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Amethi News: चलती बस में लगी आग, 42 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
Tue, 19 May 2026 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 19 May 2026 12:35 AM IST
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दुर्गापुर बाजार में बस से उठती आग की लपटें। स्रोत: स्थानीय
अमेठी। प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर पीपरपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर बाजार में सोमवार सुबह सुल्तानपुर से प्रयागराज जा रही परिवहन निगम की अनुबंधित बस में अचानक आग लग गई। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और बस में सवार सभी 42 यात्रियों ने किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई।
कुछ ही देर में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई। हादसे के बाद हाईवे पर अफरातफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में पुलिस और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर डिपो की अनुबंधित बस लेकर चालक मोहम्मद अनीस और परिचालक रविकांत तिवारी प्रयागराज जा रहे थे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे बस दुर्गापुर चौराहे के पास पहुंची थी, तभी इंजन की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया। चालक ने तत्काल बस सड़क किनारे रोक दी।
परिचालक ने यात्रियों को तुरंत नीचे उतरने के लिए आवाज लगाई। अचानक मची अफरातफरी में कुछ यात्री दरवाजे से बाहर निकले, जबकि कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और बस धू-धूकर जलने लगी।
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बस से उठती आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार देखकर बाजार में भगदड़ जैसे हालात बन गए। बस से बाहर निकले यात्री दहशत में सड़क किनारे खड़े रहे। कई यात्रियों के मोबाइल, बैग, कपड़े और आभूषण बस में ही छूट गए, जो आग में जलकर राख हो गए। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने निजी समरसेबल से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट और फ्यूल पाइप जाम होने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। सीओ मनोज मिश्र ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं।
खिड़कियों से कूदकर बचाई जान
बस में धुआं भरते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। जान बचाने की कोशिश में कई यात्रियों ने खिड़कियों से छलांग लगा दी। मौके पर कुछ देर तक भगदड़ जैसे हालात बने रहे।
आग बुझाने में जुटे स्थानीय लोग
घटना के समय पुलिस पिकेट पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं मिला। स्थानीय युवकों ने अंबिका प्रसाद के निजी समरसेबल से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। लोगों की मदद से आग को फैलने से रोका जा सका।
किसी का बैग जला, किसी का मोबाइल गायब
प्रतापगढ़ निवासी शैलेश शर्मा अपने दो बच्चों शुभम और राधा के साथ बस से यात्रा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बस में धुआं भरते ही अफरातफरी मच गई। पहले बेटे शुभम को खिड़की से बाहर निकाला, फिर बेटी राधा को लेकर खुद दरवाजे से बाहर निकले। इस दौरान कपड़ों और आभूषणों से भरा बैग बस में ही छूट गया, जो आग में जल गया। वहीं, बस्ती निवासी मंजू सिंह ने बताया कि जान बचाने की आपाधापी में उन्होंने अपना बैग और मोबाइल एक व्यक्ति को पकड़ाया था। बाद में बैग तो मिल गया, लेकिन मोबाइल गायब हो गया।
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कुछ ही देर में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई। हादसे के बाद हाईवे पर अफरातफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में पुलिस और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर डिपो की अनुबंधित बस लेकर चालक मोहम्मद अनीस और परिचालक रविकांत तिवारी प्रयागराज जा रहे थे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे बस दुर्गापुर चौराहे के पास पहुंची थी, तभी इंजन की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया। चालक ने तत्काल बस सड़क किनारे रोक दी।
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परिचालक ने यात्रियों को तुरंत नीचे उतरने के लिए आवाज लगाई। अचानक मची अफरातफरी में कुछ यात्री दरवाजे से बाहर निकले, जबकि कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और बस धू-धूकर जलने लगी।
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बस से उठती आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार देखकर बाजार में भगदड़ जैसे हालात बन गए। बस से बाहर निकले यात्री दहशत में सड़क किनारे खड़े रहे। कई यात्रियों के मोबाइल, बैग, कपड़े और आभूषण बस में ही छूट गए, जो आग में जलकर राख हो गए। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने निजी समरसेबल से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट और फ्यूल पाइप जाम होने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। सीओ मनोज मिश्र ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं।
खिड़कियों से कूदकर बचाई जान
बस में धुआं भरते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। जान बचाने की कोशिश में कई यात्रियों ने खिड़कियों से छलांग लगा दी। मौके पर कुछ देर तक भगदड़ जैसे हालात बने रहे।
आग बुझाने में जुटे स्थानीय लोग
घटना के समय पुलिस पिकेट पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं मिला। स्थानीय युवकों ने अंबिका प्रसाद के निजी समरसेबल से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। लोगों की मदद से आग को फैलने से रोका जा सका।
किसी का बैग जला, किसी का मोबाइल गायब
प्रतापगढ़ निवासी शैलेश शर्मा अपने दो बच्चों शुभम और राधा के साथ बस से यात्रा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बस में धुआं भरते ही अफरातफरी मच गई। पहले बेटे शुभम को खिड़की से बाहर निकाला, फिर बेटी राधा को लेकर खुद दरवाजे से बाहर निकले। इस दौरान कपड़ों और आभूषणों से भरा बैग बस में ही छूट गया, जो आग में जल गया। वहीं, बस्ती निवासी मंजू सिंह ने बताया कि जान बचाने की आपाधापी में उन्होंने अपना बैग और मोबाइल एक व्यक्ति को पकड़ाया था। बाद में बैग तो मिल गया, लेकिन मोबाइल गायब हो गया।