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Amethi News: 100 रुपये के विवाद में हुई थी ई रिक्शा चालक की हत्या
Sat, 29 Mar 2025 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 29 Mar 2025 12:39 AM IST
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अमेठी सिटी। गौरीगंज के कटरा लालगंज निवासी ई रिक्शा चालक कमलेश यादव की हत्या 100 रुपये के विवाद हुई थी। बेटी की तहरीर पर केस दर्ज करने के 17 दिन बाद ई रिक्शा बरामद करते हुए शुक्रवार को पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया। हत्या में शामिल दो बाल अपचारियों को पकड़ने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
कमलेश यादव का क्षत-विक्षत शव 10 मार्च की सुबह लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल रूट की टिकरिया क्रॉसिंग पर पड़ा मिला था। मामले में बेटी लक्ष्मी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था। मृतक का मोबाइल फोन व ई रिक्शा गायब होने पर पुलिस ने जांच शुरू की। घर से लेकर घटनास्थल तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने मृतक के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर जांच आगे बढ़ाई।
इसी बीच शुक्रवार को मृतक के मोबाइल पर नया सिम लग चालू होने की जानकारी हुई तो पुलिस अलर्ट हो गई। सर्विलांस लोकेशन के जरिये पुलिस ने गोपालपुर मोड़ के पास से दो बाल अपचारियों को पकड़ा। पूछताछ में दोनों बाल अपचारियों ने किराये के रूप में रास्ते में 100 रुपये कम देने के विवाद में कमलेश का गला दबाने व बेहोश होने पर उन्हें रेल ट्रैक पर छोड़कर फरार होने की बात बताई।
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मृतक के मोबाइल में सिम लगाने पर पकड़े गए बाल अपचारी
इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय के मुताबिक बाल अपचारियों ने मुसाफिरखाना तिराहे से 200 रुपये में कमलेश का ई रिक्शा बुक किया। रास्ते में ही रोककर कमलेश ने उनसे किराया मांगा, उन्होंने 100 रुपये दिया और कहा कि बाकी घर पहुंचने पर देंगे, लेकिन कमलेश पूरा पैसा मांगते हुए विवाद करने लगे। इसी विवाद व कहासुनी के बीच एक-दूसरे का गला पकड़ने के दौरान कमलेश बेहोश हो गए। उनके बेहोश होने पर डर के कारण मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए कमलेश को रेलवे ट्रैक पर डालकर ई रिक्शा लेकर मौके से भाग निकले। ई रिक्शा को टिकरिया क्षेत्र में सुनसान स्थान पर छुपा दिया। इसी बीच याद आया कि उनका मोबाइल वहीं गिर गया है। मोबाइल लेने दोबारा पहुंचे तो उन्हें कमलेश का मोबाइल फोन व घड़ी मिली। काफी दिनों बाद मृतक के मोबाइल में सिम लगाने के बाद वह पकड़े गए। उनकी निशानदेही पर ई रिक्शा भी बरामद किया गया है।
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कमलेश यादव का क्षत-विक्षत शव 10 मार्च की सुबह लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल रूट की टिकरिया क्रॉसिंग पर पड़ा मिला था। मामले में बेटी लक्ष्मी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था। मृतक का मोबाइल फोन व ई रिक्शा गायब होने पर पुलिस ने जांच शुरू की। घर से लेकर घटनास्थल तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने मृतक के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर जांच आगे बढ़ाई।
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इसी बीच शुक्रवार को मृतक के मोबाइल पर नया सिम लग चालू होने की जानकारी हुई तो पुलिस अलर्ट हो गई। सर्विलांस लोकेशन के जरिये पुलिस ने गोपालपुर मोड़ के पास से दो बाल अपचारियों को पकड़ा। पूछताछ में दोनों बाल अपचारियों ने किराये के रूप में रास्ते में 100 रुपये कम देने के विवाद में कमलेश का गला दबाने व बेहोश होने पर उन्हें रेल ट्रैक पर छोड़कर फरार होने की बात बताई।
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मृतक के मोबाइल में सिम लगाने पर पकड़े गए बाल अपचारी
इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय के मुताबिक बाल अपचारियों ने मुसाफिरखाना तिराहे से 200 रुपये में कमलेश का ई रिक्शा बुक किया। रास्ते में ही रोककर कमलेश ने उनसे किराया मांगा, उन्होंने 100 रुपये दिया और कहा कि बाकी घर पहुंचने पर देंगे, लेकिन कमलेश पूरा पैसा मांगते हुए विवाद करने लगे। इसी विवाद व कहासुनी के बीच एक-दूसरे का गला पकड़ने के दौरान कमलेश बेहोश हो गए। उनके बेहोश होने पर डर के कारण मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए कमलेश को रेलवे ट्रैक पर डालकर ई रिक्शा लेकर मौके से भाग निकले। ई रिक्शा को टिकरिया क्षेत्र में सुनसान स्थान पर छुपा दिया। इसी बीच याद आया कि उनका मोबाइल वहीं गिर गया है। मोबाइल लेने दोबारा पहुंचे तो उन्हें कमलेश का मोबाइल फोन व घड़ी मिली। काफी दिनों बाद मृतक के मोबाइल में सिम लगाने के बाद वह पकड़े गए। उनकी निशानदेही पर ई रिक्शा भी बरामद किया गया है।