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Amethi News: बच्चों पर भारी पड़ रही ठंड, डायरिया, निमोनिया के बढ़े मरीज
Fri, 22 Dec 2023 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 22 Dec 2023 12:32 AM IST
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अमेठी सिटी। बढ़ती ठंड के कारण जिला अस्पताल में बच्चों की ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) बढ़कर 731 तक पहुंच गई है। बच्चों को डायरिया, वायरल फीवर, निमोनिया का खतरा बना हुआ है। बुजुर्गों को सबसे अधिक खतरा एलर्जिक ब्रोंकाइटिस (सांस फूलने की बीमारी) का है। दरअसल, मौसम में दिन में गर्मी है तो रात में ठंड पड़ रही है। असैदापुर जिला अस्पताल की ओपीडी में 731 मरीज बृहस्पतिवार को पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की है। सुबह शाम ठंड ज्यादा हो रही है। दिन में धूप रहती है। इससे लोग ठंड से बचाव में लापरवाही बरत रहे हैं। जिस कारण बच्चे और बुजुर्ग बीमारी की चपेट में अधिक आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे व बुजुर्गों की इम्युनिटी कम होती है। पहले अस्पताल में प्रतिदिन 450 से 500 मरीज आते थे, जिनमें से 70 से 80 मरीज वायरल बुुखार के होते थे। एक सप्ताह से मरीजों की संख्या तो बढ़ी है, साथ ही वायरल के भी 293 मरीज पहुंच रहे हैं।
बुजुर्गों को सांस लेने में हो रही दिक्कत
फिजीशियन डॉ. अमित कुमार ने कहा कि इस मौसम में वायरल बुखार का खतरा बढ़ गया है। इसमें मरीज को पहले बुखार होता है, फिर खांसी और सांस की परेशानी होने लगती है। फेफड़ों की नली में सूजन आ जाती है, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है।
बच्चों में वायरल इंफेक्शन अधिक
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक-उल्ल जमा ने कहा कि बदलते मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सर्दी, खांसी, जुकाम आदि की शिकायत होती है।
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ऐसे करें बचाव
बच्चों को सुबह-शाम पूरे बाजू के ऊनी कपड़े पहनाएं।
बच्चों को ठंडी चीज खाने के लिए न दें। दूध भी गुनगुना करके दें।
बुजुर्ग सुबह-शाम बाहर टहलने न निकलें। हल्की धूप के बाद हल्का ऊनी कपड़ा पहनकर निकलें।
जब बाहर टहलने निकलें तो जहां तक संभव हो मास्क लगा लें।
धूल और धुआं से बचकर रहें। इससे फेफड़ों में संक्रमण की संभावना कम होगी।
हृदय और उच्च रक्तचाप वाले मरीज विशेष सतर्क रहें। समय से दवा लें। सांस लेने में परेशानी पर चिकित्सक की सलाह लें।
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि इन दिनों ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी के आ रहे हैं। उन्हें दवाइयां देकर सर्दी से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस मौसम में लोगों को खानपान के साथ कपड़े पहनने में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
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बुजुर्गों को सांस लेने में हो रही दिक्कत
फिजीशियन डॉ. अमित कुमार ने कहा कि इस मौसम में वायरल बुखार का खतरा बढ़ गया है। इसमें मरीज को पहले बुखार होता है, फिर खांसी और सांस की परेशानी होने लगती है। फेफड़ों की नली में सूजन आ जाती है, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है।
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बच्चों में वायरल इंफेक्शन अधिक
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक-उल्ल जमा ने कहा कि बदलते मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सर्दी, खांसी, जुकाम आदि की शिकायत होती है।
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ऐसे करें बचाव
बच्चों को सुबह-शाम पूरे बाजू के ऊनी कपड़े पहनाएं।
बच्चों को ठंडी चीज खाने के लिए न दें। दूध भी गुनगुना करके दें।
बुजुर्ग सुबह-शाम बाहर टहलने न निकलें। हल्की धूप के बाद हल्का ऊनी कपड़ा पहनकर निकलें।
जब बाहर टहलने निकलें तो जहां तक संभव हो मास्क लगा लें।
धूल और धुआं से बचकर रहें। इससे फेफड़ों में संक्रमण की संभावना कम होगी।
हृदय और उच्च रक्तचाप वाले मरीज विशेष सतर्क रहें। समय से दवा लें। सांस लेने में परेशानी पर चिकित्सक की सलाह लें।
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि इन दिनों ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी के आ रहे हैं। उन्हें दवाइयां देकर सर्दी से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस मौसम में लोगों को खानपान के साथ कपड़े पहनने में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।