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शक्ति वन में चार हजार पौधों से होगी हरियाली
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अमेठी। पर्यावरण व वन जलवायु संरक्षण के लिए वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत शक्ति वन की स्थापना होगी। संग्रामपुर ब्लॉक के इटौरी ग्राम पंचायत में दो हेक्टेयर भूमि पर चार हजार पौधे रोपित किए जाएंगे। शक्ति वन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पौधरोपण होगा तो वन विभाग सुरक्षा व संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
प्रदेश के साथ ही जिले को हरा-भरा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को जागरूक करने के साथ एक जुलाई से 15 अगस्त तक वन महोत्सव आयोजित करने का निर्देश दिया है। कवायद सफल हो सके इसके लिए शासन ने जिले में वन महोत्सव के दौरान 51 लाख तीन हजार 140 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायतों में हरिशंकरी वाटिका व अमृत वन के साथ ही स्कूल/कॉलेजों में बाल वन व युवा वन की स्थापना की जा रही है। पौधरोपण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति के तहत शक्ति वन की स्थापना होगी। कवायद सफल हो सके इसके लिए संग्रामपुर विकासखंड के इटौरी ग्राम पंचायत में दो हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है।
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इसी भूमि पर वन महोत्सव के दौरान जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में महिलाओं से चार हजार पौधे रोपित कराए जाएंगे। पौधरोपण के बाद वन विभाग इन पौधों की सुरक्षा के लिए चारों तरफ खाई तैयार करने के साथ ही पिलर के माध्यम से तार की बैरिकेडिंग कराएगा।
पौधों की देखरेख व सिंचाई की जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। शक्ति वन से एक तरफ जहां महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण के प्रति उन्हें प्रोत्साहित कर संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान के तहत हुए सर्वे में पर्यावरण की दृष्टि से अमेठी समेत प्रदेश के 27 जिले अति संवेदनशील श्रेणी में पाए गये हैं। संवेदनशील जिलों में पर्यावरण संतुलन कायम रखने के लिए वन विभाग पौध रोपित करने के साथ ही उनके संरक्षण की कोशिश में जुटा है।
जिले को हरा-भरा बनाया जा सके, इसके लिए 51.03 लाख पौध रोपित करने के साथ ही हरिशंकरी वाटिका में पीपल, बरगद व पाकड़ तो अमृत वन के तहत 682 ग्राम पंचायतों और नगर पंचायत अमेठी व मुसाफिरखाना में 75-75 तो नगर पालिका परिषद गौरीगंज व जायस 750-750 पौधे रोपित किए जाएंगे। बाल व युवा वन में से स्कूल-कॉलेजों द्वारा पौधरोपण किया जाएगा।
संग्रामपुर ब्लॉक के इटौरी ग्राम पंचायत में शक्ति वन में प्रमुख रूप से पार्वती स्वरूप की मान्यता प्राप्त कदंब, दुर्गा स्वरूप की मान्यता प्राप्त नीम व सरस्वती देवी की मान्यता प्राप्त आम के पेड़ का रोपड़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दो हेक्टेयर सुरक्षित भूमि में आंवला के 800, अमरूद, जामुन व बकैन के 400-400, शीशम व कंजी के 500-500, कदंब, नीम, आम व महुआ के 50-50 तो सहजन के 100 के साथ ही फाईकस व अन्य प्रजाति के पौधे रोपित किए जाएंगे।
शक्ति वन में वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत छह जुलाई को पौधे रोपित किए जाएंगे। कार्यक्रम की प्रभारी पिंकी वर्मा को नामित करते हुए संरक्षक बनाया गया है तो जनप्रतिनिधियों के साथ ही जिला स्तरीय अफसर भी शक्ति वन में पौधे रोपित कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। कार्यक्रम सफल हो सके इसके लिए चिह्नित भूमि पर समारोह पूर्वक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित होगा।
प्रभागीय वनाधिकारी महेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि पर्यावरण संतुलन कायम रखने के लिए आगामी वर्षाकाल में जिले में 51.03 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। शक्ति वन में कदंब, नीम व आम के साथ ही अन्य प्रजाति के पौधे रोपित कर लोगों को धर्म से जोड़ते हुए पौधों के संरक्षण के महत्व को समझाया जाएगा। शक्ति वन तैयार हो, इसके लिए सुरक्षा व अन्य व्यवस्था की जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होने से पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी जिज्ञासा बढ़ेगी। बताया कि पौध रोपित करने के साथ ही लोगों से प्रत्येक शुभ अवसर पर पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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प्रदेश के साथ ही जिले को हरा-भरा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को जागरूक करने के साथ एक जुलाई से 15 अगस्त तक वन महोत्सव आयोजित करने का निर्देश दिया है। कवायद सफल हो सके इसके लिए शासन ने जिले में वन महोत्सव के दौरान 51 लाख तीन हजार 140 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायतों में हरिशंकरी वाटिका व अमृत वन के साथ ही स्कूल/कॉलेजों में बाल वन व युवा वन की स्थापना की जा रही है। पौधरोपण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति के तहत शक्ति वन की स्थापना होगी। कवायद सफल हो सके इसके लिए संग्रामपुर विकासखंड के इटौरी ग्राम पंचायत में दो हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है।
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इसी भूमि पर वन महोत्सव के दौरान जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में महिलाओं से चार हजार पौधे रोपित कराए जाएंगे। पौधरोपण के बाद वन विभाग इन पौधों की सुरक्षा के लिए चारों तरफ खाई तैयार करने के साथ ही पिलर के माध्यम से तार की बैरिकेडिंग कराएगा।
पौधों की देखरेख व सिंचाई की जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। शक्ति वन से एक तरफ जहां महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण के प्रति उन्हें प्रोत्साहित कर संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान के तहत हुए सर्वे में पर्यावरण की दृष्टि से अमेठी समेत प्रदेश के 27 जिले अति संवेदनशील श्रेणी में पाए गये हैं। संवेदनशील जिलों में पर्यावरण संतुलन कायम रखने के लिए वन विभाग पौध रोपित करने के साथ ही उनके संरक्षण की कोशिश में जुटा है।
जिले को हरा-भरा बनाया जा सके, इसके लिए 51.03 लाख पौध रोपित करने के साथ ही हरिशंकरी वाटिका में पीपल, बरगद व पाकड़ तो अमृत वन के तहत 682 ग्राम पंचायतों और नगर पंचायत अमेठी व मुसाफिरखाना में 75-75 तो नगर पालिका परिषद गौरीगंज व जायस 750-750 पौधे रोपित किए जाएंगे। बाल व युवा वन में से स्कूल-कॉलेजों द्वारा पौधरोपण किया जाएगा।
संग्रामपुर ब्लॉक के इटौरी ग्राम पंचायत में शक्ति वन में प्रमुख रूप से पार्वती स्वरूप की मान्यता प्राप्त कदंब, दुर्गा स्वरूप की मान्यता प्राप्त नीम व सरस्वती देवी की मान्यता प्राप्त आम के पेड़ का रोपड़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दो हेक्टेयर सुरक्षित भूमि में आंवला के 800, अमरूद, जामुन व बकैन के 400-400, शीशम व कंजी के 500-500, कदंब, नीम, आम व महुआ के 50-50 तो सहजन के 100 के साथ ही फाईकस व अन्य प्रजाति के पौधे रोपित किए जाएंगे।
शक्ति वन में वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत छह जुलाई को पौधे रोपित किए जाएंगे। कार्यक्रम की प्रभारी पिंकी वर्मा को नामित करते हुए संरक्षक बनाया गया है तो जनप्रतिनिधियों के साथ ही जिला स्तरीय अफसर भी शक्ति वन में पौधे रोपित कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। कार्यक्रम सफल हो सके इसके लिए चिह्नित भूमि पर समारोह पूर्वक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित होगा।
प्रभागीय वनाधिकारी महेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि पर्यावरण संतुलन कायम रखने के लिए आगामी वर्षाकाल में जिले में 51.03 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। शक्ति वन में कदंब, नीम व आम के साथ ही अन्य प्रजाति के पौधे रोपित कर लोगों को धर्म से जोड़ते हुए पौधों के संरक्षण के महत्व को समझाया जाएगा। शक्ति वन तैयार हो, इसके लिए सुरक्षा व अन्य व्यवस्था की जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होने से पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी जिज्ञासा बढ़ेगी। बताया कि पौध रोपित करने के साथ ही लोगों से प्रत्येक शुभ अवसर पर पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।