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Amethi News: ट्रेडिंग एप में निवेश का झांसा देकर कारोबारी से 35 लाख की ठगी
Tue, 10 Mar 2026 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 10 Mar 2026 12:49 AM IST
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अमेठी। फेसबुक पर सक्रिय ट्रेडिंग ग्रुप से जुड़े साइबर ठगों ने मुनाफे का लालच देकर एक कारोबारी से 35.49 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को वित्तीय सलाहकार बताकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
सुल्तानपुर शहर के शिवपुरी करोंदिया निवासी रवि प्रकाश तिवारी गौरीगंज में बजाज कंपनी की डीलरशिप चलाते हैं। उन्होंने बताया कि 29 जनवरी 2026 को वह फेसबुक पर सक्रिय एक ट्रेडिंग ग्रुप से जुड़े थे। ग्रुप में रोज शेयर बाजार में निवेश और अधिक मुनाफे के संदेश साझा किए जाते थे, जिससे उन्हें निवेश सुरक्षित लगा।
नौ फरवरी की सुबह मेहरा नाम की महिला ने उन्हें कॉल कर खुद को वित्तीय सलाहकार बताया और शेयर ट्रेडिंग से अच्छा लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया। उसके कहने पर गूगल प्ले स्टोर से एक ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराया गया और केवाईसी पूरी कराकर खाते से लेनदेन शुरू कराया गया।
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पहले चरण में 25 हजार रुपये जमा कराए गए, जो अगले दिन 27 हजार रुपये के रूप में वापस आ गए। इससे भरोसा बढ़ गया। इसके बाद 50 हजार रुपये और जमा कराए गए। इसी दौरान एप पर एक आईपीओ में निवेश दिखाते हुए 9.29 लाख रुपये का आवंटन दर्शाया गया और बताया गया कि रकम ब्लॉक है, जिसे निकालने के लिए अतिरिक्त धनराशि जमा करनी होगी।
इस पर रवि ने सैनिक मोटर्स के खाते से 8.75 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद दूसरे आईपीओ के नाम पर और रकम मांगी गई। तब उन्होंने एसबीआई खाते से 26 लाख रुपये और भेज दिए गए। इस तरह कुल 35.49 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा करा दिए गए।
बाद में जब एप पर शेयर बेचने की कोशिश की गई तो फिर से रकम जमा करने का संदेश आया। इस पर संदेह होने पर रवि प्रकाश ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी।
साइबर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मोबाइल नंबर, बैंक खातों और लेनदेन का विवरण खंगाला जा रहा है।
ट्रेडिंग ठगी से बचने के उपाय
-सोशल मीडिया पर मिले निवेश सुझावों पर तुरंत भरोसा न करें।
-अनजान एप या लिंक से ट्रेडिंग शुरू न करें।
-निवेश से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जांच लें।
-अधिक मुनाफे का लालच देने वाले संदेशों से सतर्क रहें।
-संदिग्ध कॉल मिलने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
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सुल्तानपुर शहर के शिवपुरी करोंदिया निवासी रवि प्रकाश तिवारी गौरीगंज में बजाज कंपनी की डीलरशिप चलाते हैं। उन्होंने बताया कि 29 जनवरी 2026 को वह फेसबुक पर सक्रिय एक ट्रेडिंग ग्रुप से जुड़े थे। ग्रुप में रोज शेयर बाजार में निवेश और अधिक मुनाफे के संदेश साझा किए जाते थे, जिससे उन्हें निवेश सुरक्षित लगा।
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नौ फरवरी की सुबह मेहरा नाम की महिला ने उन्हें कॉल कर खुद को वित्तीय सलाहकार बताया और शेयर ट्रेडिंग से अच्छा लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया। उसके कहने पर गूगल प्ले स्टोर से एक ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराया गया और केवाईसी पूरी कराकर खाते से लेनदेन शुरू कराया गया।
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पहले चरण में 25 हजार रुपये जमा कराए गए, जो अगले दिन 27 हजार रुपये के रूप में वापस आ गए। इससे भरोसा बढ़ गया। इसके बाद 50 हजार रुपये और जमा कराए गए। इसी दौरान एप पर एक आईपीओ में निवेश दिखाते हुए 9.29 लाख रुपये का आवंटन दर्शाया गया और बताया गया कि रकम ब्लॉक है, जिसे निकालने के लिए अतिरिक्त धनराशि जमा करनी होगी।
इस पर रवि ने सैनिक मोटर्स के खाते से 8.75 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद दूसरे आईपीओ के नाम पर और रकम मांगी गई। तब उन्होंने एसबीआई खाते से 26 लाख रुपये और भेज दिए गए। इस तरह कुल 35.49 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा करा दिए गए।
बाद में जब एप पर शेयर बेचने की कोशिश की गई तो फिर से रकम जमा करने का संदेश आया। इस पर संदेह होने पर रवि प्रकाश ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी।
साइबर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मोबाइल नंबर, बैंक खातों और लेनदेन का विवरण खंगाला जा रहा है।
ट्रेडिंग ठगी से बचने के उपाय
-सोशल मीडिया पर मिले निवेश सुझावों पर तुरंत भरोसा न करें।
-अनजान एप या लिंक से ट्रेडिंग शुरू न करें।
-निवेश से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जांच लें।
-अधिक मुनाफे का लालच देने वाले संदेशों से सतर्क रहें।
-संदिग्ध कॉल मिलने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।