{"_id":"698e16ee307843731705a552","slug":"advocates-stage-protest-at-tehsil-gate-work-stalled-amethi-news-c-96-1-ame1002-158683-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: तहसील गेट पर अधिवक्ताओं का धरना, कामकाज ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: तहसील गेट पर अधिवक्ताओं का धरना, कामकाज ठप
Thu, 12 Feb 2026 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 12 Feb 2026 11:37 PM IST
विज्ञापन
मुसाफिरखाना तहसील गेट पर धरना देते अधिवक्ता।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुसाफिरखाना। तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को बार अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील गेट पर धरना देकर आवागमन बाधित कर दिया। 30 दिसंबर से न्यायिक कार्य ठप होने के कारण तहसील परिसर में सन्नाटा पसरा है। इससे राजस्व कार्यों पर भी असर पड़ा है और अब तक करीब 12 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
धरने के चलते अधिकतर कार्यालयों में दिनभर ताला लटका रहा। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। सूची के अनुसार एसडीएम की अदालत में 15, एसडीएम न्यायिक में 68, तहसीलदार के यहां 29, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना में 27 और नायब तहसीलदार जगदीशपुर में 26 मुकदमे सुनवाई के लिए निर्धारित थे। आंदोलन के कारण बैनामा, नामांतरण समेत अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हैं। अधिवक्ता राजीव कुमार तिवारी, अश्विनी श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव, राजन सिंह, सतीश सिंह, केके सिंह और देव प्रकाश शर्मा सहित कई वकील धरने में शामिल रहे। अधिवक्ताओं ने मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। इससे फरियादियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
दो सौ से अधिक मुकदमों की नहीं हुई सुनवाई
तिलोई। अधिवक्ताओं ने एक साथी अधिवक्ता की पत्नी के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित कर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। इसके चलते विभिन्न अदालतों में करीब दो सौ से अधिक मुकदमों की सुनवाई नहीं हो सकी। उप जिलाधिकारी न्यायालय में 89, उप जिलाधिकारी न्यायिक में 99, तहसीलदार के यहां 37, तहसीलदार न्याय में 28, नायब तहसीलदार उत्तरी में 19 और नायब तहसीलदार दक्षिणी में 24 मुकदमे सूचीबद्ध थे। दूर-दराज से आए वादकारियों को निराश होकर लौटना पड़ा। महामंत्री सुरेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि शोक प्रस्ताव के कारण वकील कार्य से विरत रहे।
विज्ञापन
वादों की सुनवाई से रही चहल-पहल
अमेठी सिटी। गौरीगंज तहसील स्थित डीएम, एडीएम, एडीएम न्यायिक, डीडीसी चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, उपभोक्ता फोरम, एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट में बृहस्पतिवार को वादों की सुनवाई हुई। हालांकि किसी मामले में अंतिम आदेश पारित नहीं हुआ, लेकिन कई प्रकरणों में बहस पूरी की गई। कुछ मामलों में गवाहों को नोटिस जारी कर अगली तारीख पर तलब किया गया। कई दिनों बाद सुनवाई होने से तहसील परिसर में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही। वादकारी अगली तारीख लेकर लौटे।
विज्ञापन
धरने के चलते अधिकतर कार्यालयों में दिनभर ताला लटका रहा। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। सूची के अनुसार एसडीएम की अदालत में 15, एसडीएम न्यायिक में 68, तहसीलदार के यहां 29, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना में 27 और नायब तहसीलदार जगदीशपुर में 26 मुकदमे सुनवाई के लिए निर्धारित थे। आंदोलन के कारण बैनामा, नामांतरण समेत अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हैं। अधिवक्ता राजीव कुमार तिवारी, अश्विनी श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव, राजन सिंह, सतीश सिंह, केके सिंह और देव प्रकाश शर्मा सहित कई वकील धरने में शामिल रहे। अधिवक्ताओं ने मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। इससे फरियादियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन
दो सौ से अधिक मुकदमों की नहीं हुई सुनवाई
तिलोई। अधिवक्ताओं ने एक साथी अधिवक्ता की पत्नी के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित कर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। इसके चलते विभिन्न अदालतों में करीब दो सौ से अधिक मुकदमों की सुनवाई नहीं हो सकी। उप जिलाधिकारी न्यायालय में 89, उप जिलाधिकारी न्यायिक में 99, तहसीलदार के यहां 37, तहसीलदार न्याय में 28, नायब तहसीलदार उत्तरी में 19 और नायब तहसीलदार दक्षिणी में 24 मुकदमे सूचीबद्ध थे। दूर-दराज से आए वादकारियों को निराश होकर लौटना पड़ा। महामंत्री सुरेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि शोक प्रस्ताव के कारण वकील कार्य से विरत रहे।
विज्ञापन
वादों की सुनवाई से रही चहल-पहल
अमेठी सिटी। गौरीगंज तहसील स्थित डीएम, एडीएम, एडीएम न्यायिक, डीडीसी चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, उपभोक्ता फोरम, एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट में बृहस्पतिवार को वादों की सुनवाई हुई। हालांकि किसी मामले में अंतिम आदेश पारित नहीं हुआ, लेकिन कई प्रकरणों में बहस पूरी की गई। कुछ मामलों में गवाहों को नोटिस जारी कर अगली तारीख पर तलब किया गया। कई दिनों बाद सुनवाई होने से तहसील परिसर में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही। वादकारी अगली तारीख लेकर लौटे।