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Amethi News: इंतजार में बीते पांच साल, नहीं मिला नल से जल
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बाजारशुकुल के मरदानपुर गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी।
- फोटो : बाजारशुकुल के मरदानपुर गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी।
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बाजार शुकुल। ब्लॉक की ग्राम पंचायत मरदानपुर में जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण पेयजल परियोजना पर 4.98 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। बावजूद इसके ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। योजना के अधूरे कार्यों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। इस परियोजना से मरदानपुर और बनारपुर राजस्व गांवों के 10 पुरवों में पेयजल उपलब्ध कराया जाना है।
इस परियोजना की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था वेल्सपन कावेरी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दी गई थी। संस्था ने अक्तूबर 2021 में कार्य शुरू किया। मरदानपुर ग्राम पंचायत के आठ पुरवों में पानी की सप्लाई होनी थी। इनमें मरदानपुर, परवेजपुर, बनझोलिया, पूरे ओरी, पूरे अमेठिया, पूरे निद्धा शामिल हैं। बनारपुर राजस्व गांव के बनारपुर और पूरे लालचंद में भी पानी पहुंचना था। योजना का लक्ष्य 17.2 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाना था। साथ ही 926 घरों को नल कनेक्शन देना भी निर्धारित किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी मरदानपुर समेत कई पुरवों में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। घरों में नल भी नहीं लगाए गए हैं। पानी की टंकी का निर्माण भी अभी अधूरा पड़ा हुआ है। इस कारण जल जीवन मिशन का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी असंतोष व्याप्त है।
कनेक्शन संग अन्य कार्य अभी अधूरे
रामसेवक ने बताया कि मरदानपुर सहित कई पुरवों में पाइप लाइन का काम पूरा नहीं हुआ है। घरों में नल कनेक्शन भी नहीं दिए गए हैं। पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी अधूरा पड़ा है। विपिन पाल ने शिकायत की कि पूरे लालचंद गांव में केवल एक पाइप पड़ी है। बाकी कहीं भी पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। इससे योजना का लाभ लोगों को बिल्कुल नहीं मिल पा रहा है। मोहित मिश्रा नामक ग्रामीण ने बताया कि पांच साल बाद भी उन्हें एक बूंद पानी नहीं मिला है। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीण बम बहादुर ने जिलाधिकारी से इस अधूरे कार्य को जल्द पूरा कर जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
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लापरवाही पर 20 करोड़ का जुर्माना
जल निगम के एक्सईएन अनिल कुमार राव ने बताया कि कार्यदायी संस्था वेल्सपन कावेरी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स ने अब तक 133 परियोजनाओं के सापेक्ष मात्र 61 परियोजनाओं का कार्य पूरा किया है। इस लापरवाही पर डीएम की संस्तुति पर 20 करोड़ का जुर्माना लगाते हुए निदेशालय भेज दिया गया है। बताया कि या तो संस्था कार्य पूरा करेगी या दूसरी संस्था निदेशालय से नामित होगी।
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इस परियोजना की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था वेल्सपन कावेरी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दी गई थी। संस्था ने अक्तूबर 2021 में कार्य शुरू किया। मरदानपुर ग्राम पंचायत के आठ पुरवों में पानी की सप्लाई होनी थी। इनमें मरदानपुर, परवेजपुर, बनझोलिया, पूरे ओरी, पूरे अमेठिया, पूरे निद्धा शामिल हैं। बनारपुर राजस्व गांव के बनारपुर और पूरे लालचंद में भी पानी पहुंचना था। योजना का लक्ष्य 17.2 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाना था। साथ ही 926 घरों को नल कनेक्शन देना भी निर्धारित किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी मरदानपुर समेत कई पुरवों में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। घरों में नल भी नहीं लगाए गए हैं। पानी की टंकी का निर्माण भी अभी अधूरा पड़ा हुआ है। इस कारण जल जीवन मिशन का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी असंतोष व्याप्त है।
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कनेक्शन संग अन्य कार्य अभी अधूरे
रामसेवक ने बताया कि मरदानपुर सहित कई पुरवों में पाइप लाइन का काम पूरा नहीं हुआ है। घरों में नल कनेक्शन भी नहीं दिए गए हैं। पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी अधूरा पड़ा है। विपिन पाल ने शिकायत की कि पूरे लालचंद गांव में केवल एक पाइप पड़ी है। बाकी कहीं भी पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। इससे योजना का लाभ लोगों को बिल्कुल नहीं मिल पा रहा है। मोहित मिश्रा नामक ग्रामीण ने बताया कि पांच साल बाद भी उन्हें एक बूंद पानी नहीं मिला है। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीण बम बहादुर ने जिलाधिकारी से इस अधूरे कार्य को जल्द पूरा कर जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
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लापरवाही पर 20 करोड़ का जुर्माना
जल निगम के एक्सईएन अनिल कुमार राव ने बताया कि कार्यदायी संस्था वेल्सपन कावेरी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स ने अब तक 133 परियोजनाओं के सापेक्ष मात्र 61 परियोजनाओं का कार्य पूरा किया है। इस लापरवाही पर डीएम की संस्तुति पर 20 करोड़ का जुर्माना लगाते हुए निदेशालय भेज दिया गया है। बताया कि या तो संस्था कार्य पूरा करेगी या दूसरी संस्था निदेशालय से नामित होगी।