फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   34 schools refuse to get diphtheria vaccine

Amethi News: डिप्थीरिया का टीका लगवाने से 34 स्कूलों का इंकार, 3000 बच्चे छूटे

Sat, 18 Nov 2023 06:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sat, 18 Nov 2023 06:22 PM IST
विज्ञापन
34 schools refuse to get diphtheria vaccine
लापरवाही : स्वास्थ्य विभाग ने तैयार की सूची, शिक्षा विभाग के अफसरों से समन्वय स्थापित करने की कवायद
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी। बच्चों को डिप्थीरिया की बीमारी से बचाने के लिए चलाए गए दस दिवसीय अभियान में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 34 स्कूलों ने बच्चों का टीका लगवाने से ही इंकार कर दिया। इसके कारण 3000 बच्चे टीकाकरण से छूट गए। अब इस मामले की जानकारी अधिकारियों को दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने पहली नवंबर से दस नवंबर तक बच्चों को डिप्थीरिया से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया। इसके माध्यम से पांच वर्ष की उम्र के ऐसे बच्चे, जिनका पूर्व में किसी भी कारण से डीपीटी का टीका लगने से छूट गए थे, 10 वर्ष एवं 16 वर्ष की आयु पर लगने वाले टीडी के टीके से छूटे बच्चों का टीकाकरण किया जाना था। ऐसे बच्चों के लिए चलाए गए अभियान में 1946 स्कूलों में पढ़ रहे करीब 7 हजार बच्चों को डीपीटी व 26 हजार बच्चों को टीडी का टीका लगवाया जा चुका है।
विज्ञापन

इसके बाद भी अभियान के दौरान भादर में चार, भेटुआ में तीन, फुरसतगंज में छह, गौरीगंज में पांच, जगदीशपुर में दस, मुसाफिरखाना मेें तीन, शाहगढ़ में एक, सिंहपुर में दो स्कूलों ने बच्चों का टीकाकरण कराने से मना कर दिया। टीकाकरण के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों से वापस आ गई। अब जब अभियान की पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि हालांकि अभियान के दौरान लक्ष्य से अधिक बच्चों को टीका लगाया गया है लेकिन, 34 स्कूलोें नेे टीकाकरण कराने से मना कर दिया है। इससे यहां पर पढ़ रहे पांचवीं, दसवीं व 16 वर्ष की उम्र के करीब तीन हजार बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई है। अब इन बच्चों के घर-घर टीमों को भेजकर टीका लगवाया जाएगा।


इनसेट
क्या रही वजह
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो टीमें जब स्कूल पहुंची तो स्कूल संचालकों ने उच्चाधिकारियों का आदेश उन्हें न मिलने की जानकारी दी। इसके अलावा टीका लगवाने के लिए बच्चों के अभिभावकों से सहमति पत्र लेना अनिवार्य था। इसमें भी स्कूल प्रबंधन को समस्या हो रही थी। कई बार समझाया गया लेकिन, वे नहीं माने।

इनसेट
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी कहते हैं कि सभी स्कूलों को इस संबंध में आदेश दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी है। इसके क्रम में कार्रवाई की जा रही है। यहां पर दोबारा से कैंप लगाकर टीकाकरण कराया जाएगा।



इनसेट
बीमारी पर एक नजर
डिप्थीरिया संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है। इसे गलाघोंटू की बीमारी भी कहा जाता है। इसकी चपेट में अधिकतर बच्चे आते हैं। डिप्थीरिया बैक्टीरिया के इंफेक्शन से होता है। इस बीमारी में बैक्टीरिया सबसे पहले गले को नुकसान पहुंचाता है। इसके इंफेक्शन के असर से सांस नली में एक झिल्ली बन जाती है, जिसके कारण सांस लेने में समस्या होती है। इसके अलावा यह शरीर को कई तरह के नुकसान पहुंचाता है। डिप्थीरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है।

इनसेट
बीमारी के कारण

- डिप्थीरिया एक संक्रमण की बीमारी होती है। डिप्थीरिया के जीवाणु मरीज के मुंह, नाक और गले में रहते हैं।
- डिप्थीरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने और छींकने से आसानी से फैलता है।
- बारिश के मौसम में डिप्थीरिया सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इस समय इसके जीवाणु सबसे अधिक फैलते हैं।


लक्षण-

- डिप्थीरिया के लक्षण संक्रमण फैलने से दो से पांच दिनों में दिखाई देते हैं। स्किन का रंग नीला पड़ने लगता है।

- डिप्थीरिया संक्रमण फैलने पर सांस लेने में कठिनाई होती है। इसके अलावा गर्दन में सूजन हो सकती है। साथ ही गले में दर्द होता है।

- इसका संक्रमण फैलने के बाद बुखार रहने लगता है। इसके अलावा शरीर हमेशा बेचैन रहता है।

- डिप्थीरिया संक्रमण में खांसी आती है, साथ ही खांसते समय अलग तरह की आवाज आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed