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Amethi News: परिजनों ने तीन घंटे रोके रखा अंतिम संस्कार
Fri, 06 Dec 2024 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 06 Dec 2024 12:44 AM IST
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जगदीशपुर (अमेठी)। बेगमपुरा एक्सप्रेस के यात्री की निहालगढ़ रेलवे स्टेशन पर हुई हत्या के मामले में मृतक के परिजनों ने शव का कई घंटे तक अंतिम संस्कार रोके रखा। अधिकारियों के समझाने के बाद परिजनों ने देर रात शव को सुपुर्देखाक कर दिया।
घटना के बाद देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक उनकी ओर से दी गई तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं होगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिवार के लोग मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अंतिम संस्कार रोकने की खबर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
आननफानन भारी संख्या में पुलिस बल व जिम्मेदार अफसर मृतक के गांव पहुंच गए। मौके पर पहुंचे सीओ अतुल सिंह के समझाने पर परिजन अंतिम सस्कार करने को राजी हो गए। करीब तीन घंटे बाद परिजनों ने शव को सुपुर्देखाक कर दिया।
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फोन किया तो घबराया हुआ था तौहीद
जवान बेटे को खो चुके तौफीक वारदात की खबर पाकर अस्पताल पहुंचे तो मृतक व घायल बेटों को देखकर दहाड़ मारकर रोने लगे। बिलखते हुए बोले, बेटे तौहीद ने जब उन्हें फोन किया, तब वह घबराया हुआ था। उसने कहा कि कई लोग मुझे घेरे हुए हैं। तौफीक बोले, तौहीद ही घर का कमाऊ बेटा था। वह पंजाब में पांच दिन पूर्व गया था, लेकिन काम न चलने की वजह से वापस आ रहा था। घटना से परिवार में चीख-पुकार मची है। मृतक तौहीद के अलावा उसके तीन अन्य भाई तालिब, तौसीफ व छोटे हैं। मां आमरीन, बहन शिफा व फातमा का रो-रोकर बुरा हाल है।
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घटना के बाद देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक उनकी ओर से दी गई तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं होगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिवार के लोग मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अंतिम संस्कार रोकने की खबर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
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आननफानन भारी संख्या में पुलिस बल व जिम्मेदार अफसर मृतक के गांव पहुंच गए। मौके पर पहुंचे सीओ अतुल सिंह के समझाने पर परिजन अंतिम सस्कार करने को राजी हो गए। करीब तीन घंटे बाद परिजनों ने शव को सुपुर्देखाक कर दिया।
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फोन किया तो घबराया हुआ था तौहीद
जवान बेटे को खो चुके तौफीक वारदात की खबर पाकर अस्पताल पहुंचे तो मृतक व घायल बेटों को देखकर दहाड़ मारकर रोने लगे। बिलखते हुए बोले, बेटे तौहीद ने जब उन्हें फोन किया, तब वह घबराया हुआ था। उसने कहा कि कई लोग मुझे घेरे हुए हैं। तौफीक बोले, तौहीद ही घर का कमाऊ बेटा था। वह पंजाब में पांच दिन पूर्व गया था, लेकिन काम न चलने की वजह से वापस आ रहा था। घटना से परिवार में चीख-पुकार मची है। मृतक तौहीद के अलावा उसके तीन अन्य भाई तालिब, तौसीफ व छोटे हैं। मां आमरीन, बहन शिफा व फातमा का रो-रोकर बुरा हाल है।