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मत्स्य पालन के लिए चिन्हित हुए 729 तालाब
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गौरीगंज (अमेठी)। किसानों व मछुआ समुदाय के लोगों की आय दोगुनी करने के लिए जिला प्रशासन ने 729 तालाबों पर मत्स्य पालन कराने का निर्णय लिया है। 0.20 हेक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक वाले ऐसे तालाबों को चिह्नित कर आवंटन करने की कवायद चल रही है।
जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। मनरेगा के तहत खोदे गए तालाबों पर मत्स्य पालन कराने के लिए डीएम अरुण कुमार ने समुदाय के साथ ही व्यवसाय करने वाले इच्छुक लोगों से आवेदन लेकर मछली पालन के लिए तालाबों का आवंटन करने का निर्देश विभागीय अफसरों को दिया है।
डीएम ने मत्स्य पालन विभाग के अफसरों को संबंधित एसडीएम से समन्वय स्थापित कर आवंटन की प्रक्रिया पूर्णकर लाभार्थी को मत्स्य पालन कराने को कहा है। डीएम के आदेश पर विभाग की ओर से जिले के 729 ऐसे तालाब चिह्नित किए गए हैं जिनका क्षेत्रफल 0.20 हेक्टेयर से अधिक है। संबंधित एसडीएम की ओर से आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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डीएम ने बताया कि सामान्यत: किसान करीब एक हेक्टेयर भूमि पर गेहूं, धान व गन्ना आदि फसलों के उत्पादन पर 90 हजार से लेकर 1.5 लाख रुपये की वार्षिक आय कर पाते हैं जबकि इतनी ही भूमि पर तालाब में मछली पालन करने से उनकी वार्षिक आमदनी करीब ढाई लाख रुपये तक हो सकती है।
कहा कि शासन की नीति के अनुसार 0.20 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले तालाबों का राजस्व विभाग द्वारा मत्स्य पालन के लिए आवंटन करने का प्रावधान है। मत्स्य पालन से किसानों को रोजगार मिलने के साथ ही उनकी आय भी दोगुनी होगी।
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जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। मनरेगा के तहत खोदे गए तालाबों पर मत्स्य पालन कराने के लिए डीएम अरुण कुमार ने समुदाय के साथ ही व्यवसाय करने वाले इच्छुक लोगों से आवेदन लेकर मछली पालन के लिए तालाबों का आवंटन करने का निर्देश विभागीय अफसरों को दिया है।
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डीएम ने मत्स्य पालन विभाग के अफसरों को संबंधित एसडीएम से समन्वय स्थापित कर आवंटन की प्रक्रिया पूर्णकर लाभार्थी को मत्स्य पालन कराने को कहा है। डीएम के आदेश पर विभाग की ओर से जिले के 729 ऐसे तालाब चिह्नित किए गए हैं जिनका क्षेत्रफल 0.20 हेक्टेयर से अधिक है। संबंधित एसडीएम की ओर से आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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डीएम ने बताया कि सामान्यत: किसान करीब एक हेक्टेयर भूमि पर गेहूं, धान व गन्ना आदि फसलों के उत्पादन पर 90 हजार से लेकर 1.5 लाख रुपये की वार्षिक आय कर पाते हैं जबकि इतनी ही भूमि पर तालाब में मछली पालन करने से उनकी वार्षिक आमदनी करीब ढाई लाख रुपये तक हो सकती है।
कहा कि शासन की नीति के अनुसार 0.20 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले तालाबों का राजस्व विभाग द्वारा मत्स्य पालन के लिए आवंटन करने का प्रावधान है। मत्स्य पालन से किसानों को रोजगार मिलने के साथ ही उनकी आय भी दोगुनी होगी।