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Amethi News: विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में रेफरल सेंटर बनी सीएचसी
Thu, 18 Jun 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:11 AM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर। -संवाद
भादर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक जांच सुविधाओं के अभाव से ग्रामीण क्षेत्र के हजारों मरीज प्रभावित हो रहे हैं। उपचार की सीमित व्यवस्था के कारण ज्यादातर गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल या अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर करना पड़ता है। हालात ये हैं कि क्षेत्र की प्रमुख स्वास्थ्य इकाई होने के बावजूद सीएचसी बेहतर उपचार देने के बजाय रेफरल सेंटर बनकर रह गई है।
अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के किनारे स्थित 30 बेड के इस स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 60 गांवों और एक लाख से अधिक लोगों के उपचार की जिम्मेदारी है। हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायल मरीज भी सबसे पहले यहीं पहुंचते हैं। इसके बावजूद सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं।
दूरसंचार सलाहकार समिति के सदस्य अशोक सिंह हिटलर और संत बक्श सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में इलाज ओपीडी तक सीमित होकर रह गया है। गंभीर और जटिल मामलों के मरीजों को तत्काल रेफर करना पड़ता है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। बुधवार को एक्सरे टेक्नीशियन की अनुपस्थिति में वार्ड बॉय मरीजों का एक्सरे करते मिले।
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स्वास्थ्य केंद्र पर हीमोग्लोबिन, डायबिटीज, मलेरिया, डेंगू और टीबी संबंधी जांच ही हो पाती हैं। अन्य जांच के लिए मरीजों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। मरीजों की सामान्य जांच के लिए स्थापित एटीएम हेल्थ मशीन भी पिछले एक वर्ष से किट के अभाव में बंद पड़ी है।
मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास
सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके मिश्र ने बताया कि अस्पताल आने वाले सभी मरीजों का उपचार किया जाता है। सीमित मैनपावर और संसाधनों के बावजूद कोशिश रहती है कि मरीजों को रेफर न करना पड़े। एटीएम हेल्थ मशीन की किट उपलब्ध नहीं कराई गई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और अल्ट्रासाउंड सुविधा मिलने पर मरीजों को और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
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अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के किनारे स्थित 30 बेड के इस स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 60 गांवों और एक लाख से अधिक लोगों के उपचार की जिम्मेदारी है। हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायल मरीज भी सबसे पहले यहीं पहुंचते हैं। इसके बावजूद सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं।
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दूरसंचार सलाहकार समिति के सदस्य अशोक सिंह हिटलर और संत बक्श सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में इलाज ओपीडी तक सीमित होकर रह गया है। गंभीर और जटिल मामलों के मरीजों को तत्काल रेफर करना पड़ता है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। बुधवार को एक्सरे टेक्नीशियन की अनुपस्थिति में वार्ड बॉय मरीजों का एक्सरे करते मिले।
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स्वास्थ्य केंद्र पर हीमोग्लोबिन, डायबिटीज, मलेरिया, डेंगू और टीबी संबंधी जांच ही हो पाती हैं। अन्य जांच के लिए मरीजों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। मरीजों की सामान्य जांच के लिए स्थापित एटीएम हेल्थ मशीन भी पिछले एक वर्ष से किट के अभाव में बंद पड़ी है।
मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास
सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके मिश्र ने बताया कि अस्पताल आने वाले सभी मरीजों का उपचार किया जाता है। सीमित मैनपावर और संसाधनों के बावजूद कोशिश रहती है कि मरीजों को रेफर न करना पड़े। एटीएम हेल्थ मशीन की किट उपलब्ध नहीं कराई गई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और अल्ट्रासाउंड सुविधा मिलने पर मरीजों को और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।