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Amethi News: डिजिटल होंगे 1570 परिषदीय स्कूल, 3140 शिक्षकों को मिलेंगे टैबलेट
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गौरीगंज (अमेठी)। जिले के 13 ब्लॉकों के 1570 परिषदीय स्कूलों को डिजिटल बनाया जाएगा। यहां के दो-दो शिक्षकों को टैबलेट दिया जाएगा। इससे शैक्षिक सूचनाओं को अपलाेड करने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी। इससे छात्रों को नवीनतम विषयों की जानकारी मिल सकेगी। पहले चरण में टैबलेट के लिए 100 स्कूलों का चयन किया गया है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में नौनिहालों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट परिषदीय स्कूलों में 1.69 लाख विद्यार्थी शैक्षिक सत्र 2023-24 में पंजीकृत हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए छात्र संख्या के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की गई है। वर्तमान में 4848 शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक पढ़ा रहे हैं।
अब स्कूलों को डिजिटल लर्निंग से जोड़ने की योजना पर काम शुरू किया गया है। योजना के तहत सभी 1570 परिषदीय स्कूलों में कार्यरत प्रधानाध्यापक व एक शिक्षक को टैबलेट दिया जाएगा। पहले चरण में 100 स्कूलों के 200 शिक्षकों को सितंबर तक टैबलेट उपलब्ध कराने की कवायद चल रही है। टैबलेट वितरित करने के बाद शिक्षकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे इसका बेहतर प्रयोग कर सकें।
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टैबलेट मिलने के बाद शिक्षकों व विद्यार्थियों की बायोमीट्रिक विधि से उपस्थिति दर्ज होगी। इससे उपस्थिति के नाम पर हो रही गड़बड़ी पर अंकुश लग सकेगा। इतना ही नहीं, एमडीएम समेत अन्य योजनाओं की फीडिंग होगी तो सूचनाओं का भी आदान-प्रदान ऑनलाइन समय में होगा। इसके अतिरिक्त टैबलेट का प्रयोग शैक्षिक गुणवत्ता, पठन-पाठन का माहौल, तकनीकी दक्षता, डिजिटल लर्निंग, वोकेशनल शिक्षा को बढ़ावा देने में भी किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों के डिजिटल होने के बाद शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
होगा चरणबद्ध वितरण
योजना के तहत सभी 1570 स्कूलों में कार्यरत 3140 शिक्षकों को टैबलेट वितरित होना है। टैबलेट आपूर्ति शासन स्तर से होनी है। उम्मीद है कि पहले चरण में चिह्नित स्कूलों में सितंबर माह तक टैबलेट का वितरण होगा तो शैक्षिक सत्र में ही सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापक व एक सहायक अध्यापक को टैबलेट मिलेगा। टैबलेट के बाद नियमानुसार प्रयोग करते हुए योजना का पारदर्शी तरीके से प्रभावी करते हुए शैक्षिक कार्य बेहतर बनाया जाएगा। - संजय तिवारी, बीएसए
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में नौनिहालों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट परिषदीय स्कूलों में 1.69 लाख विद्यार्थी शैक्षिक सत्र 2023-24 में पंजीकृत हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए छात्र संख्या के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की गई है। वर्तमान में 4848 शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक पढ़ा रहे हैं।
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अब स्कूलों को डिजिटल लर्निंग से जोड़ने की योजना पर काम शुरू किया गया है। योजना के तहत सभी 1570 परिषदीय स्कूलों में कार्यरत प्रधानाध्यापक व एक शिक्षक को टैबलेट दिया जाएगा। पहले चरण में 100 स्कूलों के 200 शिक्षकों को सितंबर तक टैबलेट उपलब्ध कराने की कवायद चल रही है। टैबलेट वितरित करने के बाद शिक्षकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे इसका बेहतर प्रयोग कर सकें।
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टैबलेट मिलने के बाद शिक्षकों व विद्यार्थियों की बायोमीट्रिक विधि से उपस्थिति दर्ज होगी। इससे उपस्थिति के नाम पर हो रही गड़बड़ी पर अंकुश लग सकेगा। इतना ही नहीं, एमडीएम समेत अन्य योजनाओं की फीडिंग होगी तो सूचनाओं का भी आदान-प्रदान ऑनलाइन समय में होगा। इसके अतिरिक्त टैबलेट का प्रयोग शैक्षिक गुणवत्ता, पठन-पाठन का माहौल, तकनीकी दक्षता, डिजिटल लर्निंग, वोकेशनल शिक्षा को बढ़ावा देने में भी किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों के डिजिटल होने के बाद शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
होगा चरणबद्ध वितरण
योजना के तहत सभी 1570 स्कूलों में कार्यरत 3140 शिक्षकों को टैबलेट वितरित होना है। टैबलेट आपूर्ति शासन स्तर से होनी है। उम्मीद है कि पहले चरण में चिह्नित स्कूलों में सितंबर माह तक टैबलेट का वितरण होगा तो शैक्षिक सत्र में ही सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापक व एक सहायक अध्यापक को टैबलेट मिलेगा। टैबलेट के बाद नियमानुसार प्रयोग करते हुए योजना का पारदर्शी तरीके से प्रभावी करते हुए शैक्षिक कार्य बेहतर बनाया जाएगा। - संजय तिवारी, बीएसए