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24 गांवों के 72 किसानों ने रोपे 18 हजार पौधे
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गौरीगंज (अमेठी)। जिले में नमामि गंगे योजना के तहत गोमती नदी के किनारे बसे 24 गांवों का चयन किया गया है। चयनित गांवों में वर्षाकाल के दौरान प्रत्येक गांव में पांच-पांच हेक्टेयर भूमि पर 750-750 फलदार पौधे किसानों की निजी भूमि पर रोपे गए। जिन किसानों ने अपनी निजी भूमि पर पौधरोपण किया है उन्हें अनुरक्षण के लिए वन विभाग की ओर से अनुदान दिया जाएगा।
गोमती नदी के किनारे खाली पड़ी भूमि का उपयोग कर जिले को हरा-भरा रखने के लिए एग्रीकल्चर लैंड स्केप योजना के तहत किसानों की भूमि पर पौधरोपण कराया जा रहा है। नमामि गंगे योजना व फॉरेस्ट्री इंटरवेंशन फॉर गंगा के तहत वर्षा काल 2020 में प्रभागीय वनाधिकारी ने मुसाफिरखाना तहसील के 24 गांवों का चयन किया था।
चयनित सभी गांवों में तीन-तीन किसानों की निजी पांच-पांच हेक्टेयर भूमि पर 750-750 फलदार पौधे रोपित कराए गए हैं। रोपित पौधों को तैयार करने के लिए वन विभाग किसानों को अनुदान देगा। पौधरोपण के बाद वन विभाग पौधे के जीवित होने का सत्यापन कराएगा। इसके बाद अन्य किसानों को पौधरोपण व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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जल्द मिलेगा अनुदान : डीएफओ
प्रभागीय वनाधिकारी महेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि योजना में 120 हेक्टेयर भूमि पर 72 किसानों के सहयोग से 18 हजार पौधे रोपे गए हैं। रोपित पौधों के अनुरक्षण मद में किसानों को पहले वर्ष 125 रुपये, दूसरे वर्ष 30 रुपये, तीसरे व चौथे वर्ष 25-25 रुपये तथा पांचवें वर्ष 20 रुपये प्रति जीवित पौधे के अनुसार अनुदान राशि खाते में अंतरित की जाएगी। बताया कि रोपित पौधों में आम, अमरूद, आंवला व सागौन को शामिल किया गया है। जिससे किसानों को बाद में आमदनी भी हो।
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गोमती नदी के किनारे खाली पड़ी भूमि का उपयोग कर जिले को हरा-भरा रखने के लिए एग्रीकल्चर लैंड स्केप योजना के तहत किसानों की भूमि पर पौधरोपण कराया जा रहा है। नमामि गंगे योजना व फॉरेस्ट्री इंटरवेंशन फॉर गंगा के तहत वर्षा काल 2020 में प्रभागीय वनाधिकारी ने मुसाफिरखाना तहसील के 24 गांवों का चयन किया था।
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चयनित सभी गांवों में तीन-तीन किसानों की निजी पांच-पांच हेक्टेयर भूमि पर 750-750 फलदार पौधे रोपित कराए गए हैं। रोपित पौधों को तैयार करने के लिए वन विभाग किसानों को अनुदान देगा। पौधरोपण के बाद वन विभाग पौधे के जीवित होने का सत्यापन कराएगा। इसके बाद अन्य किसानों को पौधरोपण व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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जल्द मिलेगा अनुदान : डीएफओ
प्रभागीय वनाधिकारी महेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि योजना में 120 हेक्टेयर भूमि पर 72 किसानों के सहयोग से 18 हजार पौधे रोपे गए हैं। रोपित पौधों के अनुरक्षण मद में किसानों को पहले वर्ष 125 रुपये, दूसरे वर्ष 30 रुपये, तीसरे व चौथे वर्ष 25-25 रुपये तथा पांचवें वर्ष 20 रुपये प्रति जीवित पौधे के अनुसार अनुदान राशि खाते में अंतरित की जाएगी। बताया कि रोपित पौधों में आम, अमरूद, आंवला व सागौन को शामिल किया गया है। जिससे किसानों को बाद में आमदनी भी हो।