{"_id":"687bf2e659ca9130e809e0d0","slug":"consumers-are-troubled-by-the-arbitrary-behavior-of-readers-amethi-news-c-96-1-ame1008-144947-2025-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: रीडरों की मनमानी से उपभोक्ता परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: रीडरों की मनमानी से उपभोक्ता परेशान
Sun, 20 Jul 2025 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 20 Jul 2025 01:02 AM IST
विज्ञापन
गौरीगंज उपखंड कार्यालय पर आयोजित मेगा कैंप में उपभोक्ताओं की समस्या सुनते अधिकारी। संवाद
अमेठी सिटी। बिजली विभाग के मीटर रीडरों की मनमानी उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा रही है। गौरीगंज उपखंड कार्यालय पर आयोजित शिविर में पहुंचे उपभोक्ताओं ने ऊर्जा निगम के कर्मियों, अफसरों व मीटर रीडरों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। शहर और गांवों में समय पर मीटर रीडिंग नहीं होने व अधिक बिल आने की शिकायतें ज्यादा आईं।
ऊर्जा निगम की ओर से शनिवार को अंतिम दिन गौरीगंज सहित जिले के सभी खंड व उपखंड कार्यालय पर मेगा शिविर आयोजित हुआ। गौरीगंज के पूरे पांडेय निवासी राहुल ने बताया कि मार्च 2024 तक उनका बिजली बिल सही आ रहा था। नौ अप्रैल को अचानक उनके मोबाइल पर 10700 रुपये बिजली बिल का मेसेज आया। उसके बाद मई में 17 हजार और 27 हजार के दो मेसेज आए। लगातार वह बिल सही कराने के लिए ऊर्जा विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
गौरीगंज कस्बा निवासी आदित्य सिंह ने बताया कि मीटर रीडर मनमानी कर रहे हैं। पिछले माह करीब 900 रुपये का बिल था। मीटर रीडर ने बगैर रीडिंग के नौ हजार रुपये का बिल बना दिया है। गूजर टोला निवासी उमेश कुमार ने बताया कि अप्रैल में उनका बिल 599 रुपये आया था। मई में मीटर रीडर ने बगैर रीडिंग के 3,500 हजार रुपये का बिल बना दिया है। गौरीगंज वितरण खंड के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने कहा कि खंड क्षेत्र में आईं 265 शिकायतों में से 45 का निस्तारण कराया गया। बताया कि मीटर रीडर से संबंधित शिकायतों की जांच कराकर निस्तारण कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऊर्जा निगम की ओर से शनिवार को अंतिम दिन गौरीगंज सहित जिले के सभी खंड व उपखंड कार्यालय पर मेगा शिविर आयोजित हुआ। गौरीगंज के पूरे पांडेय निवासी राहुल ने बताया कि मार्च 2024 तक उनका बिजली बिल सही आ रहा था। नौ अप्रैल को अचानक उनके मोबाइल पर 10700 रुपये बिजली बिल का मेसेज आया। उसके बाद मई में 17 हजार और 27 हजार के दो मेसेज आए। लगातार वह बिल सही कराने के लिए ऊर्जा विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
गौरीगंज कस्बा निवासी आदित्य सिंह ने बताया कि मीटर रीडर मनमानी कर रहे हैं। पिछले माह करीब 900 रुपये का बिल था। मीटर रीडर ने बगैर रीडिंग के नौ हजार रुपये का बिल बना दिया है। गूजर टोला निवासी उमेश कुमार ने बताया कि अप्रैल में उनका बिल 599 रुपये आया था। मई में मीटर रीडर ने बगैर रीडिंग के 3,500 हजार रुपये का बिल बना दिया है। गौरीगंज वितरण खंड के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने कहा कि खंड क्षेत्र में आईं 265 शिकायतों में से 45 का निस्तारण कराया गया। बताया कि मीटर रीडर से संबंधित शिकायतों की जांच कराकर निस्तारण कराया जाएगा।
विज्ञापन