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गुरु पूर्णिमा पर गुरु से लिया आशीर्वाद, बंटा भंडारा
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अमेठी। गुरू पूर्णिमा पर क्षेत्र में जगह-जगह आयोजित कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गुरु की पूजा कर उनका आशीर्वाद लिया। क्षेत्र में पर्व पर बुधवार को श्रद्धालुओं द्वारा कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जो श्रद्धालु अपने गुरु के पास नहीं पहुंच सके उन्होंने घरों में ही चित्र रखकर उनकी पूजा-अर्चना की।
टीकरमाफी स्थित स्वामी परमहंस आश्रम में स्वामी हर्ष चैतन्य महाराज की अगुवाई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वामी परमहंस महाराज की पूजा अर्चना के बाद परमाध्यक्ष स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज के शिष्यों ने पूजा अर्चना की। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।
आश्रम में महंत स्वामी दिनेशानंद सरस्वती की अगुवाई में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पूजा अर्चना के बाद भंडारे का आयोजन हुआ। गायत्री शक्ति पीठ अमेठी पर पर्व मनाया गया। सुबह सात बजे से आयोजित कार्यक्रम में हवन पूजन के साथ गुरु पूजन, गायत्री मंत्र जप संकल्प, जन्म दिवस संस्कार, पौधरोपण के पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया, देर शाम गायत्री दीप महायज्ञ हुआ।
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शहर स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर भगवान सत्य नारायण की कथा के साथ ही पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ। आचार्य इंद्रदेव ने पूर्णिमा से कामिका एकादशी तक अपनी आत्मिक उन्नति हेतु प्रतिदिन 24 माला, 11 माला अथवा 5 माला गायत्री मंत्र जप की प्रेरणा देते हुए संकल्प कराया। 50 से अधिक साधकों ने हाथ में अक्षत पुष्प लेकर गायत्री साधना का संकल्प लेते हुए पूज्य गुरुदेव व वंदनीया माता के स्मारक सजल श्रद्धा-प्रखर प्रज्ञा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
सिंहपुर ब्लॉक के संत पथिक इंटर कॉलेज महेशपुर में चल रही तीन दिवसीय गुरू पूर्णिमा महोत्सव एवं ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम में श्रीधाम वृंदावन से पधारीं प्रवचक सुरभि द्विवेदी नेे मानव जीवन के विकास में गुरू के महत्व को बकाया। उन्होंने कहा कि भगवान को भी मनुष्य अवतार में आने के बाद गुरू के पास विद्या अध्ययन करने जाना पड़ा। गुरू के आदेशों का पालन करना पड़ा।
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टीकरमाफी स्थित स्वामी परमहंस आश्रम में स्वामी हर्ष चैतन्य महाराज की अगुवाई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वामी परमहंस महाराज की पूजा अर्चना के बाद परमाध्यक्ष स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज के शिष्यों ने पूजा अर्चना की। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।
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आश्रम में महंत स्वामी दिनेशानंद सरस्वती की अगुवाई में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पूजा अर्चना के बाद भंडारे का आयोजन हुआ। गायत्री शक्ति पीठ अमेठी पर पर्व मनाया गया। सुबह सात बजे से आयोजित कार्यक्रम में हवन पूजन के साथ गुरु पूजन, गायत्री मंत्र जप संकल्प, जन्म दिवस संस्कार, पौधरोपण के पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया, देर शाम गायत्री दीप महायज्ञ हुआ।
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शहर स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर भगवान सत्य नारायण की कथा के साथ ही पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ। आचार्य इंद्रदेव ने पूर्णिमा से कामिका एकादशी तक अपनी आत्मिक उन्नति हेतु प्रतिदिन 24 माला, 11 माला अथवा 5 माला गायत्री मंत्र जप की प्रेरणा देते हुए संकल्प कराया। 50 से अधिक साधकों ने हाथ में अक्षत पुष्प लेकर गायत्री साधना का संकल्प लेते हुए पूज्य गुरुदेव व वंदनीया माता के स्मारक सजल श्रद्धा-प्रखर प्रज्ञा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
सिंहपुर ब्लॉक के संत पथिक इंटर कॉलेज महेशपुर में चल रही तीन दिवसीय गुरू पूर्णिमा महोत्सव एवं ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम में श्रीधाम वृंदावन से पधारीं प्रवचक सुरभि द्विवेदी नेे मानव जीवन के विकास में गुरू के महत्व को बकाया। उन्होंने कहा कि भगवान को भी मनुष्य अवतार में आने के बाद गुरू के पास विद्या अध्ययन करने जाना पड़ा। गुरू के आदेशों का पालन करना पड़ा।