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नहीं आई 15वें की अंतिम व राज्य वित्त की दो किस्तें
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जिले की 682 ग्राम पंचायतों को चालू वित्तीय वर्ष में मिलने वाली 15वें वित्त आयोग की अंतिम तथा राज्य वित्त आयोग की दो किस्तें अभी तक नहीं मिल सकी हैं। दोनों खातों में जिले को कुल 41 करोड़ 82 लाख रुपये मिलने हैं। 15 दिन बाद ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाने से अब इस राशि का उपभोग चुनाव बाद नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान ही कर सकेंगे।
शासन से ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रति वर्ष भारी भरकम राशि अवमुक्त की जाती है। 15वें केंद्रीय वित्त आयोग में दो किस्त तो राज्य वित्त आयोग के खाते में छह किस्त आनी थी। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने में महज 15 दिन शेष हैं बावजूद इसके शासन ने अब तक 15वें वित्त की अंतिम तो राज्य वित्त की दो किस्तों की राशि अवमुक्त नहीं की है।
ऐसे में ग्राम प्रधान अब इन तीन किस्तों का इस्तेमाल गांव के विकास में नहीं कर सकेंगे। जिले को 15वें केंद्रीय वित्त आयोग के खाते में पहली किस्त के रूप में 40 करोड़ मिल चुके हैं। अंतिम किस्त के रूप में भी इतनी ही राशि मिलनी है।
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जबकि राज्य वित्त के खाते में अब तक तीन करोड़ 38 लाख रुपये चार किस्तों में मिल चुकी है। जिले के ग्राम प्रधान गांव के विकास के लिए खुली बैठक में शामिल किए गए कार्यों का प्रस्ताव करा चुके हैं। बची तीनों किस्तों का प्रधान इंतजार भी कर रहे हैं।
सप्ताह भर में यदि राशि आ गई तो तकरीबन प्रधान कार्यकाल समाप्त होने से पहले कार्य शुरू करा देंगे। कार्यकाल समाप्त होने पर जो भी कार्य चालू हालत में होंगे उन्हें पूरा कराया जाना है।
जिला परियोजना प्रबंधक पंचायतीराज सूरज प्रताप सिंह ने बताया कि 15वें वित्त आयोग में पहली किस्त के रूप में 40 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। राज्य वित्त आयोग के मद में पहली किस्त के रूप में 65 लाख तो दूसरी, तीसरी व चौथी किस्त के रूप में 91-91 लाख रुपए मिले हैं।
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शासन से ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रति वर्ष भारी भरकम राशि अवमुक्त की जाती है। 15वें केंद्रीय वित्त आयोग में दो किस्त तो राज्य वित्त आयोग के खाते में छह किस्त आनी थी। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने में महज 15 दिन शेष हैं बावजूद इसके शासन ने अब तक 15वें वित्त की अंतिम तो राज्य वित्त की दो किस्तों की राशि अवमुक्त नहीं की है।
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ऐसे में ग्राम प्रधान अब इन तीन किस्तों का इस्तेमाल गांव के विकास में नहीं कर सकेंगे। जिले को 15वें केंद्रीय वित्त आयोग के खाते में पहली किस्त के रूप में 40 करोड़ मिल चुके हैं। अंतिम किस्त के रूप में भी इतनी ही राशि मिलनी है।
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जबकि राज्य वित्त के खाते में अब तक तीन करोड़ 38 लाख रुपये चार किस्तों में मिल चुकी है। जिले के ग्राम प्रधान गांव के विकास के लिए खुली बैठक में शामिल किए गए कार्यों का प्रस्ताव करा चुके हैं। बची तीनों किस्तों का प्रधान इंतजार भी कर रहे हैं।
सप्ताह भर में यदि राशि आ गई तो तकरीबन प्रधान कार्यकाल समाप्त होने से पहले कार्य शुरू करा देंगे। कार्यकाल समाप्त होने पर जो भी कार्य चालू हालत में होंगे उन्हें पूरा कराया जाना है।
जिला परियोजना प्रबंधक पंचायतीराज सूरज प्रताप सिंह ने बताया कि 15वें वित्त आयोग में पहली किस्त के रूप में 40 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। राज्य वित्त आयोग के मद में पहली किस्त के रूप में 65 लाख तो दूसरी, तीसरी व चौथी किस्त के रूप में 91-91 लाख रुपए मिले हैं।