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झमाझम बारिश व तेज हवा से फसलें बर्बाद
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18 : जगदीशपुर : बरसात बाद सीवान में गिरी किसान की धान की फसल। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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जगदीशपुर (अमेठी)। मौसम में अचानक रविवार दोपहर बाद आए बदलाव ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी वहीं किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक चली तेज हवा के साथ झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई। किसानों की धान की फसल कटकर खेेतों में पड़ी है तो सरसों सहित अन्य दलहनी फसलों की बुआई भी हो रही है। इस बारिश से फसलें बर्बाद हो जाने का अंदेशा है।
शुक्रवार दोपहर बाद अचानक मौसम के बदले मिजाज ने किसानों को परेशान कर दिया। चली तेज हवा के बीच क्षेत्र के कई हिस्से में बारिश होने लगी। इस समय बड़ी संख्या में किसानों के धान की फसल तैयार है। ज्यादातर किसान धान की कटाई शुरू कर चुके हैं। काटी गई फसल अभी खेत में ही पड़ी है। बारिश से खेत में पानी भरने के कारण पूरी फसल भीग गई।
इससे धान के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके आनंद ने बताया कि खेत में ज्यादा नमी होने से इस समय पककर तैयार धान की कटाई में देरी होगी। इस समय बहुत से किसान सरसों, चना, मटर एवं मसूर की बुआई प्रारंभ कर चुके हैं। बारिश के कारण खेत में अत्यधिक नमी की वजह से अब इन फसलों की बुआई में विलंब होगा।
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कई जगहों पर इस समय धान की लंबी अवधि की प्रजातियां पुष्पावस्था में हैं उनमें भी बारिश से नुकसान हो सकता है। इस बारिश से सब्जियों की फसल भी प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए किसान सब्जियों के खेत में जल निकास की व्यवस्था अवश्य करें।
धान काटने के बाद यदि खेत मेें पानी लगने से फसल भीग गई हो तो उसे उठाकर मेड़ या किसी ऊंचे स्थान पर रखें। मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार अगले बुधवार तक जिले में हल्की से मध्यम वर्षा होगी। इसलिए अभी तीन चार दिन फसल की कटाई न करें। केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र सिंह ने पशुओं को बारिश में भीगने से बचाने का सुझाव दिया। कहा कि इस समय मौसम में परिवर्तन होता है। ऐसे में यदि पशु भीगता है तो उसको बुखार होने की संभावना रहती है।
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शुक्रवार दोपहर बाद अचानक मौसम के बदले मिजाज ने किसानों को परेशान कर दिया। चली तेज हवा के बीच क्षेत्र के कई हिस्से में बारिश होने लगी। इस समय बड़ी संख्या में किसानों के धान की फसल तैयार है। ज्यादातर किसान धान की कटाई शुरू कर चुके हैं। काटी गई फसल अभी खेत में ही पड़ी है। बारिश से खेत में पानी भरने के कारण पूरी फसल भीग गई।
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इससे धान के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके आनंद ने बताया कि खेत में ज्यादा नमी होने से इस समय पककर तैयार धान की कटाई में देरी होगी। इस समय बहुत से किसान सरसों, चना, मटर एवं मसूर की बुआई प्रारंभ कर चुके हैं। बारिश के कारण खेत में अत्यधिक नमी की वजह से अब इन फसलों की बुआई में विलंब होगा।
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कई जगहों पर इस समय धान की लंबी अवधि की प्रजातियां पुष्पावस्था में हैं उनमें भी बारिश से नुकसान हो सकता है। इस बारिश से सब्जियों की फसल भी प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए किसान सब्जियों के खेत में जल निकास की व्यवस्था अवश्य करें।
धान काटने के बाद यदि खेत मेें पानी लगने से फसल भीग गई हो तो उसे उठाकर मेड़ या किसी ऊंचे स्थान पर रखें। मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार अगले बुधवार तक जिले में हल्की से मध्यम वर्षा होगी। इसलिए अभी तीन चार दिन फसल की कटाई न करें। केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र सिंह ने पशुओं को बारिश में भीगने से बचाने का सुझाव दिया। कहा कि इस समय मौसम में परिवर्तन होता है। ऐसे में यदि पशु भीगता है तो उसको बुखार होने की संभावना रहती है।