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Amethi News: कलेक्ट्रेट को मिला अपना भवन
Tue, 14 Jan 2025 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 14 Jan 2025 12:39 AM IST
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अमेठी सिटी। गौरीगंज-जगदीशपुर मार्ग स्थित विशुनदानसपुर में जिला बनने के करीब 14 वर्ष बाद पूजा-पाठ संग निर्मित नए निजी भवन में कलेक्ट्रेट का संचालन शुरू हुआ। इसके बाद जिले के नोडल अधिकारी पंकज कुमार ने नए कलेक्ट्रेट भवन में अधिकारियों के साथ सभागार में पहली बैठक की।
डीएम निशा अनंत ने बीते दिनोें नए कलेक्ट्रेट भवन का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को शीघ्र कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था। उसके बाद से सामान शिफ्टिंग आदि का कार्य शुरू हुआ। सोमवार को जिले के नोडल अधिकारी आईएएस पंकज कुमार ने अधिकारियों के साथ नए भवन में पूजा-पाठ किया। इसी के साथ उन्होंने फर्नीचर, लैंड स्पेकिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, डीएम कक्ष, मीटिंग हाल, न्यायालय कक्ष, संयुक्त कार्यालय, नज़ारत, अभिलेखागार आदि सभी कक्षों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत जानी।
इसके बाद नए भवन के आधुनिक सभागार में अधिकारियों के साथ पहली बैठक की। इस दौरान डीएम निशा अनंत, एसपी अपर्णा रजत कौशिक, सीडीओ सूरज पटेल आदि मौजूद रहे।उधर, विशुनदासपुर स्थित नए कलेक्ट्रेट भवन में डीएम सहित सभी अधिकारी मौजूद थे। ऐसे में पहले दिन नए भवन में पहुंचे फरियादियों की अधिकारियों ने शिकायतें सुनीं। एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि करीब 11 फरियादियों की शिकायतें सुनी गईं।
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तहसील भवन में चल रहा था कलेक्ट्रेट
जिला गठन के बाद से ही कलेक्ट्रेट कार्यालय का संचालन गौरीगंज तहसील के भवन में हो रहा था। कलेक्ट्रेट के हिसाब से अधिकारियों व कर्मियों को कक्ष आवंटित नहीं होने तथा संसाधन नहीं मिलने से कार्यों के निष्पादन में परेशानी होती थी। नए भवन में कलेक्ट्रेट का संचालन होने से न सिर्फ फरियादियों, बल्कि अफसरों व कर्मचारियों को भी सहूलियत मिलेगी।
17.77 करोड़ की लागत से कराया गया निर्माण
जिले का गठन एक जुलाई 2010 को हुआ था। इसके बाद गौरीगंज के गांव विशुनदासपुर में स्थायी कलेक्ट्रेट भवन के लिए 36.152 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर उसका अधिग्रहण किया गया था। भूमि चिह्नित होने के कई वर्ष बाद वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार ने कलेक्ट्रेट निर्माण के लिए अनुमानित आगणन को चार मार्च 2016 को वित्तीय व प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की थी। इसके बाद चार अप्रैल 2016 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री ने इसकी आधारशिला रखी थी। शासन की ओर से नामित कार्यदायी संस्था पैकफेड (उत्तर प्रदेश राज निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड) ने करीब 17 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य पूरा किया है।
पूर्ववत चलेगा न्यायालय, कोषागार और एनआईसी
नए कलेक्ट्रेट भवन में प्रशासनिक कार्यालय के साथ अन्य कार्यालय शिफ्ट हो गए हैं। सोमवार को सभी कार्यालयों के संबंधित पटल इंचार्ज व सहायक अपने ऑफिस को दुरुस्त करते दिखे। एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि अभी तहसील परिसर में ही न्यायालय, कोषागार और एनआईसी चलेगी। कहा कि अभी डीएम सहित सभी अधिकारियों के ऑफिस तहसील में बने हैं। धीरे-धीरे कार्यालयों की शिफ्टिंग का कार्य होगा। बताया कि अभी नए कलेक्ट्रेट भवन परिसर में चहारदीवारी, परिसर में मिट्टी भराई आदि का कार्य शेष है। इस संबंध में पत्राचार किया जा रहा है।
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डीएम निशा अनंत ने बीते दिनोें नए कलेक्ट्रेट भवन का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को शीघ्र कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था। उसके बाद से सामान शिफ्टिंग आदि का कार्य शुरू हुआ। सोमवार को जिले के नोडल अधिकारी आईएएस पंकज कुमार ने अधिकारियों के साथ नए भवन में पूजा-पाठ किया। इसी के साथ उन्होंने फर्नीचर, लैंड स्पेकिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, डीएम कक्ष, मीटिंग हाल, न्यायालय कक्ष, संयुक्त कार्यालय, नज़ारत, अभिलेखागार आदि सभी कक्षों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत जानी।
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इसके बाद नए भवन के आधुनिक सभागार में अधिकारियों के साथ पहली बैठक की। इस दौरान डीएम निशा अनंत, एसपी अपर्णा रजत कौशिक, सीडीओ सूरज पटेल आदि मौजूद रहे।उधर, विशुनदासपुर स्थित नए कलेक्ट्रेट भवन में डीएम सहित सभी अधिकारी मौजूद थे। ऐसे में पहले दिन नए भवन में पहुंचे फरियादियों की अधिकारियों ने शिकायतें सुनीं। एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि करीब 11 फरियादियों की शिकायतें सुनी गईं।
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तहसील भवन में चल रहा था कलेक्ट्रेट
जिला गठन के बाद से ही कलेक्ट्रेट कार्यालय का संचालन गौरीगंज तहसील के भवन में हो रहा था। कलेक्ट्रेट के हिसाब से अधिकारियों व कर्मियों को कक्ष आवंटित नहीं होने तथा संसाधन नहीं मिलने से कार्यों के निष्पादन में परेशानी होती थी। नए भवन में कलेक्ट्रेट का संचालन होने से न सिर्फ फरियादियों, बल्कि अफसरों व कर्मचारियों को भी सहूलियत मिलेगी।
17.77 करोड़ की लागत से कराया गया निर्माण
जिले का गठन एक जुलाई 2010 को हुआ था। इसके बाद गौरीगंज के गांव विशुनदासपुर में स्थायी कलेक्ट्रेट भवन के लिए 36.152 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर उसका अधिग्रहण किया गया था। भूमि चिह्नित होने के कई वर्ष बाद वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार ने कलेक्ट्रेट निर्माण के लिए अनुमानित आगणन को चार मार्च 2016 को वित्तीय व प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की थी। इसके बाद चार अप्रैल 2016 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री ने इसकी आधारशिला रखी थी। शासन की ओर से नामित कार्यदायी संस्था पैकफेड (उत्तर प्रदेश राज निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड) ने करीब 17 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य पूरा किया है।
पूर्ववत चलेगा न्यायालय, कोषागार और एनआईसी
नए कलेक्ट्रेट भवन में प्रशासनिक कार्यालय के साथ अन्य कार्यालय शिफ्ट हो गए हैं। सोमवार को सभी कार्यालयों के संबंधित पटल इंचार्ज व सहायक अपने ऑफिस को दुरुस्त करते दिखे। एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि अभी तहसील परिसर में ही न्यायालय, कोषागार और एनआईसी चलेगी। कहा कि अभी डीएम सहित सभी अधिकारियों के ऑफिस तहसील में बने हैं। धीरे-धीरे कार्यालयों की शिफ्टिंग का कार्य होगा। बताया कि अभी नए कलेक्ट्रेट भवन परिसर में चहारदीवारी, परिसर में मिट्टी भराई आदि का कार्य शेष है। इस संबंध में पत्राचार किया जा रहा है।