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भाजपा नेता के भतीजे की इलाज के दौरान मौत
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अमेठी। क्षेत्र के सुंदरपुर गांव में 19 मार्च की रात धारदार हथियार से किए गए हमले में घायल भाजपा नेता के भतीजे कृष्ण देव ओझा (35) की शुक्रवार रात ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान मौत हो गई।
शनिवार शाम पांच बजे परिवारीजनों की मौजूदगी में लोगों ने मुसाफिरखाना-प्रतापगढ़ हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस व प्रशासन के समझाने पर साढ़े सात बजे जाम समाप्त हो सका।
भाजपा के सेक्टर संयोजक विद्यासागर ओझा के भतीजे कृष्ण देव (35) व मां शांति देवी पर 19 मार्च की रात हमला किया गया था। हमलावरों ने कृष्णदेव पर धारदार हथियार से हमला करने के साथ शांति को लाठी-डंडों से पीटा था।
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गंभीर रूप से घायल कृष्ण देव को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले जाया गया था जहां शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई। शनिवार को कृष्णदेव के निधन की सूचना मिलने पर लोग आक्रोशित हो उठे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया। शनिवार शाम पांच बजे युवक का शव लखनऊ से लाया गया। लोगों ने शव को मुसाफिरखाना-प्रतापगढ़ हाईवे स्थित ताला तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया।
आक्रोशित लोग मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, दुर्घटना बीमा की राशि, परिवार को आवासीय व एक हेक्टेयर का कृषि भूमि का आवंटन, परिवार को शस्त्र लाइसेंस, आरोपी विजयपाल को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने, उसका शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने, विवेचक बदलने व दो अन्य आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे।
मौके पर पहुंचे एसडीएम महात्मा सिंह व सीओ अर्पित कपूर ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। प्रदर्शनकारी डीएम अरुण कुमार व एसपी दिनेश सिंह को बुलाने की मांग कर रहे थे।
देर शाम मौके पर पहुंचे एडीएम न्यायिक सुधीर रूंगटा व एएसपी वीके पांडेय ने भाजपा नेता आशीष शुक्ल, काशी प्रसाद तिवारी, सुधांशु शुक्ल की मौजूदगी में लोगों को उनकी मांगें मानने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो सका।
तरमीम होगी धारा
एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि शांति देवी की तहरीर पर पुलिस ने दरखा निवासी विजयपाल यादव, शेर बहादुर यादव, अंकित यादव व 4-5 अज्ञात के विरुद्ध हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था।
विजय पाल यादव, अंकित यादव, शेर बहादुर यादव व अज्ञात से प्रकाश में आए पंकज, विवेक और डब्बू को गिरफ्तार कर उनका चालान कोर्ट भेजा जा चुका है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। कृष्णदेव की मौत के बाद पहले हत्या के प्रयास में दर्ज प्राथमिकी को हत्या में तरमीम किया जाएगा।
परिवार का सहारा था कृष्णदेव
कृष्ण देव के पिता केशवराम की मृत्यु जुलाई 2013 में गई है। तीन भाइयों में कृष्ण देव के छोटा भाई बाल कृष्ण अविवाहित। कृष्ण देव के परिवार में पत्नी संजू, पुत्री जान्हवी (10), मानवी (8) व पुत्र संकल्प (5) हैं। वह नोएडा की एक कंपनी में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। कृष्ण देव के पास कच्चा मकान है। खेती योग्य छह बिस्वा भूमि है। पिछले वर्ष लॉकडाउन के बाद कृष्ण देव पत्नी संजू और बच्चों को लेकर गांव आ गया।
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शनिवार शाम पांच बजे परिवारीजनों की मौजूदगी में लोगों ने मुसाफिरखाना-प्रतापगढ़ हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस व प्रशासन के समझाने पर साढ़े सात बजे जाम समाप्त हो सका।
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भाजपा के सेक्टर संयोजक विद्यासागर ओझा के भतीजे कृष्ण देव (35) व मां शांति देवी पर 19 मार्च की रात हमला किया गया था। हमलावरों ने कृष्णदेव पर धारदार हथियार से हमला करने के साथ शांति को लाठी-डंडों से पीटा था।
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गंभीर रूप से घायल कृष्ण देव को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले जाया गया था जहां शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई। शनिवार को कृष्णदेव के निधन की सूचना मिलने पर लोग आक्रोशित हो उठे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया। शनिवार शाम पांच बजे युवक का शव लखनऊ से लाया गया। लोगों ने शव को मुसाफिरखाना-प्रतापगढ़ हाईवे स्थित ताला तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया।
आक्रोशित लोग मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, दुर्घटना बीमा की राशि, परिवार को आवासीय व एक हेक्टेयर का कृषि भूमि का आवंटन, परिवार को शस्त्र लाइसेंस, आरोपी विजयपाल को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने, उसका शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने, विवेचक बदलने व दो अन्य आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे।
मौके पर पहुंचे एसडीएम महात्मा सिंह व सीओ अर्पित कपूर ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। प्रदर्शनकारी डीएम अरुण कुमार व एसपी दिनेश सिंह को बुलाने की मांग कर रहे थे।
देर शाम मौके पर पहुंचे एडीएम न्यायिक सुधीर रूंगटा व एएसपी वीके पांडेय ने भाजपा नेता आशीष शुक्ल, काशी प्रसाद तिवारी, सुधांशु शुक्ल की मौजूदगी में लोगों को उनकी मांगें मानने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो सका।
तरमीम होगी धारा
एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि शांति देवी की तहरीर पर पुलिस ने दरखा निवासी विजयपाल यादव, शेर बहादुर यादव, अंकित यादव व 4-5 अज्ञात के विरुद्ध हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था।
विजय पाल यादव, अंकित यादव, शेर बहादुर यादव व अज्ञात से प्रकाश में आए पंकज, विवेक और डब्बू को गिरफ्तार कर उनका चालान कोर्ट भेजा जा चुका है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। कृष्णदेव की मौत के बाद पहले हत्या के प्रयास में दर्ज प्राथमिकी को हत्या में तरमीम किया जाएगा।
परिवार का सहारा था कृष्णदेव
कृष्ण देव के पिता केशवराम की मृत्यु जुलाई 2013 में गई है। तीन भाइयों में कृष्ण देव के छोटा भाई बाल कृष्ण अविवाहित। कृष्ण देव के परिवार में पत्नी संजू, पुत्री जान्हवी (10), मानवी (8) व पुत्र संकल्प (5) हैं। वह नोएडा की एक कंपनी में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। कृष्ण देव के पास कच्चा मकान है। खेती योग्य छह बिस्वा भूमि है। पिछले वर्ष लॉकडाउन के बाद कृष्ण देव पत्नी संजू और बच्चों को लेकर गांव आ गया।