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बिना खसरा सत्यापन बेच सकेंगे 100 क्विंटल धान
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गौरीगंज (अमेठी)। अब किसानों को 100 क्विंटल तक धान बेचने के लिए खसरे का सत्यापन नहीं कराना होगा। खसरा सत्यापन की बाध्यता सिर्फ 100 क्विंटल से ऊपर उपज बेचने वाले किसानों पर ही लागू होगी। किसानों ने शासन के इस निर्णय का स्वागत किया है।
शासन किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य मुहैया कराने की कोशिश में जुटा है। इस कोशिश का लाभ किसानों को मिल सके इसके लिए जिले में पांच खरीद एजेंसियों के 56 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसान आगामी एक नवंबर से अपने लिए नियत तिथि पर अपनी उपज बेच सकेंगे।
शासन ने इस वर्ष कॉमन धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। शासन की ओर से पहले जारी आदेश में कहा गया था कि क्रय केंद्रों पर उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा जिनका ऑनलाइन पंजीयन के बाद सत्यापन हो चुका होगा।
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पहलेे सभी किसानों के खसरे का सत्यापन कराने का आदेश जारी किया गया था। शासन के इस आदेश से किसान परेशान थे। उन्हें खसरा सत्यापित कराने के लिए लगातार तहसील की दौड़ लगानी पड़ रही थी। शासन ने किसानों की इस परेशानी को दूर करने के लिए पूर्व में जारी अपने आदेश में आंशिक परिवर्तन कर दिया है।
जारी नए आदेश में कहा गया है कि 100 क्विंटल तक धान बेचने वाले किसानों को अब खसरा सत्यापित कराने के लिए भागदौड़ नहीं करनी होगी। हालांकि अब भी केंद्र पर सभी श्रेणी के उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा जिनके नाम व बैंक अकाउंट सत्यापित होंगे।
पहले यह था आदेश
गौरतलब होगा कि पहले कोई भी किसान बिना रकबा सत्यापित कराए धान नहीं बेच सकते था। इस माह के प्रारंभ में शासन ने 50 क्विंटल तक धान बेचने वाले किसानों से रकबा सत्यापन की शर्त हटा दी थी। यही ढील बढ़ाकर अब 100 क्विंटल कर दी गई है।
इन किसानों को होगी परेशानी
शासन के इस आदेश का लाभ उन गांवों के किसानों को नहीं मिल सकेगा जिनके गांव चकबंदी प्रक्रिया में होंगे। इन गांवों के किसानों का धान चकबंदी संबंधी सर्टिफिकेट के ऑनलाइन सत्यापन के बाद ही खरीदा जा सकेगा।
देने होंगे सभी अभिलेख : डिप्टी आरएमओ
खरीद की नोडल एजेंसी विपणन शाखा के डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि किसानों को धान खरीद के दिन उन सभी अभिलेखों को क्रय केंद्र पर लाना होगा जो पंजीयन के दौरान ऑनलाइन किए गए होंगे। इन सभी अभिलेखों की एक प्रति केंद्र पर जमा करनी होगी।
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शासन किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य मुहैया कराने की कोशिश में जुटा है। इस कोशिश का लाभ किसानों को मिल सके इसके लिए जिले में पांच खरीद एजेंसियों के 56 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसान आगामी एक नवंबर से अपने लिए नियत तिथि पर अपनी उपज बेच सकेंगे।
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शासन ने इस वर्ष कॉमन धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। शासन की ओर से पहले जारी आदेश में कहा गया था कि क्रय केंद्रों पर उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा जिनका ऑनलाइन पंजीयन के बाद सत्यापन हो चुका होगा।
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पहलेे सभी किसानों के खसरे का सत्यापन कराने का आदेश जारी किया गया था। शासन के इस आदेश से किसान परेशान थे। उन्हें खसरा सत्यापित कराने के लिए लगातार तहसील की दौड़ लगानी पड़ रही थी। शासन ने किसानों की इस परेशानी को दूर करने के लिए पूर्व में जारी अपने आदेश में आंशिक परिवर्तन कर दिया है।
जारी नए आदेश में कहा गया है कि 100 क्विंटल तक धान बेचने वाले किसानों को अब खसरा सत्यापित कराने के लिए भागदौड़ नहीं करनी होगी। हालांकि अब भी केंद्र पर सभी श्रेणी के उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा जिनके नाम व बैंक अकाउंट सत्यापित होंगे।
पहले यह था आदेश
गौरतलब होगा कि पहले कोई भी किसान बिना रकबा सत्यापित कराए धान नहीं बेच सकते था। इस माह के प्रारंभ में शासन ने 50 क्विंटल तक धान बेचने वाले किसानों से रकबा सत्यापन की शर्त हटा दी थी। यही ढील बढ़ाकर अब 100 क्विंटल कर दी गई है।
इन किसानों को होगी परेशानी
शासन के इस आदेश का लाभ उन गांवों के किसानों को नहीं मिल सकेगा जिनके गांव चकबंदी प्रक्रिया में होंगे। इन गांवों के किसानों का धान चकबंदी संबंधी सर्टिफिकेट के ऑनलाइन सत्यापन के बाद ही खरीदा जा सकेगा।
देने होंगे सभी अभिलेख : डिप्टी आरएमओ
खरीद की नोडल एजेंसी विपणन शाखा के डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि किसानों को धान खरीद के दिन उन सभी अभिलेखों को क्रय केंद्र पर लाना होगा जो पंजीयन के दौरान ऑनलाइन किए गए होंगे। इन सभी अभिलेखों की एक प्रति केंद्र पर जमा करनी होगी।