{"_id":"673a4cf735ea92c96c0c06b4","slug":"after-seizing-800-accounts-of-vat-defaulters-now-preparations-for-attachment-amethi-news-c-96-1-gon1004-129636-2024-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: वैट के बकायेदार 800 खाते सीज करने के बाद अब कुर्की की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: वैट के बकायेदार 800 खाते सीज करने के बाद अब कुर्की की तैयारी
Mon, 18 Nov 2024 01:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 18 Nov 2024 01:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी सिटी। वैल्यू एडेड टैक्स यानी वैट के बकायेदार व्यापारियों के करीब 800 खाते राज्य कर विभाग के निर्देश पर सीज किए जा चुके हैं। वहीं बकाया वसूली के लिए अब बकायेदारों की संपत्ति की कुर्की की योजना बनाई गई है। जिसके लिए विभाग की ओर से व्यापारियों की संपत्ति का ब्योरा एकत्र किया जा रहा है।
देश में जीएसटी लागू होने से पहले वैट के रूप में वाणिज्य कर लगाया गया था। वहीं जुलाई 2017 में गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी को लागू कर दिया गया। ऐसे में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने बकाया वैट का भुगतान करना ही जरूरी नहीं समझा। जिसका असर है कि जिले के करीब 800 व्यापारियों के बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। जिसमें जिले के करीब 1799 व्यापारियों का करीब 51 करोड़ रुपये बकाया है।
इस तरह व्यापारियों के बैंक खातों के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाई गई है। जिसका असर है कि कई व्यापारियों ने बकाया कर जमा करने की कवायद शुरू कर दी है। इसी के साथ कई व्यापारियों ने जीएसटी में अपील भी दायर की है। जिसके तहत उनके बैंक खातों से रोक हटाई जा रही है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में व्यापारियों पर अभी तक असर नहीं हो रहा है। ऐसे में राज्य कर विभाग ने ज्यादा सख्ती के लिए कुर्की की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य कर विभाग जीएसटी के उपायुक्त अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि जिन व्यापारियों का वैट का बकाया है, वह धनराशि विभाग में अतिशीघ्र जमा करवा दें, अन्यथा संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
तिलोई व गौरीगंज में सर्वाधिक बकायेदार
राज्य कर विभाग की ओर से बकायेदारों की जो सूची जारी की गई है। उसमें तिलोई व गौरीगंज के सर्वाधिक बकायेदार हैं। तिलोई व गौरीगंज में करीब 306 बैंक खातों पर रोक लगाई गई है, जिसमें 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की बकाया धनराशि है। मुसाफिरखाना व अमेठी तहसील में करीब 6.65 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें 409 बैंक खातों पर रोक लगाई गई है।
3500 व्यापारियों को जारी की गई आरसी
जिले में करीब 3500 व्यापारियों से वसूली के लिए आरसी जारी की गई है। राज्य कर विभाग के कहने पर राजस्व विभाग की ओर से बकाया वसूली का कार्य किया जाना है। जिसमें अलग-अलग वर्षों के बकाया होने पर उन्हें अलग-अलग रिकवरी सर्टिफिकेट या आरसी जारी की गई है।
विज्ञापन
देश में जीएसटी लागू होने से पहले वैट के रूप में वाणिज्य कर लगाया गया था। वहीं जुलाई 2017 में गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी को लागू कर दिया गया। ऐसे में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने बकाया वैट का भुगतान करना ही जरूरी नहीं समझा। जिसका असर है कि जिले के करीब 800 व्यापारियों के बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। जिसमें जिले के करीब 1799 व्यापारियों का करीब 51 करोड़ रुपये बकाया है।
विज्ञापन
इस तरह व्यापारियों के बैंक खातों के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाई गई है। जिसका असर है कि कई व्यापारियों ने बकाया कर जमा करने की कवायद शुरू कर दी है। इसी के साथ कई व्यापारियों ने जीएसटी में अपील भी दायर की है। जिसके तहत उनके बैंक खातों से रोक हटाई जा रही है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में व्यापारियों पर अभी तक असर नहीं हो रहा है। ऐसे में राज्य कर विभाग ने ज्यादा सख्ती के लिए कुर्की की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य कर विभाग जीएसटी के उपायुक्त अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि जिन व्यापारियों का वैट का बकाया है, वह धनराशि विभाग में अतिशीघ्र जमा करवा दें, अन्यथा संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
तिलोई व गौरीगंज में सर्वाधिक बकायेदार
राज्य कर विभाग की ओर से बकायेदारों की जो सूची जारी की गई है। उसमें तिलोई व गौरीगंज के सर्वाधिक बकायेदार हैं। तिलोई व गौरीगंज में करीब 306 बैंक खातों पर रोक लगाई गई है, जिसमें 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की बकाया धनराशि है। मुसाफिरखाना व अमेठी तहसील में करीब 6.65 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें 409 बैंक खातों पर रोक लगाई गई है।
3500 व्यापारियों को जारी की गई आरसी
जिले में करीब 3500 व्यापारियों से वसूली के लिए आरसी जारी की गई है। राज्य कर विभाग के कहने पर राजस्व विभाग की ओर से बकाया वसूली का कार्य किया जाना है। जिसमें अलग-अलग वर्षों के बकाया होने पर उन्हें अलग-अलग रिकवरी सर्टिफिकेट या आरसी जारी की गई है।