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Amethi News: अकीदत से निकाला ईद-ए-गदीर का जुलूस
Mon, 16 Jun 2025 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 16 Jun 2025 12:24 AM IST
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क्षेत्र के भनौली गांव में रविवार को ईद-ए-गदीर का जुलूस में शामिल लोग। ग्रामीण
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मुसाफिरखाना (अमेठी)। क्षेत्र के भनौली गांव में रविवार को ईद-ए-गदीर का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस की शुरुआत जामा मस्जिद इमामबाग से हुई जो बस्ती, दरगाह-ए-आलिया मौला अब्बास, छोटे इमामबाड़े से होता हुआ बड़े इमामबाड़े पर संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत में अकीदतमंदों ने नमाज पढ़ी। उसके बाद महफिल में मौला अली की शान में कसीदे पेश किए गए। छोटे-बड़े, बच्चे-बुजुर्ग सभी मौला अली की मोहब्बत में सराबोर नजर आए। जुलूस के दौरान विभिन्न स्थानों पर छोला-चावल, शरबत, पानी और कोल्ड ड्रिंक के स्टॉल लगाए गए। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और बच्चों को ईदी दी गई।
अंजुमन सिपाहे हुसैनी के युवाओं ने मौला अली का पैगाम देते हुए मनकबतें और नारे पेश किए। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चुस्त रही। मौलाना कुमैल अब्बास ने बताया कि ईद-ए-गदीर वह ऐतिहासिक दिन है, जब पैगंबर हजरत मोहम्मद ने हजरत अली को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। यह दिन इस्लाम में इमामत की स्थापना का प्रतीक माना जाता है।
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कार्यक्रम की शुरुआत में अकीदतमंदों ने नमाज पढ़ी। उसके बाद महफिल में मौला अली की शान में कसीदे पेश किए गए। छोटे-बड़े, बच्चे-बुजुर्ग सभी मौला अली की मोहब्बत में सराबोर नजर आए। जुलूस के दौरान विभिन्न स्थानों पर छोला-चावल, शरबत, पानी और कोल्ड ड्रिंक के स्टॉल लगाए गए। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और बच्चों को ईदी दी गई।
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अंजुमन सिपाहे हुसैनी के युवाओं ने मौला अली का पैगाम देते हुए मनकबतें और नारे पेश किए। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चुस्त रही। मौलाना कुमैल अब्बास ने बताया कि ईद-ए-गदीर वह ऐतिहासिक दिन है, जब पैगंबर हजरत मोहम्मद ने हजरत अली को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। यह दिन इस्लाम में इमामत की स्थापना का प्रतीक माना जाता है।
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