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Amethi News: बच्चों की परखी जाएगी की शैक्षिक दक्षता
Sat, 07 Nov 2026 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 07 Nov 2026 12:53 AM IST
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पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय पचेहरी।
अमेठी सिटी। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों की शैक्षिक दक्षता परखने के लिए दिसंबर और जनवरी में दो चरणों में निपुण आकलन कराया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणित की क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए नवंबर से जनवरी तक की कार्ययोजना तैयार की है। आकलन से बच्चों के सीखने के वास्तविक स्तर की जानकारी मिल सकेगी।
योजना के तहत पहला चरण 21 से 30 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण का परीक्षण 20 से 30 जनवरी तक होगा। दोनों चरणों में बच्चों की बुनियादी भाषा और गणित संबंधी दक्षता परखी जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि विद्यार्थी निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों के अनुरूप पढ़ने, लिखने और गणित के सवाल हल करने में कितने सक्षम हैं।
आकलन के दौरान बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे निर्धारित शैक्षिक स्तर तक नहीं पहुंच पाने वाले विद्यार्थियों की पहचान हो सकेगी। साथ ही उनकी कमजोरियों को दूर कर शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
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बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाना प्राथमिकता
बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि निपुण आकलन का मुख्य उद्देश्य बच्चों की वास्तविक शैक्षिक दक्षता का पता लगाना है। दो चरणों में होने वाले परीक्षण के माध्यम से पढ़ने, लिखने और गणितीय क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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योजना के तहत पहला चरण 21 से 30 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण का परीक्षण 20 से 30 जनवरी तक होगा। दोनों चरणों में बच्चों की बुनियादी भाषा और गणित संबंधी दक्षता परखी जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि विद्यार्थी निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों के अनुरूप पढ़ने, लिखने और गणित के सवाल हल करने में कितने सक्षम हैं।
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आकलन के दौरान बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे निर्धारित शैक्षिक स्तर तक नहीं पहुंच पाने वाले विद्यार्थियों की पहचान हो सकेगी। साथ ही उनकी कमजोरियों को दूर कर शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
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बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाना प्राथमिकता
बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि निपुण आकलन का मुख्य उद्देश्य बच्चों की वास्तविक शैक्षिक दक्षता का पता लगाना है। दो चरणों में होने वाले परीक्षण के माध्यम से पढ़ने, लिखने और गणितीय क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।