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गौरीगंज से फतेह बहादुर होंगे कांग्रेस प्रत्याशी
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15 : गौरीगंज : मो. फतेह बहादुर। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। तिलोई व जगदीशपुर में प्रत्याशी घोषित करने के 20 दिन बाद कांग्रेस पार्टी ने गौरीगंज में भी पार्टी प्रत्याशी घोषित कर दिया है। गौरीगंज सीट पर कांग्रेस ने मो. फतेह बहादुर को टिकट दिया है। फतेह बहादुर वर्ष 2003 मेें इस सीट पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं।
कांग्रेस पार्टी ने जिले की दो सीटों (तिलोई में प्रदीप सिंघल व जगदीशपुर में विजय पासी) पर 20 दिन पहले अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। तब से लेकर अब तक पार्टी कार्यकर्ता व जिले के लोग शेष दोनों सीटों (गौरीगंज व अमेठी) पर पार्टी की ओर से प्रत्याशी घोषित किए जाने का इंतजार कर रहे थे। लंबे इंतजार के बाद रविवार को पार्टी ने गौरीगंज सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।
पार्टी की ओर से जारी अधिकृत सूची में मो. फतेह बहादुर को गौरीगंज से कांग्रेस प्रत्याशी बनाया गया है। गौरतलब है कि फतेह बहादुर के पिता नूर मोहम्मद को कांग्रेस ने गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव लड़ाया। पहली बार 1996 में उन्हें भाजपा के तेजभान सिंह से हार का सामना करना पड़ा तो 2002 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तेजभान सिंह को हराया।
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हालांकि चुनाव जीतने के महज छह माह के अंदर नूर मोहम्मद की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। नूर मोहम्मद की मौत के बाद 2003 में उपचुनाव हुआ। उप चुनाव में कांग्रेस ने नूर मोहम्मद के पुत्र मो. फतेह बहादुर को प्रत्याशी बनाया। फतेह बहादुर को चुनाव में 31,222 मत मिले। हालांकि वे बसपा के जंगबहादुर सिंह से चुनाव हार गए।
इसके बाद हुए तीन चुनावों (2007, 2012 व 2017) में पार्टी लगातार मो. नईम को प्रत्याशी बनाती रही और वे हारते रहे। इस चुनाव में भी नईम पार्टी से टिकट मांग रहे थे। टिकट नहीं मिलने पर नईम सपा में शामिल हो गए। नईम के सपा में जाने के तीन दिन बाद कांग्रेस ने गौरीगंज में एक बार फिर फतेह बहादुर पर दांव लगाने की घोषणा कर दी है।
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कांग्रेस पार्टी ने जिले की दो सीटों (तिलोई में प्रदीप सिंघल व जगदीशपुर में विजय पासी) पर 20 दिन पहले अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। तब से लेकर अब तक पार्टी कार्यकर्ता व जिले के लोग शेष दोनों सीटों (गौरीगंज व अमेठी) पर पार्टी की ओर से प्रत्याशी घोषित किए जाने का इंतजार कर रहे थे। लंबे इंतजार के बाद रविवार को पार्टी ने गौरीगंज सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।
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पार्टी की ओर से जारी अधिकृत सूची में मो. फतेह बहादुर को गौरीगंज से कांग्रेस प्रत्याशी बनाया गया है। गौरतलब है कि फतेह बहादुर के पिता नूर मोहम्मद को कांग्रेस ने गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव लड़ाया। पहली बार 1996 में उन्हें भाजपा के तेजभान सिंह से हार का सामना करना पड़ा तो 2002 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तेजभान सिंह को हराया।
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हालांकि चुनाव जीतने के महज छह माह के अंदर नूर मोहम्मद की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। नूर मोहम्मद की मौत के बाद 2003 में उपचुनाव हुआ। उप चुनाव में कांग्रेस ने नूर मोहम्मद के पुत्र मो. फतेह बहादुर को प्रत्याशी बनाया। फतेह बहादुर को चुनाव में 31,222 मत मिले। हालांकि वे बसपा के जंगबहादुर सिंह से चुनाव हार गए।
इसके बाद हुए तीन चुनावों (2007, 2012 व 2017) में पार्टी लगातार मो. नईम को प्रत्याशी बनाती रही और वे हारते रहे। इस चुनाव में भी नईम पार्टी से टिकट मांग रहे थे। टिकट नहीं मिलने पर नईम सपा में शामिल हो गए। नईम के सपा में जाने के तीन दिन बाद कांग्रेस ने गौरीगंज में एक बार फिर फतेह बहादुर पर दांव लगाने की घोषणा कर दी है।