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डीएपी की किल्लत खत्म, शुरू हुआ वितरण
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गौरीगंज (अमेठी)। रबी सीजन में डीएपी उर्वरक की कमी जिले में खत्म हो गई है। बुधवार रात रेलवे स्टेशन के साइडिंग ट्रैक पर इफ्को कंपनी की 2700 एमटी डीएपी के साथ 288.75 एमटी एनपीके उर्वरक की रैक पहुंची। रैक पहुंचने के बाद कृषि विभाग ने समितियों के साथ उर्वरक बिक्री केंद्र पर आपूर्ति पहुंचाते हुए वितरण शुरू करा दिया है। उर्वरक बिक्री केंद्रों से प्वाइंट ऑफ सेल मशीन से खतौनी में दर्ज खेती योग्य भूमि के हिसाब से उर्वरक की बिक्री की जाएगी।
धान कटाई के बाद किसान नवंबर व दिसंबर माह में आलू, मटर, सरसों व गेहूं समेत रबी सीजन की फसलों की बोआई व तैयारी में जुटे हैं। रबी सीजन की फसलों की बोआई के समय फॉस्फेटिक उर्वरक, एनपीके एसएसपी व यूरिया की न्यूनतम मांग के साथ ही डीएपी उर्वरक की अधिक आवश्यकता होती है। बोआई के समय जिले में डीएपी की कमी से किसान परेशान थे।
डीएपी को लेकर किसानों की परेशानी दूर करने के लिए कृषि विभाग की मांग पर इफ्को कंपनी की ओर से आवंटित 2,700 एमटी डीएपी बुधवार रात गौरीगंज रेलवे स्टेशन के साइडिंग ट्रैक पर पहुंची। डीएपी के साथ 288.75 एनपीके पहुंचने के बाद कृषि विभाग पंजीकृत साधन सहकारी समिति व इफ्को बिक्री केंद्र पर मांग के अनुसार आवंटित कर आपूर्ति करने में जुटा है।
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बृहस्पतिवार सुबह 20 साधन सहकारी समितियों पर डीएपी पहुंचने के बाद वितरण भी शुरू हो गया है। इफ्को बिक्री केंद्र के साथ पीसीएफ की साधन सहकारी समिति के माध्यम से प्वाइंट ऑफ सेल मशीन से खतौनी व आधार बेस पर निर्धारित रेट पर किसानों को डीएपी उर्वरक बिक्री करने का निर्देश प्रभारियों को देते हुए निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने किसानों को फसलवार उर्वरक प्रयोग व मात्रा की जानकारी देते हुए निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक प्रयोग करने की सलाह दी है।
बाजारों में भी मिलेगी डीएपी
किसानों को डीएपी की किल्लत न हो इसके लिए एक हजार मीट्रिक टन उत्तमवीर कंपनी की डीएपी रायबरेली साइडिंग से भी जिले को मिली है। इसकी बिक्री पंजीकृत थोक विक्रेताओं को आपूर्ति करते हुए फुटकर विक्रेताओं के माध्यम से कराई जाएगी। इतना ही नहीं गोदावरी कंपनी की भी एक हजार एमटी डीएपी सुल्तानपुर के रैक प्वांइट पर पहुंच गई है। प्राप्त निजी कंपनियों की डीएपी को भी कृषि विभाग दुकानवार आवंटित कर किसानों तक पहुंचाने की कोशिश में जुटा है।
जिले में नहीं उर्वरक की कमी
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि जिले में रबी सीजन में आवश्यक डीएपी की आपूर्ति मिल चुकी है। उर्वरक की आपूर्ति मिलने के बाद किसानों को वितरित की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि वितरण की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम गठित किया है। किसान डीएपी उर्वरक नहीं मिलने, विक्रेता के ओवररेटिंग करने या खेतों में फसलवार उर्वरक प्रयोग की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 7983400613 पर संपर्क कर सकते हैं। किसानों को प्रत्येक दशा में निर्धारित रेट पर डीएपी मिलेगी।
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धान कटाई के बाद किसान नवंबर व दिसंबर माह में आलू, मटर, सरसों व गेहूं समेत रबी सीजन की फसलों की बोआई व तैयारी में जुटे हैं। रबी सीजन की फसलों की बोआई के समय फॉस्फेटिक उर्वरक, एनपीके एसएसपी व यूरिया की न्यूनतम मांग के साथ ही डीएपी उर्वरक की अधिक आवश्यकता होती है। बोआई के समय जिले में डीएपी की कमी से किसान परेशान थे।
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डीएपी को लेकर किसानों की परेशानी दूर करने के लिए कृषि विभाग की मांग पर इफ्को कंपनी की ओर से आवंटित 2,700 एमटी डीएपी बुधवार रात गौरीगंज रेलवे स्टेशन के साइडिंग ट्रैक पर पहुंची। डीएपी के साथ 288.75 एनपीके पहुंचने के बाद कृषि विभाग पंजीकृत साधन सहकारी समिति व इफ्को बिक्री केंद्र पर मांग के अनुसार आवंटित कर आपूर्ति करने में जुटा है।
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बृहस्पतिवार सुबह 20 साधन सहकारी समितियों पर डीएपी पहुंचने के बाद वितरण भी शुरू हो गया है। इफ्को बिक्री केंद्र के साथ पीसीएफ की साधन सहकारी समिति के माध्यम से प्वाइंट ऑफ सेल मशीन से खतौनी व आधार बेस पर निर्धारित रेट पर किसानों को डीएपी उर्वरक बिक्री करने का निर्देश प्रभारियों को देते हुए निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने किसानों को फसलवार उर्वरक प्रयोग व मात्रा की जानकारी देते हुए निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक प्रयोग करने की सलाह दी है।
बाजारों में भी मिलेगी डीएपी
किसानों को डीएपी की किल्लत न हो इसके लिए एक हजार मीट्रिक टन उत्तमवीर कंपनी की डीएपी रायबरेली साइडिंग से भी जिले को मिली है। इसकी बिक्री पंजीकृत थोक विक्रेताओं को आपूर्ति करते हुए फुटकर विक्रेताओं के माध्यम से कराई जाएगी। इतना ही नहीं गोदावरी कंपनी की भी एक हजार एमटी डीएपी सुल्तानपुर के रैक प्वांइट पर पहुंच गई है। प्राप्त निजी कंपनियों की डीएपी को भी कृषि विभाग दुकानवार आवंटित कर किसानों तक पहुंचाने की कोशिश में जुटा है।
जिले में नहीं उर्वरक की कमी
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि जिले में रबी सीजन में आवश्यक डीएपी की आपूर्ति मिल चुकी है। उर्वरक की आपूर्ति मिलने के बाद किसानों को वितरित की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि वितरण की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम गठित किया है। किसान डीएपी उर्वरक नहीं मिलने, विक्रेता के ओवररेटिंग करने या खेतों में फसलवार उर्वरक प्रयोग की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 7983400613 पर संपर्क कर सकते हैं। किसानों को प्रत्येक दशा में निर्धारित रेट पर डीएपी मिलेगी।