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क्षतिग्रस्त पुल के पास नहीं हुई बेरिकेडंग
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अमेठी। स्थानीय ब्लॉक के ग्राम पंचायत अहगर से होकर गुजरने वाली मालती नदी पर बना पुल राहगीरों के लिए जानलेवा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के चलते पुल पर बने बड़े गड्ढे के पास अब तक बेरिकेडिंग नहीं कराई जा सकी है। जानकारी के बावजूद जिम्मेदार विभाग की उदासीनता से लोगों में नाराजगी पनप रही है।
स्थानीय ब्लॉक के ग्राम पंचायत अगहर से गुजरने वाली मालती नदी पर आवागमन की सुविधा को लेकर वर्ष 1984 में करीब 13 लाख की लागत से पुल का निर्माण कराया गया था। पुल निर्माण होने से अमेठी गौरीगंज तहसील तथा पड़ोसी जनपद के कई गांव की करीब 25 हजार से अधिक आबादी को लाभ मिल रहा है।
मालती नदी पर बने उक्त पुल में करीब ढाई-तीन फिट के व्यास में बड़ा गड्ढा हो गया है। पुल में होल होने से राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अंजान राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। पुल में हुआ होल लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
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बड़े व भारी वाहन क्षतिग्रस्त पुल से नहीं निकल पा रहे हैं। खतरे से बचने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है। जानकारी के बावजूद जिम्मेदार विभाग न तो इस गड्ढे को ठीक करवा रहा है न ही यहां लोगों को सतर्क करने के लिए बेरिकेडिंग ही कराई गई।
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स्थानीय ब्लॉक के ग्राम पंचायत अगहर से गुजरने वाली मालती नदी पर आवागमन की सुविधा को लेकर वर्ष 1984 में करीब 13 लाख की लागत से पुल का निर्माण कराया गया था। पुल निर्माण होने से अमेठी गौरीगंज तहसील तथा पड़ोसी जनपद के कई गांव की करीब 25 हजार से अधिक आबादी को लाभ मिल रहा है।
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मालती नदी पर बने उक्त पुल में करीब ढाई-तीन फिट के व्यास में बड़ा गड्ढा हो गया है। पुल में होल होने से राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अंजान राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। पुल में हुआ होल लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
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बड़े व भारी वाहन क्षतिग्रस्त पुल से नहीं निकल पा रहे हैं। खतरे से बचने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है। जानकारी के बावजूद जिम्मेदार विभाग न तो इस गड्ढे को ठीक करवा रहा है न ही यहां लोगों को सतर्क करने के लिए बेरिकेडिंग ही कराई गई।