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1.22 लाख किसानों ने अब तक नहीं कराई ई-केवाईसी
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03 : गौरीगंज : कार्यालय में पीएम किसान सम्मान निधि अंतरण की तैयारी में जुटे कर्मी। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अपील के बावजूद ई-केवाईसी नहीं करवाने वाले 1.20 लाख किसानों की अनुदान राशि बाधित होगी। 31 मई को शिमला से प्रधानमंत्री योजना की 11वीं किस्त के अंतरण का शुभारंभ करेंगे।
किसानों की आर्थिक परेशानी दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में किसान सम्मान योजना शुरू की थी। योजना से किसानों को लाभान्वित करते हुए सरकार एक वर्ष में तीन बार दो-दो हजार रुपये उनके खातों में भेज रही है। योजना के तहत जिले में 3,33,466 किसानों ने पंजीकरण कराया था। पंजीकृत किसानों में से 2,89,737 किसानों को जोड़ते हुए अनुदान राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई।
एक जनवरी को योजना की 10 किस्तें अंतरित करने के दौरान योजना में अपात्रों के लाभान्वित होने का मामला प्रकाश में आया तो जांच कराई गई। जांच में 2731 आयकर दाता, 542 मृतक व 1189 किसानों के गलत खाते में भुगतान, इनवैलिड आधार तथा अन्य कारणों से अपात्रों के लाभान्वित होने का मामला प्रकाश में आया।
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अपात्रों से रिकवरी के साथ ही अन्य अपात्रों को चिह्नित करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई। योजना के पात्रों को 11वीं किस्त का भुगतान बिना ई-केवाईसी नहीं करने का निर्देश मिलने के बाद विभाग लगातार किसानों को जागरूक कर ई-केवाईसी कराने की अपील कर रहा है। बावजूद इसके शनिवार तक 1,60,156 किसानों ने ही ई-केवाईसी कराई। 1,22,547 किसान ई-केवाईसी करवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
कृषि विभाग अब तक 1319 अपात्र किसानों को नोटिस जारी करने के साथ अन्य को नोटिस जारी करने में जुटा है। इस दौरान 256 अपात्रों से 21.02 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। 31 मई को शिमला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री सम्मान निधि की 11वीं किस्त के अंतरण का शुभारंभ करेंगे।
यह किसान होंगे योजना के अपात्र
उपनिदेशक कृषि सत्येंद्र सिंह चौहान ने बताया कि संस्थागत भूमि स्वामी, ऐसा कृषक परिवार, जिसमें एक या एक से अधिक निम्न श्रेणी के सदस्य हों। भूतपूर्व व वर्तमान समय में संवैधानिक पदों पर तैनात, सभी सेवानिवृत्त पेंशनर्स तथा जिनकी मासिक पेंशन 10 हजार रुपये हो।
आयकर दाता, चिकित्सक, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट अपात्र श्रेणी में आएंगे। इसके अलावा राज्यमंत्री, विधानसभा, राज्यसभा, राज्य परिषद, लोकसभा के वर्तमान या भूतपूर्व सदस्य, नगर पालिका, नगर पंचायत व नगर निगम के अध्यक्ष व महापौर अपात्र की श्रेणी में रखे गए हैं।
किसानों से की अपील
उपनिदेशक कृषि सत्येंद्र सिंह चौहान ने योजना से लाभान्वित किसानों से 30 मई तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की वेबसाइट पर ई-केवाईसी लिंक के माध्यम से अपने स्मार्ट फोन की मदद से ई-केवाईसी कराने की अपील की है। बताया कि लिंक पर क्लिक करने के बाद अपना आधार कार्ड व पैनकार्ड से साथ वांछित सूचना अपलोड कर केवाईसी पूर्ण की जा सकती है।
परेशानी की दशा में जन सेवा केंद्र के माध्यम से भी ई-केवाईसी करने की सुविधा किसानों को दी गई है। प्रत्येक दशा में किसानों से 30 मई तक ई-केवाईसी पूर्ण कराने की अपील करते हुए ई-केवाईसी नहीं होने से योजना से वंचित होने पर किसान की स्वयं की जिम्मेदारी की बात कही गई है।
सभी को लाभ दिलाने का प्रयास
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि योजना के तहत सोशल ऑडिट कैंप के जरिये पात्र शत-प्रतिशत किसानों को लाभ मिल सके इसके लिए लगातार डाटा में सुधार के साथ ई-केवाईसी कराने की अपील किसानों से की जा रही है। अब तक सोशल ऑडिट कैंप में 1,90,200 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। 30 जून तक शत-प्रतिशत किसानों की पात्रता का सत्यापन कर अपात्रों से रिकवरी व पात्रों को योजना में शामिल किया जाएगा।
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किसानों की आर्थिक परेशानी दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में किसान सम्मान योजना शुरू की थी। योजना से किसानों को लाभान्वित करते हुए सरकार एक वर्ष में तीन बार दो-दो हजार रुपये उनके खातों में भेज रही है। योजना के तहत जिले में 3,33,466 किसानों ने पंजीकरण कराया था। पंजीकृत किसानों में से 2,89,737 किसानों को जोड़ते हुए अनुदान राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई।
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एक जनवरी को योजना की 10 किस्तें अंतरित करने के दौरान योजना में अपात्रों के लाभान्वित होने का मामला प्रकाश में आया तो जांच कराई गई। जांच में 2731 आयकर दाता, 542 मृतक व 1189 किसानों के गलत खाते में भुगतान, इनवैलिड आधार तथा अन्य कारणों से अपात्रों के लाभान्वित होने का मामला प्रकाश में आया।
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अपात्रों से रिकवरी के साथ ही अन्य अपात्रों को चिह्नित करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई। योजना के पात्रों को 11वीं किस्त का भुगतान बिना ई-केवाईसी नहीं करने का निर्देश मिलने के बाद विभाग लगातार किसानों को जागरूक कर ई-केवाईसी कराने की अपील कर रहा है। बावजूद इसके शनिवार तक 1,60,156 किसानों ने ही ई-केवाईसी कराई। 1,22,547 किसान ई-केवाईसी करवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
कृषि विभाग अब तक 1319 अपात्र किसानों को नोटिस जारी करने के साथ अन्य को नोटिस जारी करने में जुटा है। इस दौरान 256 अपात्रों से 21.02 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। 31 मई को शिमला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री सम्मान निधि की 11वीं किस्त के अंतरण का शुभारंभ करेंगे।
यह किसान होंगे योजना के अपात्र
उपनिदेशक कृषि सत्येंद्र सिंह चौहान ने बताया कि संस्थागत भूमि स्वामी, ऐसा कृषक परिवार, जिसमें एक या एक से अधिक निम्न श्रेणी के सदस्य हों। भूतपूर्व व वर्तमान समय में संवैधानिक पदों पर तैनात, सभी सेवानिवृत्त पेंशनर्स तथा जिनकी मासिक पेंशन 10 हजार रुपये हो।
आयकर दाता, चिकित्सक, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट अपात्र श्रेणी में आएंगे। इसके अलावा राज्यमंत्री, विधानसभा, राज्यसभा, राज्य परिषद, लोकसभा के वर्तमान या भूतपूर्व सदस्य, नगर पालिका, नगर पंचायत व नगर निगम के अध्यक्ष व महापौर अपात्र की श्रेणी में रखे गए हैं।
किसानों से की अपील
उपनिदेशक कृषि सत्येंद्र सिंह चौहान ने योजना से लाभान्वित किसानों से 30 मई तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की वेबसाइट पर ई-केवाईसी लिंक के माध्यम से अपने स्मार्ट फोन की मदद से ई-केवाईसी कराने की अपील की है। बताया कि लिंक पर क्लिक करने के बाद अपना आधार कार्ड व पैनकार्ड से साथ वांछित सूचना अपलोड कर केवाईसी पूर्ण की जा सकती है।
परेशानी की दशा में जन सेवा केंद्र के माध्यम से भी ई-केवाईसी करने की सुविधा किसानों को दी गई है। प्रत्येक दशा में किसानों से 30 मई तक ई-केवाईसी पूर्ण कराने की अपील करते हुए ई-केवाईसी नहीं होने से योजना से वंचित होने पर किसान की स्वयं की जिम्मेदारी की बात कही गई है।
सभी को लाभ दिलाने का प्रयास
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि योजना के तहत सोशल ऑडिट कैंप के जरिये पात्र शत-प्रतिशत किसानों को लाभ मिल सके इसके लिए लगातार डाटा में सुधार के साथ ई-केवाईसी कराने की अपील किसानों से की जा रही है। अब तक सोशल ऑडिट कैंप में 1,90,200 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। 30 जून तक शत-प्रतिशत किसानों की पात्रता का सत्यापन कर अपात्रों से रिकवरी व पात्रों को योजना में शामिल किया जाएगा।