{"_id":"68c718d3e3fdf74b450001a4","slug":"controversy-escalated-over-ramlila-committee-amethi-news-c-96-1-ame1002-148454-2025-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: रामलीला समिति को लेकर बढ़ा विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: रामलीला समिति को लेकर बढ़ा विवाद
Mon, 15 Sep 2025 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 15 Sep 2025 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी सिटी। जिला मुख्यालय गौरीगंज में दशहरा और भरत मिलाप कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर रामलीला समिति पर विवाद गहराता जा रहा है। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने आरोप लगाया है कि फर्जी पंजीकरण नंबर के आधार पर समिति का गठन कर कार्यक्रम कराने की तैयारी हो रही है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर केवल वैध समिति को ही आयोजन की अनुमति दी जाए।
प्रदेश उपाध्यक्ष महेश प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा कि गौरीगंज में रामलीला का मंचन वर्ष 1909 से होता आ रहा है, लेकिन 2024 में अचानक परंपरा को रोक दिया गया, जो सनातन धर्मावलंबियों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंचन बंद कराने वाले लोग इस वर्ष फिर से आयोजन की तैयारी कर रहे हैं। यही नहीं पंजीकृत समिति का रजिस्ट्रेशन नंबर प्रयोग कर नई कमेटी बनाकर पदाधिकारी घोषित कर दिए गए, जो गंभीर जालसाजी है।
महेश प्रताप सिंह ने कहा कि दोनों समितियों की जांच कर यह तय होना चाहिए कि असली समिति कौन सी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पिछले वर्ष रावण दहन और रामलीला का मंचन क्यों नहीं किया गया और सनातनी समाज की भावनाओं को ठेस क्यों पहुंचाई गई। करणी सेना ने स्पष्ट किया कि समिति के सदस्यों पर जालसाजी और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। संगठन ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि नवरात्र शुरू होने से पहले जांच पूरी कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि सनातनी परंपरा पर कोई आंच न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश उपाध्यक्ष महेश प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा कि गौरीगंज में रामलीला का मंचन वर्ष 1909 से होता आ रहा है, लेकिन 2024 में अचानक परंपरा को रोक दिया गया, जो सनातन धर्मावलंबियों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंचन बंद कराने वाले लोग इस वर्ष फिर से आयोजन की तैयारी कर रहे हैं। यही नहीं पंजीकृत समिति का रजिस्ट्रेशन नंबर प्रयोग कर नई कमेटी बनाकर पदाधिकारी घोषित कर दिए गए, जो गंभीर जालसाजी है।
विज्ञापन
महेश प्रताप सिंह ने कहा कि दोनों समितियों की जांच कर यह तय होना चाहिए कि असली समिति कौन सी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पिछले वर्ष रावण दहन और रामलीला का मंचन क्यों नहीं किया गया और सनातनी समाज की भावनाओं को ठेस क्यों पहुंचाई गई। करणी सेना ने स्पष्ट किया कि समिति के सदस्यों पर जालसाजी और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। संगठन ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि नवरात्र शुरू होने से पहले जांच पूरी कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि सनातनी परंपरा पर कोई आंच न आए।
विज्ञापन