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पशुओं को न खिलाएं नमी युक्त धान की पराली
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अमेठी। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए रविवार को पशुपालन विभाग ने किसानों व पशुपालकों के लिए एडवायजरी जारी की है। एडवायजरी में पशुओं का खयाल रखने के साथ ही नमी युक्त धान की पराली नहीं खिलाने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त यदि पशुओं के मुंह से अधिक लार व आंखों से पानी आता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पशु अस्पताल को दें।
धान की नमी युक्त पराली से पशुओं में होने वाली बीमारी व बरसात के पूर्व मवेशियों को बीमारी से बचाने के लिए मंगलवार को पशु पालन विभाग ने किसान व पशुपालकों के लिए एडवायजरी जारी की है।
जारी एडवायजरी में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्र पाठक ने पशुओं को नमी युक्त धान की पराली न खिलाने की अपील करते हुए बताया कि पराली में नमी होने से इसमें जहरीले फंगस पैदा हो जाते हैं।
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इसके सेवन से मवेशी की मौत भी हो सकती है। सीवीओ ने पशुओं के मुंह से अधिक मात्रा में लार आने, आंखों से पानी आने की दशा में तत्काल नजदीकी पशु अस्पताल से संपर्क कर योग्य चिकित्सक से उपचार सुनिश्चित कराने को कहा है।
सीबीओ ने मवेशियों को बीमारी से बचाने के लिए पालकों को नियमित टीकाकरण के साथ ही समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच करवाने की बात कहते हुए चारे में पोषाहार आदि का प्रयोग करने की भी सलाह दी है। सीवीओ ने बताया कि पालकों को मवेशी के इलाज में कोई भी परेशानी हो रही तो वह कार्यालय में संपर्क पर शिकायत के साथ मवेशी की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
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धान की नमी युक्त पराली से पशुओं में होने वाली बीमारी व बरसात के पूर्व मवेशियों को बीमारी से बचाने के लिए मंगलवार को पशु पालन विभाग ने किसान व पशुपालकों के लिए एडवायजरी जारी की है।
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जारी एडवायजरी में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्र पाठक ने पशुओं को नमी युक्त धान की पराली न खिलाने की अपील करते हुए बताया कि पराली में नमी होने से इसमें जहरीले फंगस पैदा हो जाते हैं।
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इसके सेवन से मवेशी की मौत भी हो सकती है। सीवीओ ने पशुओं के मुंह से अधिक मात्रा में लार आने, आंखों से पानी आने की दशा में तत्काल नजदीकी पशु अस्पताल से संपर्क कर योग्य चिकित्सक से उपचार सुनिश्चित कराने को कहा है।
सीबीओ ने मवेशियों को बीमारी से बचाने के लिए पालकों को नियमित टीकाकरण के साथ ही समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच करवाने की बात कहते हुए चारे में पोषाहार आदि का प्रयोग करने की भी सलाह दी है। सीवीओ ने बताया कि पालकों को मवेशी के इलाज में कोई भी परेशानी हो रही तो वह कार्यालय में संपर्क पर शिकायत के साथ मवेशी की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकता है।