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Amethi News: बूंदाबांदी व तेज हवाओं ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
Sun, 23 Mar 2025 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 23 Mar 2025 12:38 AM IST
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जगदीशपुर में चल रही धूल भरी आंधी में आवागमन करते लोग। -संवाद
अमेठी सिटी। जिले में शनिवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। दोपहर से तेज हवाओं के साथ कुछ स्थानों पर हुई बूंदाबांदी के बाद पूरे जिले में हल्के बादल छा गए। इस दौरान धूप-छांव का सिलसिला बना रहा। तेज हवाओं के चलने से गेहूं की तैयार फसल कई जगहों पर खेतों में ही गिर गई। मौसम में आए बदलाव ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि बारिश और बादल होने की स्थिति में फसल उत्पादन में 20 से 25 प्रतिशत कमी आ सकती है।
मार्च माह में मौसम लगातार बदल रहा है। शनिवार दोपहर से पूरे जिले में मौसम बदलने लगा। इस दौरान धूल भरी तेज हवाओं के बीच कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में अगेती गेहूं की फसल पकने को तैयार है। ऐसे में अगर बारिश होती है तो फसल पूरी तरह चौपट हो सकती है। मार्च में बारिश का होना गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
गेहूं के साथ ही वर्तमान में सरसों की फसल की कटाई भी चल रही है लेकिन अचानक बारिश से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि गेहूं के लिए मार्च में अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। वातावरण में नमी बढ़ने के चलते कीट का प्रकोप बढ़ सकता है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा।
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किसान किसान सरयू प्रसाद तिवारी, बसंत मिश्र, रामकिशोर द्विवेदी, बद्री विशाल ने बताया कि गेहूं फसल तैयार होने की कगार पर है। सरसों, मटर,चना, मेथी, धनिया,अलसी की कटाई चल रही है। ऐसे में मौसम में बदलाव के बीच यदि बरसात होती है तो फसल को नुकसान हो सकता है।
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मार्च माह में मौसम लगातार बदल रहा है। शनिवार दोपहर से पूरे जिले में मौसम बदलने लगा। इस दौरान धूल भरी तेज हवाओं के बीच कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में अगेती गेहूं की फसल पकने को तैयार है। ऐसे में अगर बारिश होती है तो फसल पूरी तरह चौपट हो सकती है। मार्च में बारिश का होना गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
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गेहूं के साथ ही वर्तमान में सरसों की फसल की कटाई भी चल रही है लेकिन अचानक बारिश से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि गेहूं के लिए मार्च में अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। वातावरण में नमी बढ़ने के चलते कीट का प्रकोप बढ़ सकता है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा।
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किसान किसान सरयू प्रसाद तिवारी, बसंत मिश्र, रामकिशोर द्विवेदी, बद्री विशाल ने बताया कि गेहूं फसल तैयार होने की कगार पर है। सरसों, मटर,चना, मेथी, धनिया,अलसी की कटाई चल रही है। ऐसे में मौसम में बदलाव के बीच यदि बरसात होती है तो फसल को नुकसान हो सकता है।