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Amethi News: खाई में गिरा कंटेनर, चालक की मौत, खलासी जख्मी
Sat, 18 May 2024 03:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 18 May 2024 03:26 AM IST
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हाईवे किनारे खाई में गिरे कंटेनर को उठाती क्रेन
बाजार शुकुल (अमेठी)। कर्नाटक से अयोध्या चौपहिया वाहन लेकर जा रहा एक कंटेनर अनियंत्रित होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर करीब 15 फीट गहरी खाईं में जा गिरा। हादसे में चालक की मौत हो गई और कंडक्टर गंभीर रूप से जख्मी हुआ। करीब पांच घंटे के राहत कार्य के बाद वाहन उठा कर चालक का शव निकाला गया।
राहत कार्य में देरी के चलते यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी को ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। पुलिस ने पहुंच कर स्थिति संभाली और राहत कार्य में तेजी लाई गई। शुक्रवार को कर्नाटक से एक कंटेनर चौपहिया वाहन लेकर लखनऊ की ओर से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रास्ते अयोध्या जा रहा था। कंटेनर को मैनपुरी के कुर्दा वीरपुर निवासी अश्वनी (35) पुत्र इस्पेक्टर सिंह चला रहा था। उसके साथ मैनपुरी के ही मेहरूआ निवासी खलासी अरबाज खान (20) पुत्र आजाद खान था।
दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे कंटेनर बाजार शुकुल थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के किलो मीटर संख्या 66 निरहीगढ़ के पास पहुंचा। तभी चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और हाइवे व सर्विस रोड के बीच करीब 15 फीट गहरी खाईं में जा गिरा। कंटेनर का केबिन नीचे की ओर था और पिछला हिस्सा ऊपर की ओर था। केबिन में सवार चालक व खलासी उसी में फंस गए।
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लोगों ने पुलिस के साथ यूपीडा के सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू किया। किसी तरह केबिन में फंसे खलासी को करीब दो घंटे बाद निकाला जा सका। गंभीर रूप से जिला अस्पताल गौरीगंज में भर्ती कराया। चालक को नहीं निकाला जा सका। क्रेन के माध्यम से पांच घंटे बाद चालक को निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। एसओ तनुज कुमार पाल का कहना है कि हादसे में चालक की मौत हो गई और कंडक्टर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
दो घंटे तक बचाव के लिए चीखता रहा खलासी
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे के बाद वहां पहुंचे तमाम लोगों का दिल मंजर देखकर दहल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क से करीब 15 फीट नीचे कंटेनर गिरा था। कंटेनर के केबिन में मौजूद चालक व कंडक्टर फंसे थे। खलासी वाहन के नीचे दबा होने से बचाव के लिए चीख-पुकार कर रहा था, लेकिन मौजूद लोग बेबस थे। उनके पास उसे निकालने का कोई जरिया नहीं था।
पुलिस क्रेन आदि लाने की कोशिशों में जुटी थी। लोगों ने यूपीडा के सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी थी। सूचना के बाद सुरक्षा अधिकारी हरि सिंह व बादाम सिंह पहुंचे, लेकिन उनके पास संसाधन नहीं थे। यह देख लोग पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के सुरक्षा अधिकारियों पर नाराज हो गए। लोग उन्हें घेरने लगे। बात और बिगड़ती, इससे पहले ही एसओ तनुज पाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामला शांत किया और राहत कार्य में तेजी लाई गई। यूपीडा के सुरक्षा अफसर हरि सिंह का कहना है कि क्रेन आने में विलंब हो गया था, जिससे वहां मौजूद लोगों ने नाराजगी जताई। अलग-अलग जगहों से क्रेन बुलाई गई। इसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ।
पांच घंटे तक चला राहत व बचाव कार्य
हादसे के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन कोई उपाय काम नहीं कर रहा था। क्रेन आने पर काफी देर हुई। एक क्रेन आई तो काम नहीं चला। उसके बाद दो अन्य क्रेन मंगाई गईं और दो जेसीबी बुलाई गईं। जिसके बाद राहत कार्य में तेजी आई। हादसे के करीब दो घंटे बाद जख्मी हालत में कंडक्टर को निकाला गया, जबकि चालक का शव घटना के करीब पांच घंटे बाद निकाला जा सका। लोगों का कहना है कि यदि समय से संसाधन उपलब्ध हो जाते तो शायद चालक की भी जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद राहत व बचाव कार्य में पांच घंटे लगे। पांच घंटे चालक दबा रहा।
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राहत कार्य में देरी के चलते यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी को ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। पुलिस ने पहुंच कर स्थिति संभाली और राहत कार्य में तेजी लाई गई। शुक्रवार को कर्नाटक से एक कंटेनर चौपहिया वाहन लेकर लखनऊ की ओर से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रास्ते अयोध्या जा रहा था। कंटेनर को मैनपुरी के कुर्दा वीरपुर निवासी अश्वनी (35) पुत्र इस्पेक्टर सिंह चला रहा था। उसके साथ मैनपुरी के ही मेहरूआ निवासी खलासी अरबाज खान (20) पुत्र आजाद खान था।
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दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे कंटेनर बाजार शुकुल थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के किलो मीटर संख्या 66 निरहीगढ़ के पास पहुंचा। तभी चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और हाइवे व सर्विस रोड के बीच करीब 15 फीट गहरी खाईं में जा गिरा। कंटेनर का केबिन नीचे की ओर था और पिछला हिस्सा ऊपर की ओर था। केबिन में सवार चालक व खलासी उसी में फंस गए।
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लोगों ने पुलिस के साथ यूपीडा के सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू किया। किसी तरह केबिन में फंसे खलासी को करीब दो घंटे बाद निकाला जा सका। गंभीर रूप से जिला अस्पताल गौरीगंज में भर्ती कराया। चालक को नहीं निकाला जा सका। क्रेन के माध्यम से पांच घंटे बाद चालक को निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। एसओ तनुज कुमार पाल का कहना है कि हादसे में चालक की मौत हो गई और कंडक्टर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
दो घंटे तक बचाव के लिए चीखता रहा खलासी
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे के बाद वहां पहुंचे तमाम लोगों का दिल मंजर देखकर दहल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क से करीब 15 फीट नीचे कंटेनर गिरा था। कंटेनर के केबिन में मौजूद चालक व कंडक्टर फंसे थे। खलासी वाहन के नीचे दबा होने से बचाव के लिए चीख-पुकार कर रहा था, लेकिन मौजूद लोग बेबस थे। उनके पास उसे निकालने का कोई जरिया नहीं था।
पुलिस क्रेन आदि लाने की कोशिशों में जुटी थी। लोगों ने यूपीडा के सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी थी। सूचना के बाद सुरक्षा अधिकारी हरि सिंह व बादाम सिंह पहुंचे, लेकिन उनके पास संसाधन नहीं थे। यह देख लोग पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के सुरक्षा अधिकारियों पर नाराज हो गए। लोग उन्हें घेरने लगे। बात और बिगड़ती, इससे पहले ही एसओ तनुज पाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामला शांत किया और राहत कार्य में तेजी लाई गई। यूपीडा के सुरक्षा अफसर हरि सिंह का कहना है कि क्रेन आने में विलंब हो गया था, जिससे वहां मौजूद लोगों ने नाराजगी जताई। अलग-अलग जगहों से क्रेन बुलाई गई। इसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ।
पांच घंटे तक चला राहत व बचाव कार्य
हादसे के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन कोई उपाय काम नहीं कर रहा था। क्रेन आने पर काफी देर हुई। एक क्रेन आई तो काम नहीं चला। उसके बाद दो अन्य क्रेन मंगाई गईं और दो जेसीबी बुलाई गईं। जिसके बाद राहत कार्य में तेजी आई। हादसे के करीब दो घंटे बाद जख्मी हालत में कंडक्टर को निकाला गया, जबकि चालक का शव घटना के करीब पांच घंटे बाद निकाला जा सका। लोगों का कहना है कि यदि समय से संसाधन उपलब्ध हो जाते तो शायद चालक की भी जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद राहत व बचाव कार्य में पांच घंटे लगे। पांच घंटे चालक दबा रहा।