{"_id":"65a1aa5e8046fc3817014a99","slug":"333-crime-victims-will-be-given-assistance-worth-rs-325-crore-amethi-news-c-96-1-ame1003-11952-2024-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: 333 अपराध पीड़ितों को पौने तीन करोड़ की दी जाएगी मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: 333 अपराध पीड़ितों को पौने तीन करोड़ की दी जाएगी मदद
Sat, 13 Jan 2024 02:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 13 Jan 2024 02:38 AM IST
विज्ञापन
अमेठी सिटी। एससी-एसटी वर्ग से संबंधित अपराध पीड़ितों को समाज कल्याण विभाग की ओर से करीब पौने तीन करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिसमें हत्या, दुष्कर्म, मारपीट आदि से संबंधित 179 मामलों में 333 पीड़ित शामिल हैं। अनुसूचित जाति व जनजाति से जुड़े मामलों में अपराध पीड़ितों को धनराशि शासन के निर्देश पर दी जाती है। दिसंबर व जनवरी माह की रिपोर्ट के आधार पर हत्या के तीन प्रकरण हैं। पीड़ित परिवार को 8.25 लाख रुपये, दुष्कर्म के 21 प्रकरणों में प्रत्येक में चार लाख धनराशि, 24 अन्य गंभीर अपराध हैं, जहां गुनाह की प्रकृति के अनुसार एक से दो लाख की धनराशि दी जाती है। सामान्य मारपीट व गालीगलौज के 141 मामले हैं, जहां एक लाख रुपये धनराशि की सहायता दी जाती है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश शर्मा के अनुसार, योजना में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस उपाधीक्षक की ओर से जांच की जाती है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संस्तुति मिलने के बाद आर्थिक सहायता का प्रस्ताव जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्राप्त होता है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रस्तावों का परीक्षण कर समिति के अनुमोदन पर भुगतान की कार्रवाई करता है। हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद व दुष्कर्म के मामले में सीएमओ की चिकित्सा रिपोर्ट के आधार पर आर्थिक सहायता की स्वीकृति व भुगतान किया जाता है। एफआईआर दर्ज होने पर प्रथम किस्त व चार्जशीट दाखिल होने के बाद द्वितीय किस्त का भुगतान किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश शर्मा के अनुसार, योजना में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस उपाधीक्षक की ओर से जांच की जाती है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संस्तुति मिलने के बाद आर्थिक सहायता का प्रस्ताव जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्राप्त होता है।
विज्ञापन
जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रस्तावों का परीक्षण कर समिति के अनुमोदन पर भुगतान की कार्रवाई करता है। हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद व दुष्कर्म के मामले में सीएमओ की चिकित्सा रिपोर्ट के आधार पर आर्थिक सहायता की स्वीकृति व भुगतान किया जाता है। एफआईआर दर्ज होने पर प्रथम किस्त व चार्जशीट दाखिल होने के बाद द्वितीय किस्त का भुगतान किया जाता है।
विज्ञापन