{"_id":"6499d5e5432af28b8c067828","slug":"anti-encroachment-campaign-between-protests-and-uproar-21-in-custody-amethi-news-c-96-1-ame1002-1030-2023-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: विरोध व हंगामे के बीच चला अतिक्रमण रोधी अभियान, 21 हिरासत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: विरोध व हंगामे के बीच चला अतिक्रमण रोधी अभियान, 21 हिरासत में
Mon, 26 Jun 2023 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 26 Jun 2023 11:46 PM IST
विज्ञापन
बाजार शुकुल थाने के लखनीपुर गांव का मामला, हाईकोर्ट में देना है रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
जगदीशपुर / शुुकुल बाजार (अमेठी)। लखनीपुर गांव में सोमवार को आरक्षित जमीन पर से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम को क्षेत्रीय लोगों के विरोध व हंगामे का सामना करना पड़ा। अतिक्रमण रोधी कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों को खदेड़ने के लिए पुलिस को सख्ती भी बरतना पड़ी। पुलिस ने कार्रवाई में बाधा डाल रहे 21 लोगों को हिरासत में लेकर मौके से हटाया। इसके बाद ही जेसीबी से सड़क बनाने के लिए अधिग्रहीत जमीन पर से अतिक्रमण हटवाया जा सका। कार्रवाई के बाद व्याप्त तनाव को देखते हुे गांव में पुलिस व पीएसी भी तैनात कर दी गयी है।
बाजार शुकुल के लखनीपुर गांव से गुजरने वाले सत्थिन-जगदीशपुर मार्ग निर्माण के लिए भूमि सुरक्षित की गई थी। इसके बगल खेत होने का फायदा उठाते हुए गांव के कई लोगों ने आरक्षित जमीन पर निर्माण कराकर अतिक्रमण कर लिया। गांव निवासी संजय उपाध्याय ने सड़क के सुरक्षित भूमि को कब्जामुक्त बनाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिला प्रशासन को इस संबंध में छह जुलाई को कोर्ट में अपनी रिपोर्ट भी दाखिल करना है। इसके दृष्टिगत ही सोमवार को सुबह एसडीएम सविता यादव, सीओ गौरव सिंह, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता आरके गुप्ता पुलिस फोर्स व राजस्व कर्मियों की टीम के साथ चिह्नित गांव पहुंचे। टीम ने सड़क के लिए आरक्षित जमीन को चिह्नित करने के बाद जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की तो क्षेत्रीय लोग विरोध में हंगामा करते हुए जेसीबी के सामने पहुंच गए।
काफी समझाने के बाद भी नाराज लोग विरोध प्रदर्शन पर डटे रहे। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए 21 लोगों को सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लेने के बाद आरक्षित जमीन को अतिक्रमण मुक्त बनवाया। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता आरके गुप्ता ने बताया कि इस मामले में उच्च न्यायालय ने वाद लंबित है। इस मामले में जमीन से कब्जा हटवाकर आगामी 6 जुलाई को इसकी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करना है। इस लिए कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सुरक्षित भूमि से अवैध कब्जा हटवाया गया है।
विज्ञापन
कब्जाधारक तीन बार कर चुके आत्मदाह की कोशिश
लखनीपुर गांव में सुरक्षित भूमि पर कब्जा करने वाले परिवार तीन बार आत्मदाह की कोशिश कर चुके हैं। अभी 31 मई को भी परिवार के लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के पास गोल्फ चौराहे के निकट आत्मदाह का प्रयास किया था। इसके चलते ही लखनीपुर चौराहे पर सड़क के नाम दर्ज जमीन पर अवैध कब्जे का विवाद पिछले 14 वर्षो से निस्तारित नहीं हो पा रहा है।
बच्चों को गोदी में लेकर हटाया
अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध के बीच महिला व पुरुष को जब हिरासत में लिया गया तो बच्चे रोने लगे। बच्चों की पीड़ा देख अन्य लोगों न भड़के इसके लिए महिला पुलिस कर्मियों ने बच्चों को गोदी में लेकर उनके माता-पिता के पास पहुंचाया। इतना ही नहीं बच्चों के लिए बिस्कुट व पानी का भी प्रबंध किया।
लखनीपुर में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध करने वाले 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सभी को शांतिभंग में पाबंद करते हुए उनका चालान एसडीएम कोर्ट भेजा जा रहा है। गांव में माहौल शांत है। सतर्कता के मद्देनजर फोर्स तैनात की गई है।
गौरव सिंह, सीओ मुसाफिरखाना
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जगदीशपुर / शुुकुल बाजार (अमेठी)। लखनीपुर गांव में सोमवार को आरक्षित जमीन पर से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम को क्षेत्रीय लोगों के विरोध व हंगामे का सामना करना पड़ा। अतिक्रमण रोधी कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों को खदेड़ने के लिए पुलिस को सख्ती भी बरतना पड़ी। पुलिस ने कार्रवाई में बाधा डाल रहे 21 लोगों को हिरासत में लेकर मौके से हटाया। इसके बाद ही जेसीबी से सड़क बनाने के लिए अधिग्रहीत जमीन पर से अतिक्रमण हटवाया जा सका। कार्रवाई के बाद व्याप्त तनाव को देखते हुे गांव में पुलिस व पीएसी भी तैनात कर दी गयी है।
बाजार शुकुल के लखनीपुर गांव से गुजरने वाले सत्थिन-जगदीशपुर मार्ग निर्माण के लिए भूमि सुरक्षित की गई थी। इसके बगल खेत होने का फायदा उठाते हुए गांव के कई लोगों ने आरक्षित जमीन पर निर्माण कराकर अतिक्रमण कर लिया। गांव निवासी संजय उपाध्याय ने सड़क के सुरक्षित भूमि को कब्जामुक्त बनाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिला प्रशासन को इस संबंध में छह जुलाई को कोर्ट में अपनी रिपोर्ट भी दाखिल करना है। इसके दृष्टिगत ही सोमवार को सुबह एसडीएम सविता यादव, सीओ गौरव सिंह, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता आरके गुप्ता पुलिस फोर्स व राजस्व कर्मियों की टीम के साथ चिह्नित गांव पहुंचे। टीम ने सड़क के लिए आरक्षित जमीन को चिह्नित करने के बाद जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की तो क्षेत्रीय लोग विरोध में हंगामा करते हुए जेसीबी के सामने पहुंच गए।
विज्ञापन
काफी समझाने के बाद भी नाराज लोग विरोध प्रदर्शन पर डटे रहे। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए 21 लोगों को सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लेने के बाद आरक्षित जमीन को अतिक्रमण मुक्त बनवाया। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता आरके गुप्ता ने बताया कि इस मामले में उच्च न्यायालय ने वाद लंबित है। इस मामले में जमीन से कब्जा हटवाकर आगामी 6 जुलाई को इसकी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करना है। इस लिए कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सुरक्षित भूमि से अवैध कब्जा हटवाया गया है।
विज्ञापन
कब्जाधारक तीन बार कर चुके आत्मदाह की कोशिश
लखनीपुर गांव में सुरक्षित भूमि पर कब्जा करने वाले परिवार तीन बार आत्मदाह की कोशिश कर चुके हैं। अभी 31 मई को भी परिवार के लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के पास गोल्फ चौराहे के निकट आत्मदाह का प्रयास किया था। इसके चलते ही लखनीपुर चौराहे पर सड़क के नाम दर्ज जमीन पर अवैध कब्जे का विवाद पिछले 14 वर्षो से निस्तारित नहीं हो पा रहा है।
बच्चों को गोदी में लेकर हटाया
अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध के बीच महिला व पुरुष को जब हिरासत में लिया गया तो बच्चे रोने लगे। बच्चों की पीड़ा देख अन्य लोगों न भड़के इसके लिए महिला पुलिस कर्मियों ने बच्चों को गोदी में लेकर उनके माता-पिता के पास पहुंचाया। इतना ही नहीं बच्चों के लिए बिस्कुट व पानी का भी प्रबंध किया।
लखनीपुर में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध करने वाले 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सभी को शांतिभंग में पाबंद करते हुए उनका चालान एसडीएम कोर्ट भेजा जा रहा है। गांव में माहौल शांत है। सतर्कता के मद्देनजर फोर्स तैनात की गई है।
गौरव सिंह, सीओ मुसाफिरखाना