुर सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड जांच सुविधा उपलब्ध है। बताया कि संबद्ध निजी सेंटरों पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा पोर्टल अपडेट होते ही शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग एफएएमएस पोर्टल को बंद कर सैन स्पर्श पोर्टल को शुरू करने जा रहा है। पोर्टल अपडेट नहीं हुआ है और भुगतान नहीं हो रहा है। जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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जिले में 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दो अर्बन पीएचसी संचालित हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को सीएचसी स्तर पर अधिकृत सेंटरों पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जाती है। जिले में करीब चार सरकारी व 53 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं। निजी सेंटरों में से 15 को पीएमएसएमए के तहत निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच के लिए संबद्ध किया गया है।
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विभाग के अनुसार, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 425 रुपये का ई-रुपी वाउचर जारी किया जाता है। इसके माध्यम से गर्भवती महिलाएं चिह्नित अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच कराती हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल में जुलाई से चल रहे अपडेट के कारण वाउचर जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। वाउचर न मिलने से सेंटर संचालकों ने निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा रोक दी है। इस समस्या से जिले की करीब 60 हजार पंजीकृत गर्भवती महिलाएं प्रभावित हो रही हैं।
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पांच हजार तक के जांच की सुविधा मुफ्त
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना गर्भवती को पांच हजार तक के इलाज में सुविधा देने के लिए गया है। प्रसव के पूर्व हर माह की नौ को गर्भवती नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपना फ्री में जांच और इलाज भी करा सकती है। स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन जांच और अल्ट्रासाउंड आदि का जांच फ्री में करा सकती हैं।
तीन वर्ष में 15 हजार से अधिक को मिली सुविधा
पीएमएसएमए के तहत संबद्ध निजी सेंटरों से 15 हजार गर्भवतियों को निशुल्क जांच की सुविधा मिल चुकी है। यह योजना वर्ष 2022 से चल रही है। जिससे गर्भवतियों को जिला व तहसील मुख्यालयों की दौड़ न लगानी पड़े।
एफएएमएस बंद, स्पर्श पोर्टल शुरू करने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभी तक ई-रुपी वाउचर का भुगतान और क्यूआर कोड सिस्टम एफएएमएस पोर्टल के माध्यम से संचालित होता था। विभाग एफएएमएस पोर्टल को बंद कर नए स्पर्श पोर्टल को शुरू करने की तैयारी में है। लेकिन पिछले छह माह से अपडेट प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मामला अटका हुआ है। इसी वजह से अल्ट्रासाउंड सेंटरों को भुगतान नहीं हो रहा है।
चार केंद्रों पर निशुल्क सुविधा उपलब्ध
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के साथ अमेठी व जगदीशपुर सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड जांच सुविधा उपलब्ध है। बताया कि संबद्ध निजी सेंटरों पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा पोर्टल अपडेट होते ही शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग एफएएमएस पोर्टल को बंद कर सैन स्पर्श पोर्टल को शुरू करने जा रहा है। पोर्टल अपडेट नहीं हुआ है और भुगतान नहीं हो रहा है। जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा।