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Amethi: देवीपाटन मंदिर में जलभराव पर बवाल, व्यापारियों ने ज्ञापन सौंप की कायाकल्प कार्य के जांच की मांग
Tue, 01 Jul 2025 05:58 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी
अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 01 Jul 2025 05:58 PM IST
सार
शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में जलभराव पर व्यापारियों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा और वंदन योजना के तहत हो रहे कायाकल्प कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
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वंदन योजना में भ्रष्टाचार का आरोप
- फोटो : amar ujala
विस्तार
शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में जलभराव की घटना के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम अर्पित गुप्ता को शिकायती पत्र सौंपकर वंदन योजना के तहत कराए जा रहे कायाकल्प कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
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महेश सोनी ने कहा कि देवीपाटन मंदिर नगर की आस्था का प्रतीक है और ऐसे पवित्र स्थल पर जलभराव होना गहरी लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। उनका आरोप था कि वंदन योजना के तहत मंदिर का कायाकल्प एक करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है, लेकिन कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि तेज बारिश के दौरान मंदिर परिसर तालाब में तब्दील हो गया और गंदा पानी गर्भगृह तक पहुंच गया, जो पहले कभी नहीं हुआ।
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जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत की उदासीनता और भ्रष्ट निर्माण कार्यों के कारण ऐसा हाल हुआ। उन्होंने कहा कि हमने अब तक ऐसी बारिश कई बार देखी है, लेकिन कभी गंदा पानी माता रानी के आसन तक नहीं गया। अगर निर्माण कार्य सही तरीके से होता तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। संगठन ने मांग की कि जांच टीम गठित कर कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
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महेश सोनी ने कहा कि करोड़ों की योजना में अगर आधी राशि भी सही ढंग से खर्च होती, तो श्रद्धालुओं को इस स्थिति का सामना न करना पड़ता। इस मौके पर जिला प्रभारी राम जी अग्रहरि, संरक्षक राकेश लोहिया, वरिष्ठ महामंत्री सुशील जायसवाल, युवा महामंत्री पवन, नगर अध्यक्ष शिवांशु अगरहरी समेत कई व्यापारी नेता मौजूद रहे। सभी ने मंदिर में आस्था को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।