{"_id":"60ef1fe98ebc3ecca45dbda2","slug":"allotment-disturbance-investigation-completed-report-will-be-given-to-dm-amethi-news-lko5869405141","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवंटन गड़बड़ी की जांच पूरी, डीएम को दी जाएगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवंटन गड़बड़ी की जांच पूरी, डीएम को दी जाएगी रिपोर्ट
विज्ञापन
गौरीगंज (अमेठी)। शाहगढ़ ब्लॉक के पलिया गांव के मौजूदा ग्राम प्रधान आशुतोष सिंह ने पूर्व प्रधान पर जिम्मेदारों की मिलीभगत से नियमों को दरकिनार कर कृषि योग्य भूमि आवंटन में भारी गड़बड़ी की शिकायत डीएम अरुण कुमार से की थी। शिकायत के बाद कमियों को छिपाने के लिए आननफानन राजस्व कर्मियों ने आवंटन का अंकन राजस्व अभिलेखों में करते हुए अपनी जिम्मेदारी पूरा कर ली।
शिकायत के बाद राजस्व अभिलेखों में अंकन की बात सार्वजनिक होने के बाद डीएम अरुण कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच का निर्देश देते हुए गौरीगंज एसडीएम संजीव कुमार की अगुवाई में टीम गठित की। गठित टीम ने मंगलवार व बुधवार को गांव पहुंचकर भूमि आवंटन करने वाली कमेटी के सदस्य व लाभार्थियों के बयान दर्ज किए।
जांच के दौरान पाया गया कि तत्कालीन एक ग्राम पंचायत सदस्य को छोड़ कर सभी आवंटन प्रस्ताव प्रक्रिया में शामिल थे। एक परिवार के अलग-अलग लोगों को आवंटन होने की बात तो मिली, लेकिन जांच में पाया गया कि सभी परिवार से अलग रहते हैं और उनके राशनकार्ड व परिवार रजिस्टर अलग-अलग हैं।
विज्ञापन
टीम ने शिकायत को निराधार बताते हुए कहा कि नियमानुसार आवंटन हुआ है। जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी जाएगी। अब अंतिम निर्णय डीएम स्तर पर लिया जाएगा।
ग्राम प्रधान आशुतोष सिंह ने बताया कि एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों को भूमि आवंटित करने में अंतिम हस्ताक्षर एसडीएम संजीव कुमार मौर्य के हैं। जांच में शामिल राजस्व कर्मी व एसडीएम की मिलीभगत से ही आवंटन में गड़बड़ी की गई है। ऐसे में एसडीएम को ही जांच अधिकारी बनाना समझ से परे है। आशुतोष ने कहा कि आवंटन की निष्पक्ष जांच कराने के लिए कोर्ट की शरण लेंगे।
विज्ञापन
शिकायत के बाद राजस्व अभिलेखों में अंकन की बात सार्वजनिक होने के बाद डीएम अरुण कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच का निर्देश देते हुए गौरीगंज एसडीएम संजीव कुमार की अगुवाई में टीम गठित की। गठित टीम ने मंगलवार व बुधवार को गांव पहुंचकर भूमि आवंटन करने वाली कमेटी के सदस्य व लाभार्थियों के बयान दर्ज किए।
विज्ञापन
जांच के दौरान पाया गया कि तत्कालीन एक ग्राम पंचायत सदस्य को छोड़ कर सभी आवंटन प्रस्ताव प्रक्रिया में शामिल थे। एक परिवार के अलग-अलग लोगों को आवंटन होने की बात तो मिली, लेकिन जांच में पाया गया कि सभी परिवार से अलग रहते हैं और उनके राशनकार्ड व परिवार रजिस्टर अलग-अलग हैं।
विज्ञापन
टीम ने शिकायत को निराधार बताते हुए कहा कि नियमानुसार आवंटन हुआ है। जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी जाएगी। अब अंतिम निर्णय डीएम स्तर पर लिया जाएगा।
ग्राम प्रधान आशुतोष सिंह ने बताया कि एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों को भूमि आवंटित करने में अंतिम हस्ताक्षर एसडीएम संजीव कुमार मौर्य के हैं। जांच में शामिल राजस्व कर्मी व एसडीएम की मिलीभगत से ही आवंटन में गड़बड़ी की गई है। ऐसे में एसडीएम को ही जांच अधिकारी बनाना समझ से परे है। आशुतोष ने कहा कि आवंटन की निष्पक्ष जांच कराने के लिए कोर्ट की शरण लेंगे।