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बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

Sat, 22 Feb 2020 10:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2020 10:54 PM IST
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Damage to crops due to rain and hail
अमेठी। क्षेत्र में शुक्रवार सुुबह से शुरू हुई रिमझिम के बाद देर शाम तेज बारिश के साथ कई स्थानों पर ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से गेहूं की अगैती व तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ। ओले पड़ने से सर्दी के साथ ही किसानों की परेशानी बढ़ गई।
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महाशिवरात्रि के दिन शुक्रवार सुबह से शुरू हुई रिमझिम देर शाम तेज बारिश में तब्दील हो गई। तेज बारिश के साथ ओले भी पड़े। बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। ओले पड़ने से मौसम ने अचानक करवट बदली और सर्दी एक बार फिर से बढ़ गई।
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जोरदार बारिश व ओलावृष्टि होने से गेहूं की अगैती फसल बोने वाले किसानों के गेहूं के पौधे खेत में गिरने से और सरसों, अरहर, चना, मसूर, मटर, धनिया समेत दलहनी व तिलहनी फसलों के फूल झड़ने से जहां एक ओर किसानों का भारी नुकसान हुआ वहीं दूसरी ओर गेहूं की पिछेती खेती करने वाले किसानों और आम के पेड़ों से धूल, जाले व अन्य कीटों के धुल जाने से लोगों का फायदा भी हुआ है।
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इससे मुसाफिरखाना क्षेत्र के गुन्नौर, अलीगंज, कस्थुनी पूरब, कस्थुनी पश्चिम, रसूलाबाद, पूरे परवानी, भद्दौर, दादरा तो जगदीशपुर क्षेत्र के गांव थौरी, पिछूती, देवकली रानीगंज, अलमापुर, निसूरा, मंगौली, डोमाडीह, जलालपुर तिवारी, निहालगढ़ चक जंगला, सिधियावां तथा जामो के नंदमहर, नीमी, घोसियान व अतरौली समेत दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं।
मौसम के इस मिजाज ने क्षेत्र के किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि गेहूं की अगैती खेती करने वाले किसानों की फसलें जिनमें बालियां निकल आई थीं और उनकी पहले से सिंचाई कर दी गई थी, वे फसलें गिर गई हैं।
जहां किसान गेहूं की पिछेती खेती किए थे उनका फायदा हुआ है। दलहनी और तिलहनी फसलों के नुकसान के विषय में बताया कि जहां पर ओलावृष्टि हुई है वहां फसलों के फूल गिरने से उनका नुकसान हुआ है। जहां पर सिर्फ बारिश हुई है वहां दलहनी व तिलहनी फसलों को फायदा हुआ है।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि शुक्रवार को लगभग 20 मिलीमीटर बरसात रिकार्ड की गई। उनका कहना था कि आने वाले दिनों में 25 और 26 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है। 26 फरवरी तक मौसम में नमी के साथ आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है।
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