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Amethi News: मछुआ समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग
Mon, 04 Aug 2025 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 04 Aug 2025 12:47 AM IST
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अमेठी सिटी। निषाद पार्टी के पदाधिकारियों ने अमेठी विधानसभा क्षेत्र की विधायक महाराजी प्रजापति व गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मांगपत्र भेजा है। इसमें मछुआ या मझवार समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने की मांग की है।
निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष सागर कश्यप ने बताया कि रविवार को दोनों विधायकों से मिलकर ज्ञापन दिया गया। यह ज्ञापन संविधान की अनुसूची, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की संस्तुति, विभिन्न राज्यों की तर्ज पर जारी अधिसूचनाओं के हवाले से तैयार किया गया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि मछुआ समाज की उपजातियां मल्लाह, केवट, निषाद, कश्यप, गोंड, धीवर, रायकवार आदि पहले से कई राज्यों में अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल हैं। परंतु उत्तर प्रदेश में इन्हें अभी तक अन्य पिछड़ा वर्ग में रखा गया है। इससे इन वर्गों को सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक अवसरों में पिछड़ापन झेलना पड़ रहा है।
वर्ष 2007 में एक शासनादेश में मछुआ समाज को अनुसूचित जाति सूची में शामिल करने की संस्तुति की गई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। प्रतिनिधिमंडल में शंभू कश्यप, संजीव निषाद, राकेश कश्यप, हेमराज कश्यप सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। सभी ने मांग की कि जल्द से जल्द मछुआ समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए।
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निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष सागर कश्यप ने बताया कि रविवार को दोनों विधायकों से मिलकर ज्ञापन दिया गया। यह ज्ञापन संविधान की अनुसूची, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की संस्तुति, विभिन्न राज्यों की तर्ज पर जारी अधिसूचनाओं के हवाले से तैयार किया गया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि मछुआ समाज की उपजातियां मल्लाह, केवट, निषाद, कश्यप, गोंड, धीवर, रायकवार आदि पहले से कई राज्यों में अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल हैं। परंतु उत्तर प्रदेश में इन्हें अभी तक अन्य पिछड़ा वर्ग में रखा गया है। इससे इन वर्गों को सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक अवसरों में पिछड़ापन झेलना पड़ रहा है।
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वर्ष 2007 में एक शासनादेश में मछुआ समाज को अनुसूचित जाति सूची में शामिल करने की संस्तुति की गई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। प्रतिनिधिमंडल में शंभू कश्यप, संजीव निषाद, राकेश कश्यप, हेमराज कश्यप सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। सभी ने मांग की कि जल्द से जल्द मछुआ समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए।
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