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नौ साल से बनकर खड़े 518 आवास, लाभार्थी कर रहे इंतजार

Thu, 12 Aug 2021 09:53 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 09:53 PM IST
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518 houses built before nine years, beneficiaries are still waiting
गौरीगंज (अमेठी)। मुसाफिरखाना व जायस नगर पंचायत क्षेत्र में वर्ष 2012 में निर्मित कांशीराम योजना के 518 आवास सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। आवास निर्माण पूर्ण होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आवास आवंटन के लिए अनुसूचित जाति के 518 लाभार्थी का चयन अब तक नहीं कर सके हैं।
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तत्कालीन बसपा सरकार ने वर्ष 2007-08 में नगर पंचायत मुसाफिरखाना व जायस को कांशीराम आवास योजना का बड़ा तोहफा दिया था। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र के भनौली गांव की लगभग दो एकड़ भूमि तो जायस नगरीय क्षेत्र में भूमि चिह्नित की गई।
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शासन ने भूमि चिह्नित होने के बाद आवास निर्माण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी थी। आवास निर्माण के लिए शासन स्तर से आवास विकास परिषद को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए धनराशि अवमुक्त की गई।
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कार्यदायी संस्था ने मुसाफिरखाना में 21 ब्लॉक में 250 आवास तो जायस में 298 का निर्माण शुरू किया। संस्था की ओर से 2012 में आवास का निर्माण कार्य भी पूरा करते हुए जिला नगरीय विकास अभिकरण को हैंडओवर भी कर दिया गया।
बावजूद इसके अब तक निर्मित आवासों को आवंटित करने के लिए लाभार्थियों की चयन प्रक्रिया पूरी नहीं होने से करोड़ों रुपये की लागत से तैयार कांशीराम आवास का गृह स्वामियों को इंतजार है।
आवंटन के पहले भवन जर्जर
आवासों के खिड़की-दरवाजे में लगे कांच शरारती तत्वों ने तोड़ दिए हैं। आवासों में पीने के पानी के लिए लगे पाइप व दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आवासों का प्लास्टर भी उधड़ने लगा है। सभी आवास ब्लॉक को जोड़ने के लिए बनी सड़क भी खस्ताहाल होने लगी है। इतना ही नहीं आवंटन नहीं होने से कई लोग अनाधिकृत तरीके से आवासों पर कब्जा भी जमाए हुए हैं।
चार वर्ष पूर्व लिए गए थे आवेदन
जिला प्रशासन ने वर्ष 2016 में अनुसूचित जाति के पात्र एससी लाभार्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगा था। बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन भी किया। बावजूद इसके विभागीय व प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही से अब तक चयन प्रक्रिया को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका। आलम यह है कि आवेदन करने वालों में से कई को पीएम आवास भी मिल चुका है।
सुविधाओं की कमी से उपजे हालात
परियोजना निदेशक डूडा उमाशंकर वर्मा ने बताया कि निर्मित कांशीराम आवास योजना में भवनों का विद्युतीकरण व पाइप पेय जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं हो सकी है। बिजली व पानी का प्रबंध कराने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। धनावंटन होते ही सुविधा की व्यवस्था करते हुए नियमानुसार अनुसूचित जाति के लाभार्थियों का चयन कर आवास आवंटित किया जाएगा।

जांच पूरी कर होगी कार्यवाही
डीएम अरुण कुमार ने बताया कि जल्दी ही वे योजना के तहत निर्मित आवास का निरीक्षण करेंगे। संबंधित अफसरों से आवंटन प्रक्रिया की जानकारी लेकर चयन प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा कराते हुए अवैध रूप से काबिज लोगों को आवास से बाहर किया जाएगा।
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