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निराश्रित व पालतू गोवंशों का होगा विशेष सर्वेक्षण
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अमेठी। निराश्रित गोवंशों की प्रतिदिन बढ़ती संख्या से परेशान शासन ने पालतू के साथ निराश्रित व आश्रय केंद्र पर संरक्षित गोवंशों का सर्वेक्षण कराने की योजना बनाई है। योजना के तहत डोर-टू-डोर पशु गणना करने के साथ ग्राम पंचायतवार रजिस्टर तैयार किया जाएगा।
शासन का निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन राजस्व कर्मियों व ब्लॉक कर्मियों की मदद से गो-आश्रय केंद्र में संरक्षित व गांवों में किसानों की ओर से पाले जा रहे गोवंशों की गणना कराएगा।
गणना के बाद डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान ग्राम पंचायतवार रजिस्टर तैयार कर किसान का नाम, मोबाइल नंबर, उसकी ओर से पाले गए गो-वंशों की संख्या, नर/मादा, चार माह तक के बछड़ों की संख्या दर्ज करते हुए पशुपालन विभाग की ओर से बधियाकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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गणना के बाद प्रत्येक तीसरे माह औचक निरीक्षण करते हुए पालकों व गो-आश्रय केंद्र में संरक्षित गोवंशों का सत्यापन करते हुए निराश्रित गोवंश छोड़ने वालों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्र पाठक ने शासन का पत्र मिलने व गोवंश की डोर-टू-डोर गणना कराने की पुष्टि करते हुए बताया कि इससे निराश्रित गोवंशों की संख्या में कमी आएगी तथा निराश्रित गोवंशों को सरंक्षित करने में सहूलियत मिलेगी।
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शासन का निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन राजस्व कर्मियों व ब्लॉक कर्मियों की मदद से गो-आश्रय केंद्र में संरक्षित व गांवों में किसानों की ओर से पाले जा रहे गोवंशों की गणना कराएगा।
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गणना के बाद डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान ग्राम पंचायतवार रजिस्टर तैयार कर किसान का नाम, मोबाइल नंबर, उसकी ओर से पाले गए गो-वंशों की संख्या, नर/मादा, चार माह तक के बछड़ों की संख्या दर्ज करते हुए पशुपालन विभाग की ओर से बधियाकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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गणना के बाद प्रत्येक तीसरे माह औचक निरीक्षण करते हुए पालकों व गो-आश्रय केंद्र में संरक्षित गोवंशों का सत्यापन करते हुए निराश्रित गोवंश छोड़ने वालों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्र पाठक ने शासन का पत्र मिलने व गोवंश की डोर-टू-डोर गणना कराने की पुष्टि करते हुए बताया कि इससे निराश्रित गोवंशों की संख्या में कमी आएगी तथा निराश्रित गोवंशों को सरंक्षित करने में सहूलियत मिलेगी।