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Amethi News: वैट के 17 करोड़ के बकायेदार 715 व्यापारियों के बैंक खाते सीज
Thu, 10 Oct 2024 02:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 10 Oct 2024 02:21 AM IST
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अमेठी सिटी। जीएसटी लागू होने से पहले वैट के बकायेदारों पर राज्य कर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) के करीब 17 करोड़ के 715 व्यापारियों का बैंक खाते को सीज करते हुए वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। वहीं, जिले में कुल 1799 व्यापारियों का करीब 51 करोड़ रुपये का बकाया बताया जा रहा है। राज्य कर विभाग की ओर से बकायेदारों का नियमित फाॅलोअप किया जा रहा है। जिसमें और नाम सामने आ रहे हैं।
देश में जुलाई, 2017 में जीएसटी लागू हो गया था। इससे पहले वैट के माध्यम से व्यापार कर जमा किया जा रहा था। जीएसटी लागू होने के बाद बड़ी संख्या में व्यापारियों ने अपने पुराने बकाये का भुगतान कर दिया, तो काफी संख्या में लोगों ने नए कर की आमद से पुराना कर माफ होने की उम्मीद लगाए रखी। जिसका असर यह हुआ कि आज तक वैट का बकाया पूरी तरह से चुकता नहीं किया गया है। जबकि राज्य कर विभाग के माध्यम से सरकार ने समय-समय पर व्यापारियों से कर जमा करने के लिए अपील भी की।
जिसके बाद अब सरकार ने बकाया धन जमा करवाने के लिए कड़ी कार्रवाई आरंभ कर दी है। जिसमें व्यापारियों के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाते हुए बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। जिले में 715 बैंक खातों में वित्तीय लेनदेन पर रोक लगने से व्यापारी वर्ग परेशान हैं। राज्य कर उपायुक्त अनुराग चौधरी ने बताया कि जिन व्यापारियों का वैट का पुराना बकाया है, वह शीघ्र भुगतान करें।
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गौरीगंज व तिलोई में सर्वाधिक बकाया
जिले में राज्य कर विभाग की ओर से जारी सूची में सर्वाधिक बकाया गौरीगंज व तिलोई के व्यापारियों का है। उपायुक्त ने बताया कि दोनों तहसीलों में संयुक्त रूप से 306 बैंक खातों पर रोक लगाई गई है। जिसमें 10 करोड़ 32 लाख 52 हजार रुपये बकाया है। तहसील मुसाफिरखाना व अमेठी में छह करोड़ 65 लाख 35 हजार रुपये बकाये पर 409 बैंक खातों के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाई गई है। इस तरह कुल 1697 लाख 87 हजार के बकाये पर 715 बैंक खातों पर रोक लगाई गई है।
1084 फर्मों का खंगाला जा रहा ब्योरा
जिले में 1084 फर्मों के बैंक खातों के बारे में पता किया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि अभी तक इन फर्मों के बारे में ज्यादा पता नहीं चल सका है। जिसमें मुसाफिरखाना व अमेठी तहसील में 593 फर्मों का 17 करोड़ 28 लाख 90 हजार बकाया व गौरीगंज, तिलोई में 491 फर्मों का 17 करोड़ 31 लाख 22 हजार रुपये बकाया है।
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देश में जुलाई, 2017 में जीएसटी लागू हो गया था। इससे पहले वैट के माध्यम से व्यापार कर जमा किया जा रहा था। जीएसटी लागू होने के बाद बड़ी संख्या में व्यापारियों ने अपने पुराने बकाये का भुगतान कर दिया, तो काफी संख्या में लोगों ने नए कर की आमद से पुराना कर माफ होने की उम्मीद लगाए रखी। जिसका असर यह हुआ कि आज तक वैट का बकाया पूरी तरह से चुकता नहीं किया गया है। जबकि राज्य कर विभाग के माध्यम से सरकार ने समय-समय पर व्यापारियों से कर जमा करने के लिए अपील भी की।
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जिसके बाद अब सरकार ने बकाया धन जमा करवाने के लिए कड़ी कार्रवाई आरंभ कर दी है। जिसमें व्यापारियों के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाते हुए बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। जिले में 715 बैंक खातों में वित्तीय लेनदेन पर रोक लगने से व्यापारी वर्ग परेशान हैं। राज्य कर उपायुक्त अनुराग चौधरी ने बताया कि जिन व्यापारियों का वैट का पुराना बकाया है, वह शीघ्र भुगतान करें।
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गौरीगंज व तिलोई में सर्वाधिक बकाया
जिले में राज्य कर विभाग की ओर से जारी सूची में सर्वाधिक बकाया गौरीगंज व तिलोई के व्यापारियों का है। उपायुक्त ने बताया कि दोनों तहसीलों में संयुक्त रूप से 306 बैंक खातों पर रोक लगाई गई है। जिसमें 10 करोड़ 32 लाख 52 हजार रुपये बकाया है। तहसील मुसाफिरखाना व अमेठी में छह करोड़ 65 लाख 35 हजार रुपये बकाये पर 409 बैंक खातों के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाई गई है। इस तरह कुल 1697 लाख 87 हजार के बकाये पर 715 बैंक खातों पर रोक लगाई गई है।
1084 फर्मों का खंगाला जा रहा ब्योरा
जिले में 1084 फर्मों के बैंक खातों के बारे में पता किया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि अभी तक इन फर्मों के बारे में ज्यादा पता नहीं चल सका है। जिसमें मुसाफिरखाना व अमेठी तहसील में 593 फर्मों का 17 करोड़ 28 लाख 90 हजार बकाया व गौरीगंज, तिलोई में 491 फर्मों का 17 करोड़ 31 लाख 22 हजार रुपये बकाया है।