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स्वामित्व योजना के पहले चरण की समय सीमा तय
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अमेठी। केंद्र की अति महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत पहले चरण का कार्य पूरा करने के लिए 31 मार्च की समय सीमा तय कर दी गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के 11 गांवों में आबादी पर आबाद लोगों को घरौनी देने के बाद अवशेष 659 गांवों में चल रहे कार्य को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन को शासन से एक ड्रोन कैमरा भी मिल गया है।
जिले में राजस्व गांवों की कुल संख्या 739 है। इनमें से 52 गांवों में चकबंदी प्रक्रया चल रही है। पांच गांव गैर आबाद हैं तो 12 गांव अलग-अलग नगर पालिका परिषद-नगर पंचायतों में शामिल किए जा चुके हैं। इस प्रकार केंद्र सरकार की ओर से लागू स्वामित्व योजना का कार्य फिलहाल जिले के मात्र 670 गांवों में होना है।
गत जुलाई-अगस्त में जिले के 11 गांवों को इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित किया गया था। इन गांवों में सर्वे व ड्रोन कैमरे से आबादी पर हुए निर्माण की फोटो लेने के बाद गत 11 अक्टूबर को लोगों को घरौनी की नकल उपलब्ध करा दी गई।
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पायलट प्रोजेक्ट में शामिल गांवों में लोगों को घरौनी उपलब्ध कराने के बाद राजस्व विभाग ने अवशेष 659 गांवों में कार्य पूरा करने के लिए शासन से ड्रोन कैमरा व इसका संचालन करने वाली टीम की मांग की थी। शासन ने योजना को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2021 की समय सीमा तय करते हुए एक ड्रोन कैमरा व टीम जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है।
कैमरा व टीम मिलने के बाद राजस्व कर्मियों को जल्द सर्वे कार्य पूरा कर आबादी पर आबाद लोगों के मकानों व अन्य निर्माण की फोटो लेने के साथ कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि पहले चरण में आबादी पर आबाद परिवारों को घरौनी उपलब्ध कराने के बाद योजना का दूसरा चरण शुरू होगा। दूसरे चरण में ऐसे लोगों के मकान व अन्य निर्माण की फोटो व डिटेल लेकर घरौनी उपलब्ध कराई जाएगी जिन्होंने अपनी संक्रमणीय भूमि पर मकान आदि का निर्माण किया है। सर्वे के दौरान राजस्व कर्मी लोगों से उनका आधार लेने के साथ वस्तुस्थिति की जानकारी भी कर रहे हैं।
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जिले में राजस्व गांवों की कुल संख्या 739 है। इनमें से 52 गांवों में चकबंदी प्रक्रया चल रही है। पांच गांव गैर आबाद हैं तो 12 गांव अलग-अलग नगर पालिका परिषद-नगर पंचायतों में शामिल किए जा चुके हैं। इस प्रकार केंद्र सरकार की ओर से लागू स्वामित्व योजना का कार्य फिलहाल जिले के मात्र 670 गांवों में होना है।
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गत जुलाई-अगस्त में जिले के 11 गांवों को इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित किया गया था। इन गांवों में सर्वे व ड्रोन कैमरे से आबादी पर हुए निर्माण की फोटो लेने के बाद गत 11 अक्टूबर को लोगों को घरौनी की नकल उपलब्ध करा दी गई।
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पायलट प्रोजेक्ट में शामिल गांवों में लोगों को घरौनी उपलब्ध कराने के बाद राजस्व विभाग ने अवशेष 659 गांवों में कार्य पूरा करने के लिए शासन से ड्रोन कैमरा व इसका संचालन करने वाली टीम की मांग की थी। शासन ने योजना को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2021 की समय सीमा तय करते हुए एक ड्रोन कैमरा व टीम जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है।
कैमरा व टीम मिलने के बाद राजस्व कर्मियों को जल्द सर्वे कार्य पूरा कर आबादी पर आबाद लोगों के मकानों व अन्य निर्माण की फोटो लेने के साथ कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि पहले चरण में आबादी पर आबाद परिवारों को घरौनी उपलब्ध कराने के बाद योजना का दूसरा चरण शुरू होगा। दूसरे चरण में ऐसे लोगों के मकान व अन्य निर्माण की फोटो व डिटेल लेकर घरौनी उपलब्ध कराई जाएगी जिन्होंने अपनी संक्रमणीय भूमि पर मकान आदि का निर्माण किया है। सर्वे के दौरान राजस्व कर्मी लोगों से उनका आधार लेने के साथ वस्तुस्थिति की जानकारी भी कर रहे हैं।