{"_id":"604a453f8ebc3ed63c4bcb6c","slug":"fishery-to-be-done-in-313-pond-constructed-from-mnrega-amethi-news-lko5690420160","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा से निर्मित 313 तालाबों में होगा मत्स्य पालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा से निर्मित 313 तालाबों में होगा मत्स्य पालन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरीगंज (अमेठी)। लोगों की आय व शासन का राजस्व बढ़ाने के लिए दो हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर मनरेगा योजना के तहत निर्मित तालाब मत्स्य पालकों को आवंटित किए जाएंगे।
जिले में ऐसे तालाबों की संख्या 716 है। डीएम ने कैंप कार्यालय में आवंटन की समीक्षा करते हुए अवशेष 313 तालाबों का आवटंन 16 मार्च से पहले करने को कहा है।
गिरते भूजल का रिचार्ज कर जल संरक्षण के लिए जिले की 682 ग्राम पंचायतों में अभिलेखों में दर्ज 2,100 तालाबों की खोदाई व साैंदर्यीकरण का कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत चल रहा है।
विज्ञापन
तालाबों की खोदाई के बाद डीएम अरुण कुमार ने मत्स्य पालन के माध्यम से पालकों की आय व जिले का राजस्व बढ़ाने के लिए तालाबों को आवंटित करने की योजना बनाई है। पहले चरण में ऐसे तालाब आवंटित किए जाएंगे जिनकी स्थापना दो हेक्टेयर या इससे अधिक भूमि पर हुई है।
जिले में ऐसे तालाबों की संख्या 716 है। आवंटन के प्रगति समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि अब तक सिर्फ 403 तालाबों का ही आवंटन हुआ है। डीएम ने अवशेष 313 तालाबों का 16 मार्च तक आवंटन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
डीएम ने बताया कि मत्स्य पालन के लिए तालाब आवंटित होने पर लाभार्थियों को पांच लाख प्रति हेक्टेयर की दर से वार्षिक आय होगी तो शासन को भी पांच हजार रुपये प्रति हेक्टयर की दर से राजस्व मिलेगा।
डीएम ने तालाब आवंटन में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। बैठक में चारों तहसील के तहसीदालर के अलावा डीसी मनरेगा मीनाक्षी देवी समेत सभी जिम्मेदार मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिले में ऐसे तालाबों की संख्या 716 है। डीएम ने कैंप कार्यालय में आवंटन की समीक्षा करते हुए अवशेष 313 तालाबों का आवटंन 16 मार्च से पहले करने को कहा है।
विज्ञापन
गिरते भूजल का रिचार्ज कर जल संरक्षण के लिए जिले की 682 ग्राम पंचायतों में अभिलेखों में दर्ज 2,100 तालाबों की खोदाई व साैंदर्यीकरण का कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत चल रहा है।
विज्ञापन
तालाबों की खोदाई के बाद डीएम अरुण कुमार ने मत्स्य पालन के माध्यम से पालकों की आय व जिले का राजस्व बढ़ाने के लिए तालाबों को आवंटित करने की योजना बनाई है। पहले चरण में ऐसे तालाब आवंटित किए जाएंगे जिनकी स्थापना दो हेक्टेयर या इससे अधिक भूमि पर हुई है।
जिले में ऐसे तालाबों की संख्या 716 है। आवंटन के प्रगति समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि अब तक सिर्फ 403 तालाबों का ही आवंटन हुआ है। डीएम ने अवशेष 313 तालाबों का 16 मार्च तक आवंटन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
डीएम ने बताया कि मत्स्य पालन के लिए तालाब आवंटित होने पर लाभार्थियों को पांच लाख प्रति हेक्टेयर की दर से वार्षिक आय होगी तो शासन को भी पांच हजार रुपये प्रति हेक्टयर की दर से राजस्व मिलेगा।
डीएम ने तालाब आवंटन में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। बैठक में चारों तहसील के तहसीदालर के अलावा डीसी मनरेगा मीनाक्षी देवी समेत सभी जिम्मेदार मौजूद रहे।