{"_id":"68000157d7bff139ad03e38e","slug":"foreign-funding-in-bank-account-amethi-news-c-96-1-ame1002-138459-2025-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: बैंक खाते में हुई विदेशी फंडिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: बैंक खाते में हुई विदेशी फंडिंग
Thu, 17 Apr 2025 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 17 Apr 2025 12:43 AM IST
विज्ञापन
जगदीशपुर (अमेठी)। आतंकवाद निरोधक दस्ता के जगदीशपुर के जामों रोड स्थित हुदा एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी के कार्यालय में दस्तावेजों की जांच के बाद दूसरे दिन जिले में चर्चा का बाजार गर्म रहा। होटल-ढाबों से लेकर मदरसों, स्कूलों और स्थानीय दुकानों तक में लोग एटीएस की जांच व संस्थान के कार्यों के साथ फंडिंग की चर्चा करते रहे। जगदीशपुर के जामों रोड स्थित हुदा सोसायटी को चेक से व बैंक खाते में पैसे भेजकर विदेशी फंडिंग की गई है। सूत्रों के अनुसार, एटीएस टीम के साथ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रभात कुमार ने मंगलवार को सोसायटी कार्यालय पहुंचकर संस्था को प्राप्त 1.39 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. अतहर रेहान से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की गई। जांच में विदेशी अंशदान अधिनियम (एफसीआरए) के तहत प्राप्त धनराशि के स्रोत, उपयोग, वक्फ की जमीन, संस्था की मान्यता और बायलॉज से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
टीम लौट गई है, लेकिन कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब के लिए एटीएस की रिपोर्ट सार्वजनिक होने का इंतजार है। एटीएस की जांच के बाद बुधवार को स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा रही कि एक छोटे से कस्बे में एक करोड़ से अधिक की विदेशी फंडिंग कोई सामान्य बात नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि खर्चों का हिसाब दस्तावेजों में नहीं मिला तो जवाबदेही तय की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संस्था के अध्यक्ष डॉ. अतहर रेहान से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की गई। जांच में विदेशी अंशदान अधिनियम (एफसीआरए) के तहत प्राप्त धनराशि के स्रोत, उपयोग, वक्फ की जमीन, संस्था की मान्यता और बायलॉज से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
विज्ञापन
टीम लौट गई है, लेकिन कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब के लिए एटीएस की रिपोर्ट सार्वजनिक होने का इंतजार है। एटीएस की जांच के बाद बुधवार को स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा रही कि एक छोटे से कस्बे में एक करोड़ से अधिक की विदेशी फंडिंग कोई सामान्य बात नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि खर्चों का हिसाब दस्तावेजों में नहीं मिला तो जवाबदेही तय की जाएगी।
विज्ञापन