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Amethi News: मॉडल बनाकर गणित-विज्ञान सीख रहे बच्चे
Fri, 25 Sep 2026 02:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:43 AM IST
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अमेठी सिटी। कंपोजिट विद्यालय बालचंदपुर में बृहस्पतिवार को बच्चों ने प्रयोग और गतिविधियों के जरिये गणित व विज्ञान के पाठ समझे। लर्निंग बाय डूइंग (एलबीडी) लैब में विद्यार्थियों ने कबाड़ और अनुपयोगी सामग्री से विभिन्न मॉडल तैयार किए। बच्चों ने सामग्री का चयन करने से लेकर डिजाइन और मॉडल को अंतिम रूप देने तक का काम खुद किया।
बच्चों ने बैटरी से पंखा चलाने का मॉडल बनाया। इसके माध्यम से उन्होंने बैटरी, विद्युत प्रवाह और उपकरण के काम करने की प्रक्रिया को प्रयोग से समझा। वहीं, खाली पड़ी बेंच से गणित का मॉडल तैयार किया। इसमें जोड़, घटाव, गुणा और भाग के सवालों को खेल से जोड़कर हल कराया गया। बच्चों ने मॉडल तैयार करने के साथ उसके काम करने का तरीका भी समझा।
जिले के 81 परिषदीय विद्यालयों में एलबीडी लैब के माध्यम से ऐसी गतिविधियां कराई जा रही हैं। इनके संचालन के लिए 27 तकनीकी अनुदेशक नियुक्त हैं। गणित और विज्ञान के शिक्षक भी बच्चों को प्रयोग आधारित गतिविधियों में सहयोग कर रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय में कम से कम चार गतिविधियां कराई जा रही हैं।
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बीएसए संजय तिवारी ने कहा कि गतिविधि आधारित पढ़ाई से बच्चों में जिज्ञासा और रचनात्मकता बढ़ती है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि प्रयोग से सीखने पर बच्चों की सहभागिता और आत्मविश्वास बढ़ा है।
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बच्चों ने बैटरी से पंखा चलाने का मॉडल बनाया। इसके माध्यम से उन्होंने बैटरी, विद्युत प्रवाह और उपकरण के काम करने की प्रक्रिया को प्रयोग से समझा। वहीं, खाली पड़ी बेंच से गणित का मॉडल तैयार किया। इसमें जोड़, घटाव, गुणा और भाग के सवालों को खेल से जोड़कर हल कराया गया। बच्चों ने मॉडल तैयार करने के साथ उसके काम करने का तरीका भी समझा।
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जिले के 81 परिषदीय विद्यालयों में एलबीडी लैब के माध्यम से ऐसी गतिविधियां कराई जा रही हैं। इनके संचालन के लिए 27 तकनीकी अनुदेशक नियुक्त हैं। गणित और विज्ञान के शिक्षक भी बच्चों को प्रयोग आधारित गतिविधियों में सहयोग कर रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय में कम से कम चार गतिविधियां कराई जा रही हैं।
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बीएसए संजय तिवारी ने कहा कि गतिविधि आधारित पढ़ाई से बच्चों में जिज्ञासा और रचनात्मकता बढ़ती है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि प्रयोग से सीखने पर बच्चों की सहभागिता और आत्मविश्वास बढ़ा है।